धनबाद: यूनियन क्लब पर ₹33 लाख का बिजली बकाया! कम लोड दिखाकर ज्यादा खपत का खुलासा
धनबाद के प्रतिष्ठित यूनियन क्लब पर 33.19 लाख रुपये बिजली बिल बकाया होने का मामला सामने आया है। बिजली विभाग ने क्लब द्वारा स्वीकृत लोड से अधिक बिजली खपत की पुष्टि करते हुए नोटिस जारी किया है। क्लब प्रबंधन और सदस्यों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद के प्रतिष्ठित और चर्चित यूनियन क्लब पर 33.19 लाख रुपये से अधिक के बिजली बिल बकाया होने का मामला सामने आने के बाद शहर के सामाजिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। क्लब के एक सदस्य द्वारा इस मुद्दे को सार्वजनिक किए जाने के बाद बिजली विभाग ने भी यह स्वीकार किया है कि क्लब स्वीकृत लोड से अधिक बिजली की खपत कर रहा है और उसे लोड बढ़ाने का नोटिस जारी किया गया है।
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मामले की संवेदनशीलता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि यूनियन क्लब के अध्यक्ष जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) हैं। ऐसे में क्लब की वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े होने लगे हैं।
डिजिटल कियोस्क में दिखा 33.19 लाख रुपये का बकाया
जानकारी के अनुसार बिजली विभाग के डिजिटल कियोस्क से प्राप्त आंकड़ों में बिल संख्या 260571220236670 के तहत यूनियन क्लब पर 33,19,569 रुपये की नेट डिमांड दर्ज है। यह बिल 5 जून को जनरेट किया गया था और इसकी भुगतान तिथि 25 जून निर्धारित की गई है।
बताया जा रहा है कि पिछले दो से तीन वर्षों के दौरान विभिन्न कारणों से बकाया राशि लगातार बढ़ती गई और अब यह 33 लाख रुपये से अधिक के स्तर तक पहुंच गई है। हालांकि बिजली विभाग के अधिकारी बकाया राशि के संबंध में खुलकर कुछ भी कहने से बचते नजर आए।
स्वीकृत लोड से अधिक बिजली खपत की पुष्टि
बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता मुकुल कुमार गोरवारे ने क्लब को जारी नोटिस की पुष्टि करते हुए कहा कि यूनियन क्लब कागजों पर जितना लोड स्वीकृत कराए हुए है, वास्तविक बिजली खपत उससे काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि विभागीय जांच में पाया गया है कि क्लब में स्वीकृत सीमा से अधिक बिजली उपयोग की जा रही है। यह विद्युत आपूर्ति नियमों का उल्लंघन है। इसी कारण क्लब प्रबंधन को तत्काल प्रभाव से लोड बढ़ाने के लिए नोटिस जारी किया गया है। हालांकि जब उनसे 33 लाख रुपये से अधिक के बकाया की जानकारी मांगी गई तो उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
क्लब प्रबंधन ने दी सफाई
बिजली बकाया और विभागीय नोटिस के मुद्दे पर यूनियन क्लब के सचिव विजय अग्रवाल ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें 33 लाख रुपये की बकाया राशि की जानकारी नहीं है। उन्होंने माना कि कुछ राशि बकाया हो सकती है, लेकिन उसका सत्यापन कराया जाएगा और नियमानुसार भुगतान किया जाएगा।
विजय अग्रवाल ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर क्लब की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके अनुसार वर्तमान विवाद के पीछे ऐसे लोग सक्रिय हैं जिन पर पहले से वित्तीय अनियमितताओं और गबन के आरोप लग चुके हैं। उन्होंने कहा कि क्लब की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से भ्रामक प्रचार किया जा रहा है और पूरे मामले को आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) में रखा जाएगा।
AGM में गरमा सकता है मामला
यूनियन क्लब के भीतर पहले से चल रही गुटबाजी और आरोप-प्रत्यारोप के बीच बिजली बिल और लोड उल्लंघन का मुद्दा अब नया विवाद बन गया है। सूत्रों के अनुसार आगामी AGM में यह मामला प्रमुख एजेंडे के रूप में उठ सकता है। क्लब के कई सदस्य यह जानना चाहते हैं कि यदि वास्तव में इतनी बड़ी राशि बकाया है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है और अब तक इस पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। वहीं दूसरी ओर प्रबंधन इसे साजिश और बदनाम करने की कोशिश बता रहा है।
कई सवालों के जवाब बाकी
इस पूरे मामले में कई महत्वपूर्ण सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं। यदि बिजली विभाग के रिकॉर्ड में 33.19 लाख रुपये की मांग दर्ज है तो उसकी वास्तविक स्थिति क्या है? क्या क्लब ने नियमित भुगतान नहीं किया या कोई तकनीकी विवाद है? स्वीकृत लोड से अधिक बिजली खपत कब से हो रही है और इसके लिए क्या दंडात्मक कार्रवाई होगी?
इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आ सकते हैं। फिलहाल यूनियन क्लब बिजली बकाया, विभागीय नोटिस और आंतरिक विवादों के कारण चर्चा के केंद्र में आ गया है।






