धनबाद में बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़, 13 चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ 5 शातिर गिरफ्तार

धनबाद के कालूबथान थाना क्षेत्र में पुलिस ने वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 13 चोरी की मोटरसाइकिलें और मास्टर की बरामद हुई है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।

धनबाद में बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़, 13 चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ 5 शातिर गिरफ्तार
कालूबथान पुलिस की बड़ी कामयाबी।

     Highlights

  • कालूबथान पुलिस ने वाहन चोरी गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया
  • आरोपियों की निशानदेही पर 13 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद
  • बाइक चोरी में इस्तेमाल होने वाला मास्टर की जैसा विशेष औजार जब्त
  • चोरी के बाद नंबर प्लेट तोड़कर और चेसिस नंबर मिटाकर बेचते थे वाहन
  • गोविंदपुर, कुमारधुबी, चिरकुंडा, पश्चिम बंगाल समेत कई इलाकों से चोरी की गई थीं बाइक

धनबाद (Threesocieties.com Desk): जिले में लगातार बढ़ रही बाइक चोरी की घटनाओं के बीच कालूबथान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक संगठित वाहन चोरी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे और निशानदेही पर कुल 13 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। साथ ही बाइक चोरी में इस्तेमाल होने वाला एक विशेष औजार भी जब्त किया गया है, जिसकी मदद से आरोपी कुछ ही मिनटों में किसी भी मोटरसाइकिल का लॉक तोड़कर उसे स्टार्ट कर लेते थे।

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ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि हाल के दिनों में धनबाद जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से लगातार बाइक चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। विशेष रूप से 19 जून 2026 को कालूबथान ओपी क्षेत्र से एक मोटरसाइकिल चोरी होने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर निरसा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया।

गुप्त सूचना पर नयाडांगा काली मंदिर मैदान में छापेमारी

21 जून 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि कुछ युवक चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ नयाडांगा काली मंदिर मैदान के पास मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर पांच युवकों को दबोच लिया। पूछताछ में सभी ने वाहन चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमित कुमार चौहान, मनीष कुमार दुबे, सूरज हेम्ब्रम, चंदन कुमार और राजकुमार के रूप में हुई है। सभी आरोपी निरसा थाना क्षेत्र के विभिन्न इलाकों के निवासी हैं।

नंबर प्लेट तोड़ते, चेसिस नंबर मिटाते और फिर बेच देते थे बाइक

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि चोरी के बाद वे बाइक की नंबर प्लेट तोड़ देते थे। इसके बाद चेसिस और इंजन नंबर को घिसकर मिटा दिया जाता था ताकि वाहन की पहचान न हो सके। फिर बाइक को नए रंग से पेंट कर मॉडिफाई किया जाता था और कम कीमत पर बेच दिया जाता था। पुलिस के अनुसार गिरोह काफी समय से सक्रिय था और सुनियोजित तरीके से चोरी की वारदातों को अंजाम देता था।

मास्टर की नहीं, पेचकस से तैयार किया गया था 'स्पेशल लॉक ब्रेकर'

छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक ऐसा औजार बरामद किया है जिसका अगला हिस्सा चाबी की तरह बनाया गया था। आरोपी इसी औजार का उपयोग कर मोटरसाइकिल का लॉक तोड़ते और वाहन स्टार्ट कर फरार हो जाते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तकनीक का इस्तेमाल कर गिरोह ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।

धनबाद से लेकर पश्चिम बंगाल तक फैला था नेटवर्क

बरामद मोटरसाइकिलों में कई वाहन गोविंदपुर, कुमारधुबी, चिरकुंडा, पाथरकुआं और पश्चिम बंगाल के नियामतपुर व चौरंगी क्षेत्र से चोरी किए गए थे। अधिकांश बाइक की नंबर प्लेट हटाई जा चुकी थी और उन्हें काले रंग से पेंट कर पहचान छिपाने की कोशिश की गई थी।पुलिस अब बरामद सभी वाहनों के वास्तविक मालिकों का पता लगाने के लिए विभिन्न थानों से संपर्क कर रही है।

पहले से दर्ज हैं कई आपराधिक मामले

जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों का पूर्व से भी आपराधिक इतिहास रहा है। इनके खिलाफ कुल्टी, चिरकुंडा और कालूबथान थाना क्षेत्रों में बाइक चोरी के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस को आशंका है कि गिरोह में अन्य सदस्य भी शामिल हैं जो फिलहाल फरार हैं।

नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश जारी

ग्रामीण एसपी ने बताया कि यह कार्रवाई वाहन चोरी के संगठित नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता है। हालांकि जांच अभी जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से जिले में सक्रिय वाहन चोर गिरोह को बड़ा झटका लगा है और आने वाले दिनों में चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण देखने को मिलेगा।कालूबथान पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी क्यों न कर लें, कानून की पकड़ से ज्यादा दूर तक नहीं भाग सकते।

छापामारी टीम में  लिलेश्वर महतो, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, निरसा,आशुतोष कुमार, पुलिस इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी, चिरकुण्डा, सब इंस्पेक्टर नितेश कुमार मिश्रा, ओपी प्रभारी, कालूबथान, एसआइ मैथ्यू एक्का, ओपी प्रभारी, कुमारधुबी, एसआइ रंजीत कुमार,रंजीत कच्छप व एएसआइ उमेश राम, कालूबथान ओपी शामिल थे।