झारखंड में हेमंत का बड़ा मिशन: “कोई गरीब बेघर नहीं रहेगा”, महिलाओं को सोलर ट्रेनिंग और रोजगार का तोहफा

झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि गांवों में कोई भी परिवार आवासविहीन न रहे। अबुआ आवास योजना, पीएम आवास योजना और महिला स्वयं सहायता समूहों को सोलर ट्रेनिंग, पलाश मार्ट और रोजगार से जोड़ने पर सरकार का विशेष फोकस है।

झारखंड में हेमंत का बड़ा मिशन: “कोई गरीब बेघर नहीं रहेगा”, महिलाओं को सोलर ट्रेनिंग और रोजगार का तोहफा
गांवों में नहीं रहेगा कोई बेघर।

रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren ने ग्रामीण विकास को लेकर बड़ा विजन पेश करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि राज्य के गांवों में कोई भी परिवार आवासविहीन नहीं रहना चाहिए। जिन लोगों के पास घर नहीं है या जिनके कच्चे और जर्जर मकान रहने योग्य नहीं हैं, उनकी पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द सरकारी आवास योजनाओं का लाभ दिया जाए।

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अबुआ आवास और पीएम आवास योजना में तेजी लाने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि अबुआ आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर आवास योजना के कार्यान्वयन में तेजी लाई जाए ताकि जरूरतमंद परिवारों तक जल्द लाभ पहुंच सके। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों और 2026-27 की कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायतों को और अधिक सशक्त बनाने पर भी जोर दिया।

महिलाओं को सोलर पावर उत्पादन का प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष फोकस करते हुए कहा कि अब महिलाएं केवल खेती तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें सोलर पावर उत्पादन जैसे आधुनिक क्षेत्रों से भी जोड़ा जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिलाओं को सोलर ऊर्जा से संबंधित प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और आय का नया अवसर दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी।

पांच हजार नए सखी मंडल होंगे गठित

बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि जेएसएलपीएस के तहत राज्य में पांच हजार नए सखी मंडलों के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके जरिए करीब 60 हजार परिवारों को जोड़ा जाएगा। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों के विकास के लिए बैंकों से पांच हजार करोड़ रुपये ऋण उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। सरकार का लक्ष्य करीब ढाई लाख नई महिलाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़ना है।

दूसरे राज्यों तक पहुंचेगा ‘पलाश मार्ट’

मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए जा रहे उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि दूसरे राज्यों के प्रमुख शहरों और पर्यटन स्थलों पर भी पलाश मार्ट जैसे बिक्री केंद्र स्थापित किए जाएं। अधिकारियों ने बताया कि कांके रोड स्थित नया पलाश मार्ट भवन निर्माण अंतिम चरण में है। इसके अलावा इस वर्ष छह और पलाश मार्ट बनाए जाने की योजना है। आने वाले समय में राज्य के सभी जिलों में पलाश मार्ट खोलने की तैयारी है।

जूट प्रोसेसिंग और मधु उत्पादन पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि जूट प्रोसेसिंग से जुड़ी महिला समूहों के लिए रॉ-मटेरियल, मार्केटिंग और तकनीकी प्रशिक्षण को लेकर विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने आधुनिक तकनीक और नवाचार आधारित प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया। इसके साथ ही मधु उत्पादन (हनी प्रोडक्शन) के क्षेत्र में अपार संभावनाओं को देखते हुए अधिक उत्पादन वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर योजनाबद्ध तरीके से काम करने का निर्देश दिया गया।

मंइयां सम्मान और दिव्यांग महिलाओं को भी जोड़ने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंइयां सम्मान योजना से जुड़ी महिलाएं, दिव्यांग महिलाएं, वृद्ध महिलाएं और विधवा महिलाओं को भी स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि:

स्वयं सहायता समूहों को बैंक से लिंकेज कराया जाए।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में “दीदी कैफे” शुरू किए जाएं।
जल संरक्षण और वाटर मैनेजमेंट सिस्टम में ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाई जाए।
लिफ्ट इरीगेशन परियोजनाओं की सफलता के लिए जल संचय पर विशेष ध्यान दिया जाए।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव मनोज कुमार, मनरेगा आयुक्त मृत्युंजय कुमार वर्णवाल और जेएसएलपीएस के अनन्य मित्तल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।