RBI Monetary Policy 2023: रेपो रेट में इस बार कोई बदलाव नहीं, लोन महंगे नहीं होंगे, EMI भी नहीं बदलेगी

भारतीय रिजर्व बैंक ने नई मौद्रिक नीति की घोषणा कर दी है। RBI MPC ने इस बार दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने यह ऐलान किया।

RBI Monetary Policy 2023: रेपो रेट में इस बार कोई बदलाव नहीं, लोन महंगे नहीं होंगे, EMI भी नहीं बदलेगी

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नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक ने नई मौद्रिक नीति की घोषणा कर दी है। RBI MPC ने इस बार दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने यह ऐलान किया।

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RBI ने गुरुवार को रेपो रेट में इजाफा न करने का फैसला किया है। ब्याज दर 6.50% बनी रहेगी। आरबीआइ गवर्नर शक्तिकांत दास ने गुरुवार, छह अप्रैल 2023 को मौद्रिक नीति समिति के फैसलों की घोषणा की। इस बार दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। फरवरी में आरबीआई ने 25 आधार अंकों की वृद्धि की थी। दिसंबर की मौद्रिक नीति समीक्षा में केंद्रीय बैंक ने प्रमुख बेंचमार्क ब्याज दर में 35 आधार अंकों (bps) की वृद्धि की थी। आ पिछले साल मई से, रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए अल्पकालिक उधार दर में लगातार वृद्धि की है।
रेपो रेट में बदलाव नहीं
आज की जाने वाले घोषणा में रेपो रेट, रिवर्स रेपो रेट रेपो दर, और अन्य संबंधित निर्णय शामिल हैं। आरबीआई गवर्नर ने वर्तमान घरेलू और वैश्विक आर्थिक स्थिति पर भी चर्चा की। बहुत से अर्थशास्त्रियों का मानना था कि रेपो रेट में एक चौथाई अंक या 25 बेसिस पॉइंट्स की वृद्धि हो सकती है। हाल के दिनों में जारी किये जाने वाले आर्थिक आंकड़ों की इसमें अहम भूमिका रही।आरबीआई गवर्नर की अध्यक्षता वाली समिति के सामने इस बार दो मुद्दे बहुत अहम थे। एक लगातार छह परसेंट के ऊपर बनी हुई महंगाई और दूसरा, विपरीत वैश्विक परिस्थियों से निपटने की कवायद। इन दोनों को एक साथ साधना बहुत मुश्किल काम है। उच्च खुदरा मुद्रास्फीति और विकसित देशों के केंद्रीय बैंकों, विशेष रूप से यूएस फेडरल रिजर्व, यूरोपीय सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा हाल ही में की गई बढ़ोतरी के मद्देनजर यह बैठक बहुत महत्वपूर्ण है।

आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक आज समाप्त होने के बाद रेपो दरों को 6.50 परसेंट के स्तर पर बरकरार रखने की घोषणा आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास द्वारा की गई।इससे पहले RBI ने रेपो रेट में लगातार 6 बार इजाफा किया था। आज के RBI के फैसले से पहले एक्सपर्ट अनुमान लगा रहे थे कि रेपो रेट में 0.25% का इजाफा किया जा सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि हाल ही में फेडरल रिजर्व, यूरोपियन सेंट्रल बैंक, बैंक ऑफ इंग्लैंड समेत दुनिया के तमाम सेंट्रल बैंकों ने ब्या ज दरें बढ़ाई थीं।RBI ने 2022-23 में छह बार में ब्याज दरों में 2.50% की बढ़ोतरी की है।

मॉनेटरी पॉलिसी की मीटिंग हर दो महीने में होती है। पिछले वित्त वर्ष की पहली मीटिंग अप्रैल में हुई थी। तब RBI ने रेपो रेट को 4% पर स्थिर रखा था, लेकिन दो और तीन मई को इमरजेंसी मीटिंग बुलाकर रेपो रेट को 0.40% बढ़ाकर 4.40% कर दिया। 22 मई 2020 के बाद रेपो रेट में ये बदलाव हुआ था। इसके बाद छह से आठ जून को हुई मीटिंग में रेपो रेट में 0.50% इजाफा किया। इससे रेपो रेट 4.40% से बढ़कर 4.90% हो गई। फिर अगस्त में इसे 0.50% बढ़ाया गया, जिससे ये 5.40% पर पहुंच गई। सितंबर में ब्याज दरें 5.90% हो गईं। फिर दिसंबर में 6.25% पर पहुंच गईं। इसके बाद फरवरी 2023 में ब्याज दरें 6.25% से बढ़ाकर 6.50% कर दी गईं थीं।