संसद में TMC का नया घमासान! काकोली घोष ने कल्याण बनर्जी पर लगाए गाली-गलौज और दुर्व्यवहार के आरोप

तृणमूल कांग्रेस में नया विवाद सामने आया है। सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी पर मौखिक दुर्व्यवहार, महिला विरोधी व्यवहार और अपमानजनक आचरण का आरोप लगाया है।

संसद में TMC का नया घमासान! काकोली घोष ने कल्याण बनर्जी पर लगाए गाली-गलौज और दुर्व्यवहार के आरोप
TMC में बढ़ा अंदरूनी विवाद।
  • संसद में महिला विरोधी व्यवहार का आरोप
  • TMC सांसद काकोली ने स्पीकर को लिखी चिट्ठी
  • सांसद काकोली बोलीं- संसद में हुआ अपमान, स्पीकर से मांगा न्याय

नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर एक नया राजनीतिक विवाद सामने आया है, जिसने पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को लेकर चर्चाओं को तेज कर दिया है। पार्टी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि संसद के भीतर उनके साथ कई बार मौखिक दुर्व्यवहार किया गया और महिला विरोधी व्यवहार अपनाया गया।

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स्पीकर से मांगी औपचारिक शिकायत की अनुमति

काकोली घोष दस्तीदार ने लोकसभा स्पीकर को भेजे पत्र में कहा कि उन्हें न्याय दिलाने के लिए औपचारिक शिकायत दर्ज करने की अनुमति दी जाए। उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि वे संसद के भीतर हुए कथित अपमान और दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज उठा रही हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला केवल उनके व्यक्तिगत अनुभव तक सीमित नहीं है, बल्कि कई अन्य महिला सांसद भी ऐसे व्यवहार का सामना कर चुकी हैं।

महिला विरोधी आचरण पर उठाए सवाल

अपने पत्र में सांसद काकोली घोष ने कहा कि संसद जैसे लोकतांत्रिक संस्थान में किसी भी महिला प्रतिनिधि के साथ अपमानजनक व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने इस कथित व्यवहार को महिला विरोधी मानसिकता का उदाहरण बताते हुए संबंधित सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

TMC के भीतर बढ़ सकती है राजनीतिक हलचल

इस शिकायत के सार्वजनिक होने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। विपक्षी दलों के साथ-साथ राजनीतिक विश्लेषक भी इस मामले को TMC के अंदरूनी तनाव से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक कल्याण बनर्जी की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

संसद से पार्टी तक, बढ़ सकती है सियासी गर्मी

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि यह विवाद आगे बढ़ता है तो इसका असर केवल संसद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पार्टी की आंतरिक राजनीति पर भी पड़ सकता है। अब सबकी नजर लोकसभा स्पीकर और पार्टी नेतृत्व की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।