धनबाद। झारखंड के एक्स मिनिस्टर व जनता मजदूर संघ के महामंत्री बच्चा सिंह का सोमवार को इलाज के दौरान निधन हो गया। उन्होंने दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर धनबााद के एक निजी हॉस्पिटल में सांस ली।
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एक्स मिनिस्टर बच्चा सिंह का एसजेएस हॉस्पिटल नावाडीह में पिछले दो दिन से इलाज चल रहा था। कल उनको वेंटिलेटर पर ले जाया गया। इलाज के दौरान बच्चा सिंह का डायलिसिस भी किया गया।बच्चा सिंह काफी लंबे समय से बीमार थे। कुछ माह पहले ही उन्हें इलाज के लिए दिल्ली ले जाया गया था। उस वक्त वह बाथरूम से गिर गये थे।
बाबूलाल मरांडी की सरकार में थे नगर विकास मंत्री
बच्चा सिंह सूर्य देव सिंह के भाई थे। बिहार से अलग होकर जब झारखंड बना तो वह बाबूलाल मरांडी की सरकार में मंत्री बने थे। बच्चा सिंह झारिया से एमएलए रह चुके हैं। वह कभी सिंह मेंशन के स्तंभ हुआ करते थे। उन्होंने पहली बार विधानसभा का चुनाव साल 1991 में लड़ा, लेकिन आबो देवी के हाथों उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 1995 में उन्होंने दोबारा झारखंड विधानसभा से अपनी किस्मत आजमायी लेकिन फिर हार गये। साल 2000 में उन्होंने पहली बार जीत मिली और विधायक बनें। इसके बाद उन्हें बाबूलाल मरांडी की सरकार में नगर विकास मंत्री बनाया गया।
बड़े भाई सूर्य देव सिंह भी रह चुके हैं एमएलए
बच्चा सिंह के बड़े भाई सूर्यदेव सिंह भी झारिया विधानसभा से विधायक रह चुके हैं। उन्होंने इस विधानसभा का लगातार चार बार प्रतिनिधित्व किया। सूर्यदेव सिंह 1977 में पहली बार विधायक बने। इसके बाद 1990 तक वे विधायक रहे। एक बार वह आरा लोकसभा से भी किस्मत आजमा चुके थे। लेकिन परिणाम आने से पहले ही वह लोकसभा का चुनाव हार गये थे। इसके बाद बच्चा सिंह ने उसी सीट से साल 1991 में उप-चुनाव लड़ा लेकिन उस समय वह चुनाव हार गये। अभी इस सीट पर कांग्रेस की पूर्णिमा नीरज सिंह विधायक हैं। झरिया सीट पर अधिकतर समय सिंह मेंशन परिवार का ही कब्जा रहा है।दो बार कुंती देवी व एक बार संजीव सिंह झरिया से एमएलए रह चुके हैं।