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  • सात माह पूर्व इस्तीफा दी थी रानी नागर ने 

चंडीगढ़। लगभग सात माह पहले अपने पद से इस्तीफा देने वाली हरियाणा कैडर की 2014 बैच की आइएएस अफसर रानी नागर ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। हालांकि गवर्नमेंट ने अभी तक रानी नागर के इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया था। पिछले माह 11 नवंबर से रानी नागर को वोटिंग फॉर पोस्टिंग रखा गया था। गवर्नमेंट ने सोमवार को उन्हें नागरिक संसाधन सूचना विभाग में अतिरिक्त सचिव के पद पर तैनात किया है।

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मई माह में रानी नागर ने अपना इस्तीफा मई माह में तत्कालीन मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा को भेजा था। उन्होंने इसके कारण के रूप में सरकारी ड्यूटी के दौरान अपनी निजी सुरक्षा पर खतरे का उल्लेख किया था। उन्होंने अपने इस्तीफे की प्रति अपने निजी फेसबुक और ट्विटर अकाउंट पर भी अपलोड कर दी थी। इसके बाद हरियाणा सरकार ने रानी नागर का त्यागपत्र केंद्र सरकार को भेज दिया।

एक आरटीआइ के जवाब में तब यह पता चला कि हरियाणा गवर्नमेंट ने केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय से रानी नागर का इस्तीफा स्वीकार करने के बजाय उन्हें अपने होम स्टेट में इंटर कैडर ट्रांसफर अर्थात उन्हें वर्तमान हरियाणा कैडर से उत्तर प्रदेश कैडर में स्थायी तौर पर ट्रांसफर करने की अनुशंसा की थी, मगर उसे माना नहीं गया।

उल्लेखनीय है कि उस समय रानी के इस्तीफे पर खूब राजनीतिक हंगामा मचा था।यूपी की एक्स सीएम मायावती तक ने रानी नागर के इस्तीफे को आधार बनाते हुए उनकी सुरक्षा का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया था। केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, एमएलए राजेश नागर और एक्स एमएलए ललित नागर ने भी रानी की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की थी।