रांची: मां की डांट से नाराज होकर भाई को लेकर भागी 10 साल की रोशनी, 48 घंटे बाद चंगाई सभा में मिली…

रांची के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र से लापता हुए 10 वर्षीय रोशनी कुमारी और उसके छोटे भाई ध्रुवाश महतो को पुलिस ने 48 घंटे के भीतर तुपुदाना के चांद गांव स्थित चंगाई प्रार्थना सभा से सकुशल बरामद कर लिया। मां की डांट से नाराज होकर दोनों घर छोड़कर चले गए थे। CCTV फुटेज और कई टीमों की मदद से पुलिस ने बच्चों को खोज निकाला।

रांची: मां की डांट से नाराज होकर भाई को लेकर भागी 10 साल की रोशनी, 48 घंटे बाद चंगाई सभा में मिली…
रांची पुलिस की मेहनत लाई रंग।

रांची (Threesocieties.com Desk): राजधानी रांची के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र से लापता हुए मासूम भाई-बहन को पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। यह मामला सिर्फ बच्चों के गायब होने का नहीं, बल्कि पारिवारिक तनाव, मासूम मानसिकता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई का भी उदाहरण बन गया।

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दोनों बच्चे तुपुदाना ओपी क्षेत्र के चांद गांव में चल रही चंगाई प्रार्थना सभा में मिले, जहां वे पिछले तीन दिनों से रह रहे थे। बच्चों के मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली।

मां की डांट से नाराज होकर छोड़ दिया घर

जानकारी के अनुसार पटेल नगर सेक्टर-1 पानी टंकी के पास किराये के मकान में रहने वाले चिरंजीव महतो की 10 वर्षीय बेटी रोशनी कुमारी और छह वर्षीय बेटा ध्रुवाश महतो सोमवार दोपहर अचानक घर से लापता हो गए थे। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन दोनों का कोई पता नहीं चला। इसके बाद पिता ने जगन्नाथपुर थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। परिवार के अनुसार किसी बात को लेकर मां ने रोशनी को डांट दिया था। इसी बात से नाराज होकर वह अपने छोटे भाई को साथ लेकर घर से निकल गई।

कई थानों की टीम बनाकर शुरू हुई तलाश

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तुरंत एक्टिव हो गई। हटिया डीएसपी नीरज कुमार के नेतृत्व में डोरंडा, धुर्वा, जगन्नाथपुर, डेली मार्केट और तुपुदाना थाना क्षेत्र के पुलिसकर्मियों की अलग-अलग टीम बनाई गई। पुलिस ने हटिया रेलवे स्टेशन, बिरसा चौक और आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगालने शुरू किए।

घंटों की जांच के बाद दोनों बच्चे बिरसा चौक से हवाई नगर, सिंह मोड़ और हटिया की ओर जाते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने तुपुदाना क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया। आखिरकार बुधवार दोपहर करीब दो बजे दोनों बच्चों को चांद गांव में चल रही चंगाई प्रार्थना सभा से सकुशल बरामद कर लिया गया।

बच्चों को देखते ही रो पड़े माता-पिता

पुलिस टीम बच्चों के माता-पिता को भी अपने साथ लेकर गई थी। सभा स्थल पर पहुंचते ही माता-पिता ने बच्चों को पहचान लिया। वहीं बच्चों ने भी परिजनों को देखते ही उनसे लिपटकर रोना शुरू कर दिया। इस भावुक दृश्य को देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए। इसके बाद पुलिस दोनों बच्चों को लेकर जगन्नाथपुर थाना पहुंची।

तीन दिन तक चंगाई सभा में ही रहे दोनों

पूछताछ में रोशनी ने बताया कि उसे चांद गांव में लगने वाली चंगाई सभा का रास्ता याद था, क्योंकि उसकी मां वहां अक्सर जाती थी।इसी वजह से वह अपने छोटे भाई को लेकर पैदल ही घर से निकल गई। दोनों बच्चे बिरसा चौक से खूंटी रोड की ओर पैदल चलते रहे। रास्ते में जहां पानी मिला, वहीं पिया और लोगों ने जो खाने को दिया, उसी से पेट भरा। धीरे-धीरे चलते हुए दोनों शाम तक चांद गांव पहुंच गए। वहां सभा में खाना खाने के बाद दोनों टेंट के पास ही सो गए। अगले दिन भी वे वहीं खेलते-कूदते और खाना खाते रहे। भीड़ अधिक होने के कारण किसी को उन पर विशेष संदेह नहीं हुआ।

बच्चों ने बताई थी दूसरी कहानी

चंगाई सभा के संचालक पास्टर वीरेंद्र कुजूर ने बताया कि सोमवार शाम दोनों बच्चे अकेले वहां पहुंचे थे। पूछताछ में बच्चों ने कहा था कि उनके माता-पिता नहीं हैं और वे नानी के यहां रहते हैं। बच्चों ने अपना सही पता नहीं बताया, इसलिए वहां मौजूद लोगों को लगा कि दोनों आसपास के गांव के बच्चे हैं। सभा में मौजूद आशीष तिर्की ने बताया कि दोनों बच्चे लगातार वहीं खेलते और खाना खाते रहे। पुलिस जब वहां पहुंची तो दोनों बच्चे छिपने की कोशिश करने लगे।

पहले भी घर से निकल चुकी है रोशनी

परिजनों ने बताया कि वर्ष 2023 में भी रोशनी घर से निकलकर भटक गई थी। उस समय उसे डोरंडा थाना क्षेत्र के मनीटोला इलाके से बरामद किया गया था। बच्चों के पिता चिरंजीव महतो ने बताया कि मां की डांट-फटकार से बच्चे मानसिक रूप से परेशान हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को प्यार और समझदारी से संभालने की जरूरत है।

पुलिस की सक्रियता की हो रही सराहना

इस पूरे मामले में रांची पुलिस की सक्रियता और संवेदनशीलता की जमकर सराहना हो रही है। लगातार CCTV फुटेज खंगालना, अलग-अलग टीमों का गठन और त्वरित सर्च ऑपरेशन ही बच्चों तक पहुंचने की सबसे बड़ी वजह बना।