नेक्सजेन ऑटोमोबाइल के मालिक विनय सिंह जेल से रिहा, चार मामलों में घिरे कारोबारी को सुप्रीम कोर्ट से मिली बेल

नेक्सजेन ऑटोमोबाइल के मालिक विनय कुमार सिंह को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद हजारीबाग जेल से रिहाई मिली। शराब घोटाला, गैर मजरुआ जमीन और आय से अधिक संपत्ति सहित चार मामलों में जांच जारी।

नेक्सजेन ऑटोमोबाइल के मालिक विनय सिंह जेल से रिहा, चार मामलों में घिरे कारोबारी को सुप्रीम कोर्ट से मिली बेल
विनय कुमार सिंह (फाइल फोटो)।

रांची (Threesocieties.com Desk)। नेक्सजेन ऑटोमोबाइल कंपनी के मालिक और कारोबारी विनय कुमार सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। 10 फरवरी को शीर्ष अदालत द्वारा जमानत दिए जाने के बाद वे हजारीबाग जेल से रिहा हो गए। विनय सिंह के खिलाफ अलग-अलग थानों और जांच एजेंसियों में कुल चार मामले दर्ज हैं, जिनमें कथित शराब घोटाला, गैर मजरुआ जमीन की खरीद-फरोख्त और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

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चार प्रमुख मामलों में घिरे हैं विनय सिंह

विनय कुमार सिंह की कानूनी परेशानियां केवल एक केस तक सीमित नहीं हैं। वे फिलहाल चार अलग-अलग मामलों में जांच और न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं।

 शराब घोटाला मामला

कथित शराब घोटाले के मामले में विनय सिंह को रांची की ACB कोर्ट से पहले ही अग्रिम जमानत मिल चुकी है। सुनवाई के दौरान उनके अधिवक्ताओं ने दलील दी थी कि प्राथमिकी में उनका नाम नहीं है और न ही शराब के टेंडर या सप्लाई प्रक्रिया में उनकी कोई प्रत्यक्ष भूमिका है। बचाव पक्ष का कहना है कि उन्हें केवल पूर्व IAS अधिकारी विनय चौबे का करीबी होने के कारण राजनीतिक रूप से फंसाया गया।

गैर मजरुआ खास जमीन मामला

हजारीबाग में 28 डिसमिल ‘गैर मजरुआ खास’ जमीन की कथित अवैध खरीद-फरोख्त के आरोप में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इसी मामले में वे हजारीबाग जेल मेंद थे। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद अब उन्हें इस केस में अंतरिम राहत मिली है।

आय से अधिक संपत्ति का आरोप

ACB ने विनय सिंह पर ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया है। इस मामले की जांच फिलहाल जारी है। एजेंसी उनके वित्तीय लेन-देन और संपत्ति के दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।

साझेदारी विवाद और जबरन शेयर ट्रांसफर का आरोप

नेक्सजेन में उनके पूर्व पार्टनर रहे दीपक कुमार ने रांची के जगन्नाथपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। करीब ढाई दशक पुराने इस मामले में आरोप है कि विनय सिंह ने अनैतिक दबाव बनाकर जबरन शेयर ट्रांसफर करवाए थे। यह मामला भी अब कानूनी प्रक्रिया में है।

सुप्रीम कोर्ट से राहत के बाद आगे क्या?

सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद फिलहाल विनय सिंह को राहत जरूर मिली है, लेकिन उनके खिलाफ दर्ज मामलों की जांच और सुनवाई जारी रहेगी। कानूनी जानकारों का मानना है कि आने वाले महीनों में इन मामलों की प्रगति पर सभी की नजर रहेगी।