बोकारो: BMW कंपनी से रंगदारी मांगने वाला गैंगस्टर प्रिंस खान का मुख्य सहयोगी गिरफ्तार

बोकारो में BMW कंपनी से रंगदारी मांगने वाले प्रिंस खान गैंग के मुख्य सहयोगी राकेश कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पूछताछ में इंटरनेशनल व्हाट्सएप कॉल, वायरल धमकी वीडियो और गैंग के नेटवर्क से जुड़े कई खुलासे हुए हैं।

बोकारो: BMW कंपनी से रंगदारी मांगने वाला गैंगस्टर प्रिंस खान का मुख्य सहयोगी गिरफ्तार
प्रिंस खान गैंग का नेटवर्क बेनकाब:।
  • आरोपी राकेश कुमार प्रिंस खान से सीधे संपर्क में था
  • डेढ़ लाख रुपये लेकर धमकी भरा पर्चा लिखने का आरोप
  • मोबाइल फोन से मिले कई डिजिटल सबूत
  • पिछले दो महीनों में पुलिस 11 सहयोगियों को कर चुकी है गिरफ्तार

बोकारो (Threesocieties.com Desk): बोकारो पुलिस ने फरार गैंगस्टर प्रिंस खान के नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए BMW कंपनी से रंगदारी मांगने के मामले में उसके एक प्रमुख सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राकेश कुमार के रूप में हुई है, जो सेक्टर-2सी का रहने वाला है और मूल रूप से बिहार के सिवान जिले का निवासी बताया जा रहा है।

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पुलिस के अनुसार, आरोपी बोकारो में प्रिंस खान गैंग का प्रभाव बढ़ाने और उसके नेटवर्क को मजबूत करने का काम कर रहा था। लंबी पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं, पुलिस अब पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच में जुट गई है।

सुपरवाइजर की नौकरी छोड़ प्रिंस खान के गैंग में जुड़ा
पुलिस जांच में सामने आया है कि राकेश कुमार बोकारो के बियाडा क्षेत्र स्थित एक नामी कंपनी में आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत था। उसने बोकारो से ही स्नातक तक की पढ़ाई पूरी की थी। मूल रूप से बिहार के सिवान जिले का निवासी राकेस के पिता एक सेवानिवृत्त इस्पातकर्मी हैं। परिवार सेक्टर-2 स्थित आवास में रहता है।  नौकरी के दौरान राकेश की पहचान कुछ ऐसे युवकों से हुई जो विभिन्न क्रिमिनल गैंग से जुड़े हुए थे। इन्हीं संपर्कों ने उसे अपराध की दुनिया की ओर आकर्षित किया।

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इंटरनेशनल सिम के माध्यम से प्रिंस खान से हुआ संपर्क
पुलिस के अनुसार राकेश को प्रिंस खान से संपर्क स्थापित करने के लिए एक इंटरनेशनल सिम उपलब्ध कराया गया था। उसने व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से प्रिंस खान से बातचीत शुरू की। एक बार सीधे संपर्क स्थापित होने के बाद राकेश का आत्मविश्वास बढ़ गया। उसने खुद को स्थानीय स्तर पर गैंग संचालक के रूप में स्थापित करने की कोशिश शुरू कर दी। अपने आसपास युवकों का एक समूह तैयार किया, जो विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने लगा।

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बोकारो और चास के युवकों का गैंग
राकेश ने बोकारो और चास क्षेत्र के कई युवकों प्रिंस कुमार गुप्ता, श्याम कुमार सिंह, अजय सिंह, ओम प्रकाश पॉल, जयनेंद्र शुक्ला, गोलू कुमार और भूपेंद्र सिंह को अपने साथ जोड़ा। इनमें अधिकांश युवक किसी न किसी रूप में बियाडा क्षेत्र की फैक्ट्रियों से जुड़े हुए थे। कोई चालक का काम करता था तो कोई सुपरवाइजर या मजदूर के रूप में कार्यरत था। पुलिस का कहना है कि राकेश ने इन युवकों को संगठित कर रंगदारी वसूली के लिए एक स्थानीय नेटवर्क तैयार किया था।

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बीएमडब्ल्यू कंपनी से मांगी गई थी रंगदारी
जांच में यह भी सामने आया है कि बियाडा की बीएमडब्ल्यू कंपनी से रंगदारी मांगने की पूरी योजना राकेश कुमार ने तैयार की थी. पुलिस के अनुसार स्थानीय स्तर पर प्रिंस खान गैंग का नेतृत्व वही कर रहा था. राकेश ने अपने हाथों से रंगदारी मांगने वाली परची लिखी और उसे कंपनी परिसर के पास फेंकवाया. इसके बाद इस घटना का वीडियो तैयार किया गया. बाद में प्रिंस खान की ओर से वीडियो के जरिए रंगदारी की मांग की पुष्टि भी की गई, जिससे मामला और गंभीर हो गया.

व्हाट्सएप कॉल पर चलता था गैंग का पूरा नेटवर्क
पुलिस को मिले साक्ष्यों के अनुसार राकेश लगातार व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से प्रिंस खान को गतिविधियों की जानकारी देता था। उसे समय-समय पर निर्देश भी मिलते थे। निर्देशों के आधार पर आगे की गतिविधियां संचालित की जाती थीं। राकेश अपने गैंग के सदस्यों के माध्यम से विभिन्न काम करवा पूरे नेटवर्क का संचालन करता था। 

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पहले गिरफ्तार हुए थे गैंग के सात सदस्य
बीएमडब्ल्यू कंपनी से रंगदारी मांगने के मामले में बालीडीह पुलिस ने दो अप्रैल को कार्रवाई करते हुए गैंग के सात सदस्यों को प्रिंस कुमार गुप्ता, श्याम कुमार सिंह, अजय सिंह, ओम प्रकाश पॉल, जयनेंद्र शुक्ला, गोलू कुमार और भूपेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। राकेश कुमार अंडरग्राउंड होकर छिपा हुआ था।

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BMW कंपनी से मांगी गई थी रंगदारी

मामला 12 मार्च 2026 का है, जब बालीडीह स्थित BMW प्लांट के प्रबंधक सुरेश कुमार सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि फैक्ट्री संचालन के एवज में गैंगस्टर प्रिंस खान की ओर से रंगदारी मांगी जा रही है और नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई थी। शिकायत मिलने के बाद तत्कालीन एसपी के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया और मामले की जांच शुरू हुई।

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डुमरी से दबोचा गया आरोपी

पुलिस को तकनीकी और मानवीय सूचनाओं से पता चला कि आरोपी सोमवार देर रात डुमरी के रास्ते बोकारो आने वाला है। इसके बाद पुलिस टीम ने जाल बिछाया और डुमरी पहुंचते ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस ऑपरेशन में बालीडीह थाना पुलिस, इंस्पेक्टर, ओपी प्रभारी और कई पुलिसकर्मी शामिल रहे।

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डेढ़ लाख रुपये लेकर लिखा था धमकी भरा पर्चा

पूछताछ में आरोपी राकेश कुमार ने स्वीकार किया कि वह प्रिंस खान के इंटरनेशनल व्हाट्सएप नंबर के जरिए सीधे संपर्क में था। पुलिस के अनुसार, प्रिंस के निर्देश पर उसने कंपनी के लिए धमकी भरा पर्चा लिखा और बाद में उसी पर्चे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर कंपनी को दोबारा धमकाया गया। जांच में सामने आया कि इस काम के बदले आरोपी के बैंक खातों में करीब डेढ़ लाख रुपये भेजे गए थे। पुलिस अब इन पैसों के लेन-देन की भी जांच कर रही है।

मोबाइल से मिले कई अहम डिजिटल सबूत

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन बरामद किया है। मोबाइल की जांच में कई डिजिटल सबूत मिलने का दावा किया जा रहा है, जिनमें संपर्क, कॉल रिकॉर्ड और अन्य जानकारियां शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने पूछताछ में गैंग के नेटवर्क, सिम कार्ड उपलब्ध कराने वालों और अन्य सहयोगियों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी है।

लगातार टूट रहा प्रिंस खान गैंग का नेटवर्क

धनबाद और बोकारो पुलिस लगातार प्रिंस खान गैंग के नेटवर्क को तोड़ने में जुटी हुई है। पिछले दो महीनों में पुलिस गैंग के 11 सहयोगियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इससे पहले गैंग का करीबी सहयोगी सैफी अब्बास उर्फ मेजर दुबई से लौटकर सरेंडर कर चुका है। अप्रैल और मई के दौरान भी कई गिरफ्तारियां हुईं और अब एक बार फिर पुलिस ने गैंग के एक अहम चेहरे को गिरफ्तार कर बड़ा झटका दिया है। पुलिस का कहना है कि गैंग के बाकी सदस्यों और पूरे नेटवर्क की तलाश में छापेमारी जारी है।