SBI Dhanbad Scam: 20 साल से फरार दो आरोपी को CBI ने किया गिरफ्तार, नेपाल से लौटकर बदल ली थी पहचान

धनबाद के SBI बैंक मोड़ शाखा में हुए 1.25 करोड़ रुपये के चर्चित घोटाले में CBI को बड़ी सफलता मिली है। 20 साल से फरार दो आरोपियों बृजभूषण प्रसाद और करतार सिंह को महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार किया गया। दोनों नेपाल भाग गए थे और पहचान बदलकर रह रहे थे।

SBI Dhanbad Scam: 20 साल से फरार दो आरोपी को CBI ने किया गिरफ्तार, नेपाल से लौटकर बदल ली थी पहचान
CBI ने महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ से पकड़ा।

   HighLights

  • SBI बैंक मोड़ शाखा 1.25 करोड़ रुपये घोटाले के आरोपी अरेस्ट
  • बृजभूषण प्रसाद और करतार सिंह वर्ष 2005 से थे फरार
  • CBI ने महाराष्ट्र के कोपरगांव और रायपुर से दबोचा
  • दोनों आरोपी नेपाल भाग गए थे और पहचान बदलकर रह रहे थे
  • 1.25 करोड़ रुपये के गबन और धोखाधड़ी का मामला
  • रेड कॉर्नर नोटिस और नकद इनाम भी जारी था

धनबाद (Threesocieties.com Desk) : स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की बैंक मोड़ स्थित मुख्य शाखा में करीब दो दशक पहले हुए 1.25 करोड़ रुपये के चर्चित घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है। सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) धनबाद ने 20 वर्षों से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बृजभूषण प्रसाद और करतार सिंह के रूप में हुई है।

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सीबीआई ने रविवार को चलाए गए समन्वित अभियान में बृजभूषण प्रसाद को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के कोपरगांव से तथा करतार सिंह को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी वर्ष 2005 से फरार चल रहे थे और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे थे।

नेपाल भाग गए थे आरोपी

जांच एजेंसी के अनुसार, घोटाले का मामला दर्ज होने और जांच तेज होने के बाद दोनों आरोपी नेपाल भाग गए थे। लंबे समय तक वहां छिपे रहने के बाद वे भारत लौट आए और अपनी पहचान बदलकर अलग-अलग राज्यों में रहने लगे। उनका उद्देश्य गिरफ्तारी और न्यायिक कार्रवाई से बचना था। सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक, पिछले तीन-चार महीनों से धनबाद एसीबी की टीम मानव स्रोतों और तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपियों की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान उनके ठिकानों की सटीक जानकारी मिलने के बाद कार्रवाई की गई।

1.25 करोड़ रुपये के गबन का मामला

सीबीआई के अनुसार, आरसी-11(ए)/2005-डी के तहत 31 अगस्त 2005 को मामला दर्ज किया गया था। जांच में खुलासा हुआ था कि नवंबर 2002 से जून 2005 के बीच एसबीआई की मुख्य शाखा, बैंक मोड़, धनबाद से करीब 1.25 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और गबन किया गया था। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), धारा 420 (धोखाधड़ी) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

घोषित अपराधी थे दोनों आरोपी

फरारी के दौरान दोनों आरोपियों को न्यायालय द्वारा घोषित अपराधी घोषित किया गया था। उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। साथ ही उनकी सूचना देने वालों के लिए नकद इनाम की भी घोषणा की गई थी। सीबीआई सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से एक को धनबाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। दूसरे आरोपी को भी धनबाद लाया जा रहा है और न्यायालय में पेश करने के बाद उसे भी न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा।

CBI की बड़ी सफलता

करीब 20 वर्षों तक फरार रहने के बावजूद दोनों आरोपी आखिरकार सीबीआई की पकड़ में आ गए। धनबाद एसीबी की यह कार्रवाई लंबे समय से लंबित इस चर्चित बैंक घोटाले की जांच में बड़ी सफलता मानी जा रही है। मामले में आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई जारी है।