बिहार में BJP का ‘राज’, सम्राट चौधरी बनेंगे मुख्यमंत्री, विजय चौधरी व विजेंद्र यादव होंगे डिप्टी सीएम
बिहार में बड़ा राजनीतिक बदलाव, नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद सम्राट चौधरी होंगे नए मुख्यमंत्री। कल शपथ ग्रहण में सिर्फ तीन नेता लेंगे शपथ, मई में होगा कैबिनेट विस्तार।
पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार की राजनीति में मंगलवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इसके तुरंत बाद भाजपा ने तेजी से कदम उठाते हुए सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुना और अब वे राज्य के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।
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NDA विधानमंडल दल का नेता चुने जाने पर श्री @samrat4bjp जी को माननीय @NitishKumar जी ने पुष्पहार पहनाकर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
— BJP Bihar (@BJP4Bihar) April 14, 2026
यह विश्वास और सम्मान, सशक्त नेतृत्व के साथ बिहार को नई गति देने का संकेत है।#NDA4Bihar pic.twitter.com/Z1t23YcuRU
बताया जा रहा है कि बुधवार (15 अप्रैल) को राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा, जहां सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। यह बिहार के इतिहास में पहली बार होगा जब भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनेगी।

शपथ ग्रहण में सिर्फ तीन चेहरे, दो डिप्टी CM भी तय
नई सरकार के पहले चरण में केवल तीन नेता ही शपथ लेंगे। इनमें शामिल हैं:
सम्राट चौधरी – मुख्यमंत्री भाजपा
बिजेंद्र प्रसाद यादव – उपमुख्यमंत्री, जदयू
विजय कुमार चौधरी – उपमुख्यमंत्री,जदयू
सूत्रों के अनुसार, मंत्रिमंडल का विस्तार मई के पहले सप्ताह में किया जाएगा, जिसमें अन्य मंत्रियों को शामिल किया जाएगा।
बीजेपी व NDA विधायक दल की बैठक में हुआ फैसला
पटना स्थित भाजपा कार्यालय में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में विधायक दल की बैठक हुई। इस बैठक में डिप्टी सीएमसम्राट चौधरी को दोबारा विधायक दल का नेता चुना लिया गया। दूसरे डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा था। इसके बाद विधानमंडल के सेंट्रल हॉल में एनडीए के विधायकों की संयुक्त बैठक में भाजपा के नेता सम्राट चौधरी के नाम का अनुमोदन किया गया। वहां भी उन्हें नेता चुन लिया गया।
बुधवार को सम्राट लेंगे शपथ
इस दौरान नीतीश कुमार ने सम्राट को माला पहनाकर स्वागत किया, वहीं सम्राट चौधरी ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। फिर सम्राट ने राज्यपाल के पास जाकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। सम्राट चौधरी की अगुवाई में नई सरकार बुधवार की सुबह 11 बजे लोक भवन (राजभवन) में शपथ लेगी। इससे पहले जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने मंगलवार दोपहर को लगभग सवा 3 बजे राज्यपाल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा सौंपा। इससे पहले उन्होंने अपने कार्यकाल की आखिरी कैबिनेट की बैठक की।
सभी वर्गों के लिए काम किया: नीतीश कुमार
इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर अपने कार्यकाल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2005 से अब तक सरकार ने सभी वर्गों- हिंदू, मुस्लिम, सवर्ण, पिछड़े, अति पिछड़े, दलित और महादलित के विकास के लिए काम किया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और कृषि समेत हर क्षेत्र में प्रगति हुई है।
सम्राट चौधरी ने बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व का जताया आभार
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी और सहयोगियों ने उन पर जो भरोसा जताया है, उसके लिए वे सभी के प्रति आभारी हैं। इस अहम बैठक में विनोद तावड़े और बीएल संतोष जैसे वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। सभी की सहमति से लिए गए इस फैसले को बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
नीतीश ने पहनाई माला
भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद एनडीए की बैठक में भी सम्राट चौधरी के नाम पर सहमति बनी। इस दौरान खुद नीतीश कुमार ने उन्हें माला पहनाकर नेतृत्व सौंपा। यह तस्वीर बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है, जहां सत्ता का नेतृत्व अब भाजपा के हाथों में चला गया है।
इस्तीफे से लेकर सरकार गठन तक का पूरा घटनाक्रम
सुबह: नीतीश कुमार ने कैबिनेट की आखिरी बैठक की
दोपहर: मंत्रिमंडल भंग करने की सिफारिश
शाम: राज्यपाल को इस्तीफा सौंपा
इसके बाद: भाजपा विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी चुने गए
एनडीए की बैठक में अनुमोदन
रात: राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश
राजनीतिक समीकरण बदले, BJP की रणनीतिक चाल
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद यह बदलाव भाजपा की बड़ी रणनीतिक चाल के रूप में देखा जा रहा है। सम्राट चौधरी, जो पहले उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं, अब प्रमोट होकर मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। वहीं जदयू के वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी को डिप्टी सीएम बनाकर गठबंधन संतुलन साधने की कोशिश की गई है।
अनुभव और संगठन का मिला इनाम
सम्राट चौधरी लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़े रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष से लेकर उपमुख्यमंत्री तक की भूमिका निभा चुके हैं। उनके अनुभव और संगठन पर पकड़ को देखते हुए पार्टी ने उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
मई में होगा कैबिनेट विस्तार
फिलहाल छोटी कैबिनेट के साथ सरकार की शुरुआत होगी। लेकिन मई के पहले सप्ताह में बड़े स्तर पर मंत्रिमंडल विस्तार किया जाएगा। इसमें क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए मंत्रियों का चयन किया जाएगा।
नया अध्याय, नई राजनीति
बिहार में यह बदलाव सिर्फ मुख्यमंत्री बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सत्ता के केंद्र में बड़ा परिवर्तन है। भाजपा के नेतृत्व में बनने वाली यह पहली सरकार आने वाले चुनावों और राज्य की राजनीति पर गहरा असर डाल सकती है।






