झारखंड: धनबाद कांग्रेस में घमासान! चार नेताओं को पार्टी ने थमाया कारण बताओ नोटिस

धनबाद कांग्रेस में गुटबाजी बढ़ी! झारखंड प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति ने चार नेताओं—प्रीतम रवानी, पिंटू तुरी, अवधेश पासवान और राजीव पांडेय—को कारण बताओ नोटिस जारी किया। सोशल मीडिया पर पार्टी मामलों को सार्वजनिक करने का आरोप। एक सप्ताह में जवाब नहीं मिला तो होगी कार्रवाई।

झारखंड: धनबाद कांग्रेस में घमासान! चार नेताओं को पार्टी ने थमाया कारण बताओ नोटिस
:धनबाद कांग्रेस की गुटबाजी उजागर।

धनबाद। झारखंड प्रदेश कांग्रेस में लगातार उभर रही गुटबाजी अब खुले टकराव में बदलती दिख रही है। पार्टी की अनुशासन व्यवस्था को चुनौती देने वाले विवादों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति ने धनबाद के चार कांग्रेसी नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

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नोटिस प्राप्त नेताओं में प्रीतम रवानी, पिंटू तुरी, अवधेश पासवान और राजीव पांडेय शामिल हैं। इन नेताओं पर गंभीर आरोप लगे हैं कि इन्होंने पार्टी के आंतरिक मतभेदों और गोपनीय मामलों को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर कांग्रेस की संगठनात्मक छवि को नुकसान पहुंचाया।

जिलाध्यक्ष के प्रतिवेदन के बाद हुई कार्रवाई

धनबाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष संतोष सिंह ने प्रदेश नेतृत्व को भेजे प्रतिवेदन में बताया था कि उक्त नेताओं ने बार-बार चेतावनी के बावजूद पार्टी के अंदरूनी सवालों को सार्वजनिक मंचों पर पोस्ट कर संगठन की मर्यादा का उल्लंघन किया।इसी शिकायत को संज्ञान में लेते हुए प्रदेश अनुशासन समिति ने नोटिस जारी किया है।

एक सप्ताह में जवाब देने का निर्देश

अनुशासन समिति ने सभी चार नेताओं से एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है। समिति ने स्पष्ट किया है कि—

पार्टी के गोपनीय मुद्दों को सार्वजनिक करना गंभीर अपराध है

कांग्रेस संगठनात्मक मर्यादा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी

तय समय में जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई तय है

प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव सह मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि “यदि दिए गए समय में उचित स्पष्टीकरण नहीं मिला, तो समिति आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी।”

क्या है पूरा मामला?

धनबाद कांग्रेस में लंबे समय से गुटबाजी और आपसी खींचतान की चर्चा थी। पिछले कुछ सप्ताहों में सोशल मीडिया पर कई पोस्ट वायरल हुए थे, जिनमें संगठनात्मक आरोप-प्रत्यारोप और कई गोपनीय मुद्दों को सार्वजनिक किया गया था। इन्हीं विवादों को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश नेतृत्व ने यह कड़ा कदम उठाया है।

आगे क्या?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस लगातार खुद को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में पार्टी किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। धनबाद कांग्रेस की यह कार्रवाई आने वाले दिनों में कई और बड़े फैसलों का संकेत भी दे सकती है।