हेमंत कैबिनेट के 39 बड़े फैसले: DA बढ़ा, ‘अबुआ दवाखाना’ को मंजूरी, झारखंड भवन दिल्ली का किराया भी बदला
झारखंड कैबिनेट की बैठक में 39 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी मिली। सरकारी कर्मचारियों का DA बढ़ाया गया, ‘अबुआ दवाखाना’ योजना शुरू हुई, कलाकारों के लिए पेंशन योजना में बदलाव किया गया और नई दिल्ली स्थित झारखंड भवन के कमरों का किराया संशोधित किया गया।
रांची (Threesocieties.com Desk): सीएम Hemant Soren की अध्यक्षता में हुई झारखंड कैबिनेट बैठक में राज्यहित से जुड़े कुल 39 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी, नई स्वास्थ्य योजना “अबुआ दवाखाना”, जैविक खेती को बढ़ावा, कलाकारों के लिए पेंशन योजना, सेवानिवृत्त जजों के भत्तों में वृद्धि तथा नई दिल्ली स्थित झारखंड भवन के कमरों के किराये में बदलाव जैसे बड़े फैसले लिए गए।
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सरकारी कर्मचारियों को DA बढ़ोतरी का तोहफा
कैबिनेट ने सातवें वेतनमान के तहत राज्यकर्मियों और पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने को मंजूरी दी। इसके अलावा छठे वेतनमान में DA को 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत और पांचवें वेतनमान में 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत कर दिया गया। इस फैसले से राज्य के हजारों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
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‘अबुआ दवाखाना’ योजना से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती
सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए “अबुआ दवाखाना” योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत राज्य के 24 जिलों के 745 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में एकीकृत औषधि केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों में मरीजों को एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और सिद्धा पद्धति की दवाएं एक ही स्थान पर मुफ्त उपलब्ध कराई जाएंगी। सभी केंद्रों को मॉडल फार्मेसी आउटलेट की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
नई दिल्ली स्थित झारखंड भवन के किराये में बदलाव
सरकार ने नई दिल्ली के वसंत विहार स्थित झारखंड भवन और न्यू झारखंड भवन में कमरों के आरक्षण शुल्क में बड़ा बदलाव किया है।नए नियमों के तहत मंत्री, दर्जा प्राप्त मंत्री, राज्य मंत्री, उनके आप्त सचिव और झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश सरकारी या निजी कार्य से ठहरने पर पूरी तरह निःशुल्क सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। वहीं विधायक और पूर्व विधायक निजी कार्य से ठहरने पर मात्र 100 रुपये प्रतिदिन शुल्क देंगे।
आम लोगों के लिए नया शुल्क
आम नागरिकों और सिफारिश पर आने वाले लोगों के लिए किराया काफी बढ़ा दिया गया है—
1 से 3 दिन: 3000 रुपये प्रतिदिन
4 से 6 दिन: 4000 रुपये प्रतिदिन
7 दिन से अधिक: 5000 रुपये प्रतिदिन
सरकारी अधिकारियों और जजों के लिए अलग व्यवस्था
सरकारी कार्य से आने वाले जिला जज और सरकारी सेवक केवल 100 रुपये प्रतिदिन शुल्क देंगे। जबकि निजी कार्य से ठहरने पर उन्हें अवधि के अनुसार 750 रुपये से लेकर 2000 रुपये प्रतिदिन तक भुगतान करना होगा।
कलाकारों को हर महीने 4000 रुपये पेंशन
राज्य के वृद्ध, बीमार और दिव्यांग कलाकारों के लिए मासिक निवृत्तिका योजना में संशोधन किया गया है। अब पात्र कलाकारों को हर महीने 4000 रुपये आर्थिक सहायता मिलेगी। सामान्य स्थिति में योजना का लाभ 60 वर्ष की आयु के बाद मिलेगा, लेकिन गंभीर बीमारी या दिव्यांगता की स्थिति में उम्र की बाध्यता समाप्त कर दी गई है।
सेवानिवृत्त जजों के भत्तों में बढ़ोतरी
कैबिनेट ने झारखंड हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीशों और न्यायाधीशों के भत्तों में भी वृद्धि की मंजूरी दी। सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश को अब 65,000 रुपये प्रतिमाह, सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को 60,000 रुपये प्रतिमाह भत्ता घरेलू नौकर, ड्राइवर, मोबाइल, इंटरनेट और सुरक्षा सुविधाओं के लिए दिया जाएगा।
व्यापारियों को बड़ी राहत
सरकार ने पेट्रोल, डीजल और शराब विक्रेताओं को वैट रिटर्न दाखिल करने से राहत दी है। अब ऐसे खुदरा विक्रेताओं को JVAT-200 और JVAT-213 फॉर्म जमा नहीं करने होंगे। इस फैसले से कारोबारियों की कागजी प्रक्रिया और समय की बचत होगी।
आयुष्मान भारत योजना को मिला विस्तार
राज्य में संचालित आयुष्मान भारत और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को 30 सितंबर 2026 तक अवधि विस्तार देने का फैसला भी कैबिनेट में लिया गया।
जैविक खेती और कौशल विकास पर भी जोर
कैबिनेट बैठक में जैविक खेती, पशुपालन, कौशल विकास और प्रशासनिक सुधार से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। सरकार का दावा है कि इन फैसलों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के अवसरों को मजबूती मिलेगी
कैबिनेट के अन्य फैसले
अमिताभ कुमार गुप्ता, सेवानिवृत न्यायाधीश, झारखंड उच्च न्यायालय, रांची को लोकायुक्त के पद पर नियुक्त किए जाने की घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की गई।
जैविक खेती के प्रमाणीकरण की योजना के अंतर्गत तीन चरणों में वित्तीय वर्ष 2028-29 से 2030-31 कुल 1.05 लाख हेक्टेयर के लिए 37012.50 लाख (तीन अरब सत्तर करोड़ बारह लाख पचास हजार) मात्र की लागत पर योजना की स्वीकृति एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 (प्रथम चरण प्रथम वर्ष) के लिए 4287.50 लाख मात्र की विमुक्ति की स्वीकृति दी गई।
कामदा नंदन कुसम कुंवर सिंकू तकनीकी सलाहकार, रूपांकण अंचल आदित्यपुर, जमशेदपुर को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् कार्यपालक अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अंतर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।
दुमका हवाई अड्डा, दुमका से नियमित उड़ान सेवा प्रारंभ करने को लेकर हवाई अड्डा पर मेटरोलॉजिकल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, भारत सरकार के साथ एकरारनामा के प्रस्ताव तथा प्रारूप पर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति दी गई।
सुशील कुमार, सहायक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमण्डल, लोहरदगा को हाई कोर्ट के निर्देश के आलोक में सेवा में पुनर्बहाल करने की स्वीकृति दी गई।
अनिल कुमार सिन्हा, तत्कालीन प्रबंध निदेशक, गुमला-सिमडेगा केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड, को सेवा से बर्खास्तगी की सजा को परिवर्तित कर विभागीय कार्यवाही करने के बाद उनके पेंशन से 50 प्रतिशत की राशि की स्थाई रुप से कटौती के दंड की स्वीकृति दी गई।
मेडिकल कॉलेजों के जूनियर रेजिडेंट (एकेडमिक एवं नन एकेडमिक), इंटर्नस की वृत्तिका पुनरीक्षण एवं झारखंड चिकित्सा शिक्षा सेवा (नियुक्ति, प्रोन्नति एवं सेवाशत्त) (संशोधन) नियमावली, 2026 गठन की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत उद्यमी पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए व्यावसायिक बकरा बकरी पालन योजना के लिए कुल अनुमानित अनुदान की राशि तीस करोड़ रुपये की नई योजना के संचालन की स्वीकृति दी गई।
गिरिडीह के बगोदर-सरिया अनुमंडल में गठित अनुमंडलीय न्यायालय की स्थापना में अधीनस्थ कर्मचारियों / पदाधिकारियों के 20 (बीस) पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।
पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर अनुमंडल में गठित अनुमंडलीय न्यायालय की स्थापना में अधीनस्थ कर्मचारियों /पदाधिकारियों के 41 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।






