धनबाद: बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो पर ‘जानलेवा हमला’ केस में शिकंजा कसा : कोर्ट ने तय किए आरोप

धनबाद में भाजपा विधायक शरद महतो पर मनोज चौहान पर जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट ने आरोप तय किए। MP-MLA कोर्ट ने गवाह पेश करने का आदेश दिया, अगली सुनवाई 22 अप्रैल को।

धनबाद: बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो पर ‘जानलेवा हमला’ केस में शिकंजा कसा : कोर्ट ने तय किए आरोप
शत्रुघ्न महतो (फाइल फोटो)।

धनबाद (Threesocieties.com Desk): कतरास श्यामडीह में मनोज चौहान पर जानलेवा हमले के मामले में बाघमारा से भाजपा विधायक शरद महतो उर्फ शत्रुघ्न महतो समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ अदालत ने आरोप तय कर दिए हैं। बुधवार को MP-MLA के विशेष अदालत में हुई सुनवाई के दौरान सभी आरोपी कोर्ट में उपस्थित हुए।

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MP-MLA कोर्ट की विशेष न्यायाधीश अर्पिता नारायण की अदालत ने सभी अभियुक्तों के खिलाफ आरोप तय करते हुए मामले को आगे बढ़ाने का आदेश दिया। आरोप तय होने के बाद सभी आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताते हुए मुकदमे की सुनवाई की मांग की।

कोर्ट का आदेश: अब पेश होंगे गवाह

अदालत ने अभियोजन पक्ष को निर्देश दिया है कि वह अपने गवाह पेश करे। इस मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को निर्धारित की गई है, जिसमें गवाहों के बयान अहम होंगे।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला 4 सितंबर 2022 का है, जब मनोज चौहान ने आरोप लगाया कि वह श्यामडीह स्थित संजीवनी अस्पताल में भर्ती एक मरीज को देखने गए थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। प्राथमिकी के अनुसार विधायक शरद महतो ने कथित तौर पर बेल्ट से मारपीट की और गला दबाने की कोशिश की। अन्य आरोपियों ने हाथ-पैर पकड़कर जमीन पर गिराया और लात-घूंसे से हमला किया। हमले के दौरान जान से मारने की धमकी भी दी गई। मनोज चौहान किसी तरह हमलावरों के चंगुल से भागने में सफल रहे।

पहले भी लग चुके हैं गंभीर आरोप

मनोज चौहान ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि इससे पहले 16 अप्रैल 2021 को भी उन पर बम और गोली से जानलेवा हमला किया गया था, जिसकी शिकायत बरोरा थाना में दर्ज कराई गई थी।

किन-किन पर है केस?

इस मामले में विधायक शरद महतो के अलावा कई अन्य नामजद आरोपी शामिल हैं, जिनमें गोपाल चौहान, सुरेंद्र चौहान, राम चौहान, राजू शर्मा, मनजीत सिंह, कमलेश चौहान, महेंद्र चौहान, शिव शंकर चौहान समेत 20-25 अज्ञात लोग शामिल हैं।

राजनीतिक और कानूनी मायने

इस केस में विधायक पर आरोप तय होना राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। MP-MLA कोर्ट में चल रहे इस मुकदमे की दिशा अब गवाहों के बयान पर निर्भर करेगी, जो आने वाले समय में केस को और मजबूत या कमजोर कर सकते हैं।