धनबाद में निजी स्कूलों पर सख्ती: अब हर फीस का पूरा हिसाब सार्वजनिक, मनमानी पर ₹50 हजार जुर्माना!
धनबाद में निजी स्कूलों पर प्रशासन सख्त, अब फीस, किताब और ड्रेस का पूरा विवरण होगा सार्वजनिक। अभिभावक क्वार्टरली फीस दे सकेंगे, नियम तोड़ने पर ₹50 हजार जुर्माना।
धनबाद (Threesocieties.com Desk): निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम कसते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में सभी निजी विद्यालयों को वार्षिक शुल्क समेत हर तरह की फीस का विस्तृत विवरण सार्वजनिक करने का निर्देश दिया गया है। अब स्कूलों को अपनी वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर फीस, किताबें और ड्रेस से जुड़ी पूरी जानकारी देनी होगी।
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अब अभिभावकों को राहत: क्वार्टरली दे सकेंगे फीस
प्रशासन ने साफ किया है कि कोई भी निजी स्कूल अभिभावकों पर एकमुश्त वार्षिक फीस देने का दबाव नहीं बना सकेगा। अभिभावक अब क्वार्टरली (तीन महीने में) फीस जमा कर सकेंगे।
क्या-क्या करना होगा निजी स्कूलों को?
वार्षिक शुल्क, डेवलपमेंट फीस का पूरा विवरण सार्वजनिक करना
नवंबर तक किताबों (मुद्रक व नाम सहित) और ड्रेस की जानकारी अपलोड करना
जनवरी तक फीस स्ट्रक्चर वेबसाइट पर डालना
स्कूल नोटिस बोर्ड पर भी सभी जानकारी प्रदर्शित करना
री-एडमिशन फीस वसूलने पर पूरी तरह रोक
पांच साल से पहले नहीं बदलेगी स्कूल ड्रेस
अब कोई भी स्कूल 5 साल से पहले ड्रेस नहीं बदल सकेगा। साथ ही, वेबसाइट पर जारी बुक लिस्ट भी बदली नहीं जा सकेगी, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
किताब-ड्रेस की खरीद में खत्म होगी ‘मोनोपॉली’
उपायुक्त ने स्कूल परिसर में किताबें और ड्रेस बेचने पर सख्त रोक लगाई है। अब बुक लिस्ट और ड्रेस की जानकारी सार्वजनिक होने से अन्य दुकानदार भी इन्हें बेच सकेंगे। इससे अभिभावकों को सस्ते विकल्प मिलेंगे।
ऑडिट रिपोर्ट और बैंक स्टेटमेंट देना अनिवार्य
सभी निजी विद्यालयों को पिछले एक साल का ऑडिट रिपोर्ट, बैंक अकाउंट स्टेटमेंट, शुल्क समिति का गठन व जानकारी, शिक्षकों का वेतन व डाटा वेबसाइट पर अपलोड करना होगा।
नियम तोड़ने पर ₹50,000 जुर्माना
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि निर्देशों का पालन नहीं करने पर ₹50 हजार तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके लिए 5 सदस्यीय टीम औचक निरीक्षण करेगी।
BPL छात्रों के लिए 25% सीट रिजर्व
उपायुक्त ने बीपीएल कोटे में कम नामांकन पर नाराजगी जताते हुए सभी स्कूलों को 25% सीट आरक्षित रखने का निर्देश दिया।
बच्चों की सुरक्षा पर भी सख्त निर्देश, सभी स्कूल बस/वैन में CCTV और GPS अनिवार्य, ड्राइवर का पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी होगा। स्कूल टाइम में ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए अतिरिक्त कर्मी तैनात होंगे।
बच्चों की मानसिक स्वास्थ्य पर भी फोकस
स्कूलों को निर्देश दिया गया कि बच्चों की मानसिक स्थिति पर नजर रखें, जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग कराएं, कोचिंग जाने वाले छात्रों से फीडबैक लें व छात्राओं के लिए विशेष सुविधाएं सुनिश्चित करें।
जनप्रतिनिधियों ने भी उठाए अहम मुद्दे
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने भी सुझाव दिए:
राज सिन्हा: वार्षिक फीस को क्वार्टरली करने की मांग
अरूप चटर्जी: BPL नामांकन की जानकारी सार्वजनिक करने की बात
चंद्रदेव महतो: फीस का विस्तृत विवरण देने पर जोर






