झारखंड: रांची के सबसे बड़े बस स्टैंड में अग्निकांड: खड़ी बसों में लगी भीषण आग, छह जलकर खाक

रांची के खादगढ़ा बस स्टैंड में भीषण आग से 6 बसें जलकर खाक हो गईं। दमकल की देरी, एक्सपायर अग्निशमन यंत्र और अव्यवस्थित पार्किंग ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।

झारखंड: रांची के सबसे बड़े बस स्टैंड में अग्निकांड: खड़ी बसों में लगी भीषण आग, छह जलकर खाक
अग्निशमन यंत्र एक्सपायर, सुरक्षा पर सवाल।
  • दमकल देरी से पहुंच
  •  सुरक्षा व्यवस्था फेल

रांची। (Threesocieties.com Desk)। झारखंड राज्य के सबसे बड़े बस टर्मिनल बिरसा मुंडा बस टर्मिनल (खादगढ़ा बस स्टैंड) में रविवार दोपहर करीब एक बजे उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब खड़ी बसों में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि लाइन में खड़ी एक के बाद एक कुल छह बसें इसकी चपेट में आ गईं और कुछ ही देर में पूरी तरह जलकर खाक हो गयी।

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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सबसे पहले एक बस से धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया और पास में खड़ी अन्य बसों तक फैल गई। बसों के टायर फटने से हो रहे तेज धमाकों से पूरे बस स्टैंड में दहशत का माहौल बन गया। घटना के समय बस स्टैंड पर मौजूद चालक, खलासी और कर्मचारी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आये। कुछ लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता के सामने सभी कोशिशें नाकाम साबित हुईं। वहीं, बगल में खड़ी बसों को बचाने के लिए उनके चालक और मालिक बसों को हटाने में जुटे रहे। आसपास के लोग धुएं का गुबार देखकर अपने घरों की छतों पर चढ़कर हालात देखते रहे।

 दमकल की देरी, बस मालिकों में आक्रोश

सूचना मिलने के काफी देर बाद दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल की दो से तीन गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक छह बसें पूरी तरह जल चुकी थीं। इस घटना के बाद बस मालिकों में भारी आक्रोश देखा गया। बस मालिकों का कहना है कि यदि दमकल समय पर पहुंच जाती, तो कम से कम तीन से चार बसों को बचाया जा सकता था। मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौजूद रही। पुलिस के अनुसार, फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और मामले की जांच की जा रही है।

कई दिनों से खड़ी थीं बसें, बीमा फ्रॉड की आशंका

पुलिस के मुताबिक, जिस बस से आग की शुरुआत हुई, उसके आसपास खड़ी करीब चार बसें कई दिनों से बस स्टैंड में खड़ी थीं। बताया जा रहा है कि ये बसें तकनीकी खराबी के कारण खड़ी की गई थीं। वहीं, दो बसें चालू हालत में थीं। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं यह मामला बीमा (इंश्योरेंस) फ्रॉड से जुड़ा तो नहीं है।

 अग्निशमन यंत्र एक्सपायर, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

खादगढ़ा बस स्टैंड को राज्य का सबसे बड़ा बस टर्मिनल बताया जाता है, लेकिन यहां अग्निशमन व्यवस्था बेहद लचर है। बस स्टैंड में मौजूद अग्निशमन यंत्र एक्सपायर पाए गए। उनकी देखरेख करने वाला भी कोई जिम्मेदार नहीं है। हैरानी की बात यह है कि पूर्व में भी बस स्टैंड में आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में कोई ठोस सुधार नहीं किया गया।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

खादगढ़ा बस स्टैंड में इससे पहले भी कई बार खड़ी बसों में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

25 अक्टूबर 2022 को दीपावली के दिन बस में दीया जलाकर रखने से आग लगी थी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।

30 जून 2023 को भी दोपहर में खड़ी बस में आग लगने की घटना हुई थी।

इन घटनाओं के बावजूद अब तक आग से सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

जाम में फंसी दमकल गाड़ियां

बस स्टैंड में अव्यवस्थित पार्किंग भी इस हादसे की बड़ी वजह बनी। निगम के निर्देशों के बावजूद बसें सड़क पर खड़ी कर दी जाती हैं। रविवार को आग लगने के दौरान सड़क पर खड़ी बसों के कारण दमकल वाहन जाम में फंस गए। पुलिस द्वारा बसें हटाने के बाद ही दमकल की गाड़ियां घटनास्थल तक पहुंच सकीं।

यह घटना भविष्य में किसी बड़े हादसे की चेतावनी भी मानी जा रही है।