बांग्लादेश : तारिक रहमान का ‘Bangladesh First’ मंत्र, भारत-चीन-पाकिस्तान पर संतुलित कूटनीति का संकेत

बांग्लादेश में प्रचंड जीत के बाद तारिक रहमान ने ‘Bangladesh First’ विदेश नीति की घोषणा की। जानिए भारत, चीन और पाकिस्तान के साथ संबंधों पर क्या कहा और दक्षिण एशिया की राजनीति पर इसका क्या असर पड़ेगा।

बांग्लादेश : तारिक रहमान का ‘Bangladesh First’ मंत्र, भारत-चीन-पाकिस्तान पर संतुलित कूटनीति का संकेत
भारत, चीन, पाकिस्तान से संतुलित संबंध: तारिक।

ढाका (Threesocieties.com Desk)। संसदीय चुनावों में प्रचंड जीत दर्ज करने के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) प्रमुख तारिक रहमान ने देश की नई विदेश नीति का खाका पेश कर दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनकी सरकार का मूल मंत्र होगा — ‘Bangladesh First’। यानी हर अंतरराष्ट्रीय निर्णय में राष्ट्रीय हित और जनता का कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

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रहमान ने चुनाव बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बांग्लादेश किसी भी देश से संबंध रखेगा तो वह ढाका के हितों और जनता की आकांक्षाओं के आधार पर तय होगा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब दक्षिण एशिया की राजनीति में नए समीकरण बनते दिख रहे हैं।

स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में वापसी

चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बीएनपी नेतृत्व वाले गठबंधन को संसद में स्पष्ट बहुमत मिला है। यह जीत बांग्लादेश की राजनीति में बड़े बदलाव के रूप में देखी जा रही है।मुख्य विपक्ष के तौर पर जमात-ए-इस्लामी उभरी है, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग इस चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकी। इससे देश का राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह बदल गया है।

‘Bangladesh First’ का क्या है मतलब?

रहमान ने कहा कि उनकी सरकार किसी गुटबंदी की राजनीति में नहीं फंसेगी, बल्कि व्यावहारिक और संतुलित कूटनीति अपनायेगी।उन्होंने स्पष्ट किया: भारत, चीन और पाकिस्तान जैसे क्षेत्रीय शक्तिशाली देशों से संबंध संतुलन और आपसी सम्मान पर आधारित होंगे।व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय स्थिरता को प्राथमिकता दी जाएगी। किसी भी समझौते से पहले बांग्लादेश के आर्थिक और सामरिक हितों का आकलन किया जाएगा। उनका कहना था कि “मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन राष्ट्रीय एकता ही देश की असली ताकत है।”

भारत से रिश्तों पर क्या कहा?

भारत के साथ संबंधों को लेकर रहमान ने संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच सहयोग जारी रहेगा, लेकिन हर निर्णय ढाका के हितों के अनुरूप होगा। भारत की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जीत की बधाई देते हुए द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की इच्छा जताई। बीएनपी ने इस संदेश का स्वागत करते हुए क्षेत्रीय स्थिरता और विकास के लिए मिलकर काम करने की बात कही।

विश्लेषकों का मानना है कि ‘Bangladesh First’ नीति भारत-बांग्लादेश संबंधों में नई प्राथमिकताओं और संतुलन को जन्म दे सकती है।

राष्ट्र के नाम संदेश में एकजुटता पर जोर

राष्ट्र को संबोधित करते हुए रहमान ने लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता पर बल दिया। उन्होंने कहा: “हमारे रास्ते और विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन देश के हित में हमें एकजुट रहना होगा।” उन्होंने चुनाव परिणाम को जनता के नए जनादेश के रूप में प्रस्तुत करते हुए इसे सामूहिक जिम्मेदारी से जोड़ा।

दक्षिण एशिया की राजनीति पर असर

विशेषज्ञों के मुताबिक, बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन का असर पूरे दक्षिण एशिया की कूटनीति पर पड़ सकता है। भारत-चीन प्रतिद्वंद्विता और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के बीच रहमान की संतुलित नीति आगे किस दिशा में जाती है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।