UPSC 2025 Result: झारखंड की बेटियों का जलवा, सुदीपा बनीं स्टेट टॉपर; दिल्ली ACP अपूर्वा वर्मा अब बनेंगी IAS

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में झारखंड की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन किया। दुमका की सुदीपा दत्ता 41वीं रैंक के साथ राज्य टॉपर बनीं, जबकि दिल्ली ACP अपूर्वा वर्मा को 42वीं और तेजस्विनी सिंह को 62वीं रैंक मिली। राज्य के एक दर्जन से अधिक अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की।

UPSC 2025 Result: झारखंड की बेटियों का जलवा, सुदीपा बनीं स्टेट टॉपर; दिल्ली ACP अपूर्वा वर्मा अब बनेंगी IAS
सुदीपा दत्ता (फाइल फोटो)।

रांची (Threesocieties.com Desk)। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम में झारखंड के अभ्यर्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। इस बार राज्य से एक दर्जन से अधिक अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की, जिसमें खास बात यह रही कि झारखंड के टॉप-3 में तीनों स्थानों पर बेटियों का कब्जा रहा।

यह भी पढ़ें: UPSC 2025: बिहार पांच अभ्यर्थियों ने टॉप-20 में बनाई जगह, मुजफ्फरपुर के राघव झुनझुनवाला को चौथी रैंक

दुमका की सुदीपा दत्ता ने ऑल इंडिया रैंक 41 हासिल कर झारखंड टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया है। वहीं बोकारो की अपूर्वा वर्मा को 42वीं रैंक और तेजस्विनी सिंह को 62वीं रैंक मिली है। महिला दिवस से पहले आई इस सफलता ने पूरे राज्य में गर्व का माहौल बना दिया है।

दुमका की सुदीपा दत्ता बनीं झारखंड टॉपर

दुमका निवासी सुदीपा दत्ता ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 41वीं रैंक हासिल कर राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया है। उनके पिता सच्चिदानंद दत्ता डाकघर में पोस्टमास्टर हैं।सुदीपा की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले उनका चयन झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के माध्यम से सीडीपीओ (बाल विकास परियोजना पदाधिकारी) पद पर हो चुका है। अब यूपीएससी में शानदार रैंक के साथ वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के करीब पहुंच गई हैं।

दिल्ली पुलिस की ACP अपूर्वा वर्मा अब बनेंगी IAS

बोकारो की रहने वाली अपूर्वा वर्मा ने ऑल इंडिया रैंक 42 हासिल की है। वर्तमान में वह दिल्ली पुलिस में ACP (सहायक पुलिस आयुक्त) के पद पर कार्यरत हैं।अपूर्वा ने तीसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की। पढ़ाई के दौरान वह दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) बोकारो की छात्रा रही हैं। उनकी इस उपलब्धि से स्कूल, परिवार और पूरे बोकारो में खुशी की लहर है। सेवा में रहते हुए लगातार तैयारी करते हुए उन्होंने यह साबित किया कि मेहनत और दृढ़ संकल्प से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

तेजस्विनी सिंह ने पहले प्रयास में ही रचा इतिहास

बोकारो की ही तेजस्विनी सिंह ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 62वीं रैंक हासिल कर शानदार सफलता प्राप्त की है। खास बात यह है कि उन्होंने पहले ही प्रयास में यह उपलब्धि हासिल की। तेजस्विनी के पिता राजेश कुमार बोकारो स्टील प्लांट में महाप्रबंधक (MRD) हैं और उनकी मां डॉ. पल्लवी प्रवीण बीएस सिटी कॉलेज में वनस्पति विज्ञान विभाग की अध्यक्ष हैं। तेजस्विनी ने डीपीएस बोकारो से 12वीं करने के बाद बीआईटी मेसरा से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। उन्होंने CAT परीक्षा में 99.84 परसेंटाइल भी हासिल किया था। पढ़ाई के साथ-साथ वह नृत्य, वाद-विवाद और अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियों में भी सक्रिय रही हैं।

तीसरे प्रयास में शुभम महतो को मिली बड़ी सफलता

धनबाद जिले के बाघमारा निवासी शुभम कुमार महतो ने यूपीएससी में 142वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने बताया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।

2023 में पहली बार 857वीं रैंक

2024 में 606वीं रैंक

और 2025 में 142वीं रैंक

तीसरे प्रयास में उन्होंने लंबी छलांग लगाते हुए अपना सपना पूरा किया। शुभम ने बीएचयू से माइनिंग इंजीनियरिंग में बीटेक किया है और वह गोल्ड मेडलिस्ट भी रहे हैं।

यूपीएससी 2025 में झारखंड के सफल अभ्यर्थी
रैंक              नाम                       स्थान
41         सुदीपा दत्ता                  दुमका
42         अपूर्वा वर्मा                  बोकारो
62        तेजस्विनी सिंह             बोकारो
103       विपुल गुप्ता               लातेहार
142    शुभम कुमार महतो      बाघमारा, धनबाद
143    आयुष कुमार              गम्हरिया, जमशेदपुर
333   करण कुमार सेठ           जमुआ, गिरिडीह
354   मो. इश्तियाक रहमान    डोरंडा, रांची
365   निहारिका सिन्हा            साहेबगंज
569    श्रुति मोदी                  बाघमारा, धनबाद
755 चिरंजीव कुमार                देवघर
झारखंड के लिए गर्व का पल

यूपीएससी 2025 के परिणाम ने यह साबित कर दिया है कि झारखंड के युवा अब देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। खास तौर पर इस बार राज्य की बेटियों ने शानदार सफलता हासिल कर झारखंड का नाम पूरे देश में रोशन किया है।विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में झारखंड से और भी अधिक युवा सिविल सेवा में चयनित होकर प्रशासनिक सेवा में अपनी भूमिका निभाएंगे।