ना साथ, ना तलाक! पवन सिंह-ज्योति सिंह की ‘कन्फ्यूज्ड मैरिज’, आरा कोर्ट में फिर टली सुनवाई
आरा फैमिली कोर्ट में पवन सिंह और ज्योति सिंह के तलाक केस की सुनवाई एक बार फिर टल गई। दोनों के लगातार गैरहाजिर रहने से मामला अटका हुआ है, जिससे कोर्ट भी असमंजस में है।
आरा (Threesocieties.com Desk): भोजपुरी इंडस्ट्री के चर्चित स्टार पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच चल रहा तलाक मामला अब एक अजीब मोड़ पर आ गया है। न तो दोनों साथ रहने का फैसला कर पा रहे हैं और न ही अलग होने की प्रक्रिया पूरी हो पा रही है।
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मंगलवार को आरा फैमिली कोर्ट में इस केस की सुनवाई एक बार फिर टल गई, क्योंकि दोनों में से कोई भी कोर्ट में उपस्थित नहीं हुआ। लगातार तारीख पर तारीख मिलने से यह मामला अब कोर्ट के लिए भी सिरदर्द बनता जा रहा है।
कोर्ट में वही पुराना सीन, फिर मिली नई तारीख
आरा के फैमिली कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक बार फिर वही स्थिति देखने को मिली। केस लिस्टेड था, तारीख तय थी, लेकिन न पवन सिंह पहुंचे और न ही ज्योति सिंह। ऐसे में कोर्ट को मजबूरन अगली तारीख देनी पड़ी। यह पहली बार नहीं है—इससे पहले भी कई बार यही स्थिति बन चुकी है।
रिश्ते का ‘स्टेटस’ अब भी साफ नहीं
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर दोनों चाहते क्या हैं?
पवन सिंह कभी समझौते के मूड में नजर आते हैं
वहीं ज्योति सिंह अब भी शादी बचाने के पक्ष में खड़ी दिखती हैं
इस असमंजस ने केस को और उलझा दिया है।
तारीख पर तारीख, लेकिन नतीजा शून्य
इस केस में अब तक कई सुनवाई हो चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया है। कभी पवन सिंह कोर्ट आते हैं तो ज्योति सिंह गायब रहती हैं, और जब ज्योति पहुंचती हैं तो पवन सिंह नजर नहीं आते। यही वजह है कि मामला आगे बढ़ने के बजाय वहीं अटका हुआ है।
वकीलों ने बताई असली वजह
ज्योति सिंह के वकील विष्णुधर पांडे के मुताबिक, सबसे बड़ी समस्या दोनों का एक साथ कोर्ट में उपस्थित न होना है। जब तक दोनों पक्ष एक साथ पेश नहीं होंगे, तब तक सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकती।
शादी से विवाद तक की पूरी कहानी
पवन सिंह की पहली पत्नी नीलम सिंह का निधन हो चुका है। इसके बाद उन्होंने ज्योति सिंह से दूसरी शादी की है। शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के रिश्तों में खटास आ गई। मामला बढ़ते-बढ़ते कोर्ट तक पहुंच गया है।
अब अगली तारीख पर टिकी निगाहें
फिलहाल इस केस में सभी की नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं।
क्या दोनों किसी समझौते पर पहुंचेंगे?
या फिर तलाक की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी?
इन सवालों का जवाब अभी भविष्य के गर्भ में है। लेकिन फिलहाल इस रिश्ते का स्टेटस साफ है—‘ना साथ, ना तलाक… बस कन्फ्यूजन ही कन्फ्यूजन!’






