मिडिल ईस्ट में युद्ध : US ने 90 ठिकानों पर बरसाए बम, जवाब में ईरान ने बहरीन-कुवैत के अमेरिकी बेस पर दागीं मिसाइलें

US Iran Conflict: अमेरिका ने ईरान के 90 सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। जवाब में ईरान ने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। जानिए पूरे घटनाक्रम, ट्रम्प के बयान और मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध संकट की पूरी रिपोर्ट।

मिडिल ईस्ट में युद्ध : US ने 90 ठिकानों पर बरसाए बम, जवाब में ईरान ने बहरीन-कुवैत के अमेरिकी बेस पर दागीं मिसाइलें
मिडिल ईस्ट में बढ़ा महायुद्ध का खतरा।

      HighLights:

  • अमेरिका ने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की
  • एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल-ड्रोन स्टोरेज और नौसैनिक ठिकानों को बनाया निशाना
  • जवाब में IRGC ने बहरीन और कुवैत के अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए
  • कैंप आरिफजान, अली अल सलेम एयर बेस, जुफफायर और शेख ईसा एयर बेस बने निशाना
  • ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी- दोबारा हमला हुआ तो पूरे क्षेत्र के अमेरिकी ठिकाने होंगे टारगेट

तेहरान/वॉशिंगटन डीसी(Threesocieties.com Desk): मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका द्वारा ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक किए जाने के बाद ईरान ने भी जोरदार जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इस घटनाक्रम के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है।

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अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार बुधवार रात चलाए गए अभियान में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल एवं ड्रोन स्टोरेज साइट, निगरानी केंद्र, नौसैनिक अड्डों और सैन्य लॉजिस्टिक्स से जुड़े महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिका का दावा है कि इस अभियान का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना था।

ईरान का जवाबी हमला

अमेरिकी कार्रवाई के कुछ ही समय बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी सैन्य अभियान शुरू किया। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक कुवैत के कैंप आरिफजान और अली अल सलेम एयर बेस तथा बहरीन के जुफफायर और शेख ईसा एयर बेस पर मिसाइल और ड्रोन दागे गए। ईरान का दावा है कि यह कार्रवाई अमेरिकी हमलों का प्रत्यक्ष जवाब है। हालांकि दोनों पक्षों की ओर से नुकसान के अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं और स्वतंत्र पुष्टि अभी संभव नहीं हो सकी है।

ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी

IRGC ने बयान जारी कर कहा कि यदि अमेरिका ने दोबारा हमला किया तो उसका जवाब इससे भी अधिक कठोर होगा। संगठन ने कहा कि भविष्य में पूरे क्षेत्र में मौजूद अन्य अमेरिकी सैन्य ठिकाने भी निशाने पर आ सकते हैं। ईरान ने अमेरिका पर अपने वादों से पीछे हटने और दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में सैन्य कार्रवाई करने का आरोप भी लगाया।

ईरानी संसद अध्यक्ष का सख्त संदेश

ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका को अब यह समझ लेना चाहिए कि दादागिरी और वादाखिलाफी की भारी कीमत चुकानी पड़ती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अमेरिका हमला करेगा तो ईरान हर बार जवाबी हमला करेगा।

CENTCOM ने जारी किया ऑपरेशन का फुटेज

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सैन्य अभियान से जुड़े कुछ ब्लैक एंड व्हाइट वीडियो भी जारी किए हैं। इन फुटेज में ईरानी रनवे, मिसाइल लॉन्चर और अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए दिखाया गया है। CENTCOM ने कहा कि फिलहाल हवाई अभियान रोक दिया गया है, लेकिन अमेरिकी सेना पूरी तरह हाई अलर्ट पर है और राष्ट्रपति के अगले आदेश पर किसी भी समय नया ऑपरेशन शुरू किया जा सकता है।

ट्रम्प का बड़ा बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वह ईरान की "हिटलिस्ट" में सबसे ऊपर हैं। उनके इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच राजनीतिक और सैन्य तनाव और बढ़ गया है।

पूरे मध्य पूर्व पर मंडरा रहा खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई इसी तरह जारी रही तो इसका असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। खाड़ी क्षेत्र के कई देशों, वैश्विक तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।