AIDEOA में बगावत! कुश कुमार सिंह के निष्कासन पर फूटा गुस्सा, सामूहिक इस्तीफों से BCCL इकाई में मचा हड़कंप

धनबाद में AIDEOA के भीतर बड़ा संगठनात्मक विवाद सामने आया है। कुश कुमार सिंह के निष्कासन के विरोध में कई पदाधिकारियों ने सामूहिक इस्तीफे की घोषणा कर दी है। BCCL इकाई में अब संगठन दो धड़ों में बंटता नजर आ रहा है।

AIDEOA में बगावत! कुश कुमार सिंह के निष्कासन पर फूटा गुस्सा, सामूहिक इस्तीफों से BCCL इकाई में मचा हड़कंप
BCCL क्षेत्र में AIDEOA की एकता पर मंडराया संकट।

  • AIDEOA के राष्ट्रीय नेतृत्व के फैसले पर BCCL इकाई में भारी विरोध
  • कुश कुमार सिंह को हटाने के बाद संगठन में खुलकर सामने आए दो धड़े
  • कई पदाधिकारियों ने प्राथमिक सदस्यता और पदों से इस्तीफा देने की घोषणा

धनबाद(Threesocieties.com Desk): बीसीसीएल क्षेत्र में कर्मचारी संगठन AIDEOA (ऑल इंडिया डिप्लोमा इंजीनियर्स एंड ऑफिसियल्स एसोसिएशन) के भीतर इन दिनों जबरदस्त संगठनात्मक घमासान देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा बीसीसीएल इकाई के महासचिव कुश कुमार सिंह को पद से हटाने के फैसले के बाद संगठन के अंदर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। विरोध इतना बढ़ गया कि कई पदाधिकारियों और सदस्यों ने सामूहिक रूप से अपने पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी।

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दरअसल, 31 मई 2026 को जारी केंद्रीय पत्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद कुमार प्रजापति और राष्ट्रीय महासचिव आर.के. तिवारी के हस्ताक्षर से बीसीसीएल प्रबंधन को सूचित किया गया कि कुश कुमार सिंह को कथित संगठन विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में सभी पदों से निष्कासित किया जा रहा है। साथ ही एमआरएस धनसार में कार्यरत वरिष्ठ ओवरमैन कल्याण कुमार को AIDEOA BCCL का नया महासचिव मनोनीत किए जाने की जानकारी दी गई।

हालांकि राष्ट्रीय नेतृत्व का यह फैसला आते ही बीसीसीएल क्षेत्र में इसका तीखा विरोध शुरू हो गया। 1 जून 2026 को कोयला नगर में आयोजित AIDEOA की अत्यावश्यक बैठक में डिविजनल कमेटी, क्षेत्रीय पदाधिकारियों और शाखा स्तर के प्रमुख सदस्यों ने एकजुट होकर इस फैसले का विरोध किया। बैठक में मौजूद पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि कुश कुमार सिंह को हटाने की प्रक्रिया संगठनात्मक संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था के विपरीत अपनाई गई। उनका कहना था कि इस फैसले से पहले न तो डिविजनल कमेटी से राय ली गई और न ही क्षेत्रीय इकाइयों से कोई चर्चा की गई।

बैठक के दौरान कई वक्ताओं ने राष्ट्रीय नेतृत्व पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि संगठन को ऊपर से नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है, जबकि जमीनी स्तर के पदाधिकारियों और सदस्यों की राय को नजरअंदाज किया गया। बैठक में मौजूद कई पदाधिकारियों ने खुलकर कहा कि वे कुश Kumar सिंह के साथ खड़े हैं और उनके निष्कासन को स्वीकार नहीं करते। विरोधस्वरूप कई लोगों ने AIDEOA की प्राथमिक सदस्यता और अपने पदों से त्यागपत्र देने की घोषणा कर दी।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद AIDEOA के भीतर अब दो स्पष्ट धड़े नजर आने लगे हैं। एक तरफ राष्ट्रीय नेतृत्व अपने फैसले पर कायम दिखाई दे रहा है, जबकि दूसरी तरफ बड़ी संख्या में क्षेत्रीय और डिविजनल स्तर के पदाधिकारी कुश कुमार सिंह के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं।

जानकारों का मानना है कि यदि इस विवाद का जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो इसका असर केवल संगठनात्मक ढांचे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बीसीसीएल क्षेत्र में AIDEOA की पकड़ और एकजुटता पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल सामूहिक इस्तीफों की घोषणा और बढ़ते असंतोष ने इस विवाद को पूरे कोयलांचल में चर्चा का विषय बना दिया है।