Jharkhand : सात साल तक नकली IAS बनकर घूमता रहा राजेश कुमार, पलामू पुलिस ने किया गिरफ्तार
झारखंड के पलामू में 6–7 साल से खुद को नकली IAS अधिकारी बताकर घूम रहे राजेश कुमार को हुसैनाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया। UPSC में असफल होने के बाद उसने फर्जी पहचान बनाकर लोगों को गुमराह किया।
Highlights
6–7 वर्षों से खुद को IAS अधिकारी बताकर लोगों को गुमराह कर रहा था आरोपी
2014 बैच, ओडिशा कैडर का अफसर होने का करता था दावा
फर्जी IAS पहचान पत्र और सरकारी नाम लिखी गाड़ी बरामद
UPSC परीक्षा में चार बार असफल होने के बाद बना नकली अफसर
पलामू। झारखंड के पलामू जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां हुसैनाबाद थाना पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जो पिछले छह से सात वर्षों से खुद को फर्जी IAS अधिकारी बताकर घूम रहा था। आरोपी की पहचान राजेश कुमार, निवासी कुकही गांव, हैदरनगर थाना क्षेत्र के रूप में हुई है।
यह भी पढ़ें: बिहार पहुंचा दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग, गोपालगंज में हुआ भव्य स्वागत; विराट रामायण मंदिर में होगा स्थापित
#हुसैनाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत जमीनी विवाद के संबंध में पैरवी करने के लिये फर्जी IPTAFS ऑफिसर बनकर आए जो विगत 6-7 वर्षों से फर्जी ऑफिसर बनकर घुम रहा है। संदेह के आधार पर हुसैनाबाद थाना प्रभारी द्वारा वरीय पदाधिकारी को..@JharkhandPolice @DIGPalamau @Michaelraj_ips @DC_Palamu pic.twitter.com/30M6sDQhYb
— Palamu Police (@policepalamau) January 3, 2026
पुलिस के अनुसार, राजेश कुमार शुक्रवार को हुसैनाबाद थाना पहुंचा और खुद को 2014 बैच का IAS अधिकारी बताते हुए ओडिशा कैडर में पदस्थापित होने का दावा किया। उसने यह भी कहा कि वह भुवनेश्वर के खरेवाला नगर में CAO (Chief Administrative Officer) के पद पर कार्यरत है।
तीन राज्यों की पोस्टिंग का दावा, यहीं से बढ़ा शक
हुसैनाबाद थाना प्रभारी सोनू कुमार चौधरी से बातचीत के दौरान राजेश ने दावा किया कि वह भुवनेश्वर, देहरादून और हैदराबाद में पोस्टिंग कर चुका है। जब थाना प्रभारी ने एक IAS अधिकारी की तीन अलग-अलग राज्यों में पोस्टिंग पर सवाल उठाया, तो उसके जवाब संतोषजनक नहीं पाये गये। इसके बाद पुलिस को उस पर शक हुआ और उससे नियुक्ति पत्र, पहचान पत्र और अन्य आधिकारिक दस्तावेज मांगे गये, जिन्हें वह प्रस्तुत नहीं कर सका।
फर्जी IAS ID और सरकारी नाम लिखी गाड़ी बरामद
जांच के दौरान पुलिस ने राजेश कुमार के पास से एक फर्जी IAS अधिकारी का पहचान पत्र बरामद किया। इसके अलावा वह अपनी निजी गाड़ी पर “Government of India, CAO, Telecommunication Department” लिखवाकर घूमता था, जिससे लोग आसानी से उसके झांसे में आ जाते थे। पुलिस जब कुकही गांव पहुंची और ग्रामीणों से पूछताछ की, तो कई लोगों ने बताया कि राजेश खुद को लंबे समय से IAS अधिकारी बताता आ रहा था।
UPSC में चार बार फेल, पिता का सपना था IAS बनाना
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि राजेश कुमार ने UPSC की परीक्षा चार बार दी, लेकिन हर बार असफल रहा। उसके पिता का सपना था कि बेटा IAS बने। असफलता से टूटकर उसने यह धोखाधड़ी का रास्ता अपना लिया और सालों तक नकली अफसर बनकर लोगों को प्रभावित करता रहा।
मामला दर्ज, भेजा गया जेल
हुसैनाबाद थाना पुलिस ने राजेश कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि उसने इस फर्जी पहचान के जरिए किन-किन लोगों को ठगा और क्या किसी बड़े नेटवर्क से उसका संबंध है।






