Advertisement
  • एमपी व उनकी कंपनी के ठिकानों से बरामद हुए थे 353 करोड़ रुपये
  • पांच दिनों तक चली थी नोटों की गिनती

नई दिल्ली। कांग्रेस के राज्यसभा एमपी धीरज प्रसाद साहू ने इनकम टैक्स की रेड में बरामद हुए 353 करोड़ रुपये के मामले में अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने माना है कि यह राशि उनकी फर्मों की है।

ADVERTISEMENT

यह भी पढ़ें:Uttar Pradesh: नाबालिग से रेप में बीजेपी MLA रामदुलार गोंड को 25 साल की सजा

राज्यसभा एमपी धीरज साहू ने उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई को इंटरव्यू देते देते हुए इनकम टैक्स की रेड को लेकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि आज जो हो रहा है, वह मुझे दुखी करता है। मैं स्वीकार कर सकता हूं कि जो पैसा बरामद किया गया है, वह मेरी फर्म का है... जो कैश बरामद की गई है, वह मेरी शराब फर्मों से संबंधित है। उन्होंने कहा कि यह शराब की बिक्री से जुड़ी हुई है। इस पैसे का कांग्रेस या किसी अन्य राजनीतिक दल से कोई लेना-देना नहीं है, जैसा कि कहा जा रहा है।


मेरे दिल में काफी चोट पहुंची 
धीरज साहू ने स्पष्ट करते हुए कहा कि यह सारा पैसा मेरा नहीं है, यह मेरे फैमिली और अन्य संबंधित फर्मों का है... अब इनकम टैक्स ने रेड मारा है, मैं हर चीज का हिसाब दूंगा। उन्होंने सबसे पहले अपने बैकग्राउंड की जानकारी देते हुए कहा कि मैं तकरीबन 30-35 साल से सक्रिैय राजनीति में हूं और यह पहली ऐसी वारदात हुई मेरे साथ में... जिससे मेरे दिल में काफी चोट पहुंची है।एमपी ने कहा कि मैं हमेशा से चाहता था कि मेरे ऊपर कोई विवाद न हो, लेकिन अब विवाद खड़ा हो गया है तो मैं अपने और अपने फैमिली के बारे में जानकारी देना चाहता हूं।
काफी बुरा लग रहा 
धीरज साहू ने अपने भाई का जिक्र करते हुए कहा कि हम लोगों ने काफी विकास का काम किया है। चाहे वो रांची हो, लोहरदगा हो या अन्य जगह हो... ओडिशा हो जगह-जगह हमने काफी कुछ किया है। उन्होंने कहा कि हमारे पिताजी स्व. राय साहब बलदेव साहू ने भी काफी समाज सेवा का काम किया। कॉलेज-स्कूल खोले हैं। हम लोगों ने भी काम किया है, जो हमारे साथ हुआ, उससे काफी बुरा लग रहा है।धीरज साहू ने कहा कि मैं दावे के साथ कह सकता हूं, जो भी पैसा पकड़ाया है, वो मेरी फर्म का पैसा है। हम लोगों को शराब के बिजनस में 100 साल से ऊपर हो चुका है, उसकी सारी जानकारी में आपको दे रहा हूं। इन सौ वर्षों में हमने काफी कुछ किया है, काफी रेवेन्यू दिया है आज इस तरह से हो रहा है तो काफी आहत हूं। मैं चाहता हूं कि अपनी तरफ से खुलासा कर दूं, लोगों के सामने जानकारी आए।

बिजनेस मेरे फैमिली के लोग ही देखते

कांग्रेस एमपी ने कहा कि मैं दिल्ली में ही था, आप लोगों से मिलना चाहता था, कुछ परिस्थितियां ऐसी हो गई थी। मुझे लोगों के सामने आने में शर्म आ रही थी। मैं राजनीति छोड़कर के अपने बिजनेस में भी ज्यादा ध्यान नहीं देता था। बिजनेस मेरे फैमिली के लोग ही देखते बीच-बीच में मैं उनसे थोड़ा बहुत पूछता रहता था। राज्यसभा एमपी ने अपनी फर्मों और रिश्तेदारों की कंपनी के नामों की जानकारी दी। उन्होंने इनकम टैक्स की रेड में जहां से कैश बरामद नहीं हुआ उसका भी जिक्र किया। कहा कि कुछ बातों की जानकारी उनके परिवारजन अपने लेवल पर देंगे। वहीं, कहा कि आगे भी वे कई बातों की जानकारी देंगे। 

एक सौ साल से शराब का बिजनस

धीरज साहू ने कहा कि मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि जो पैसा बरामद किया गया है वो मेरे फर्म का पैसा है। हम लोग लगभग एक सौ साल से शराब के बिजनस में हैं। इन सौ सालों में हमने सरकार को काफी रेवेन्यू दिया है। मैं चाहता हूं कि अपनी तरफ से इसका खुलासा कर दूं। उन्होंने कहा किह मारा बहुत बड़ा परिवार है। हम लोग कुल छह भाई हैं। सभी के बच्चे बिजनेस से जुड़े हैं। हमारा बिजनेस लगभग 100 साल पुराना है। कैश जो पकड़ा गया है वो हमारे शराब सेजुड़ी फर्मों का है। शराब बिजनस में सारा सेल कैश पर होता है, जो भी पैसा पकड़ा गया है वो शराब के सेल का है। इस पैसे का संबंध कांग्रेस या किसी और पार्टी से नहीं है। यह पूरी तरह से हमारी कंपनी का पैसा है।'

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने धीरज साहू सेजुड़े ठिकानों पर तीन स्टेट में रेड की थी। रेड के दौरान कैश से भरे 176 बैग बरामद किए गए। इस दौरान 351 करोड़ रुपये और तीन किलो सोना बरामद हुआ था। लगभग 40 नोट गिननेवाली मशीनें इन कैश को पांच दिनों तक गिनती रहीं। गिनती के बाद यह खुलासा हुआ कि कांग्रेस एमपी व उनकी कंपनी के ठिकानों से 353 करोड़ रुपये बरामद किये गये हैं। कई दिनों तक चली इस रेड के दौरान आईटी को धीरज साहू की चल-अचल संपत्ति से जुड़े कागजात व व्यवसाय से जुड़े दस्तावेज की बरामदगी हुई है।  जब्त दस्तावेजों की अब आयकर विभाग जांच करेगा।