धनबाद: कोलाकुसमा में अवैध डीप बोरिंग का खेल: कार्रवाई करने पहुंचे DMC के JE को मिली जान से मारने की धमकी

धनबाद के कोलाकुसमा में अवैध डीप बोरिंग के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे नगर निगम के जूनियर इंजीनियर विकास कुमार को जान से मारने की धमकी मिली। जांच के दौरान दो अवैध बोरिंग मशीनें जब्त की गईं। सरायढेला थाना में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

धनबाद: कोलाकुसमा में अवैध डीप बोरिंग का खेल: कार्रवाई करने पहुंचे DMC के JE को मिली जान से मारने की धमकी
निगम के इंजीनियर से हाथापाई, फोन पर दी हत्या की धमकी।

    Highlights

  • दस्तावेज मांगने पर JE विकास कुमार के साथ धक्का-मुक्की का आरोप
  • पुलिस ने दोनों बोरिंग मशीनों को जब्त कर लिया
  • अगले दिन व्हाट्सएप कॉल कर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप
  • सरायढेला थाना में सरकारी कार्य में बाधा, धमकी और अवैध बोरिंग कराने का मामला दर्ज

धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद के कोलाकुसमा क्षेत्र में अवैध रूप से कराई जा रही डीप बोरिंग के खिलाफ कार्रवाई करना नगर निगम के एक अधिकारी को भारी पड़ गया। धनबाद नगर निगम के कनीय अभियंता (JE) विकास कुमार ने आरोप लगाया है कि अवैध बोरिंग की जांच के दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की की गई और बाद में फोन कर जान से मारने की धमकी दी गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए सरायढेला थाना में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है।

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देर रात मिली थी अवैध बोरिंग की सूचना

जानकारी के अनुसार, सोमवार देर रात नगर निगम को सूचना मिली थी कि कोलाकुसमा स्थित वास्तु विहार मोड़ के समीप बिना अनुमति डीप बोरिंग का कार्य कराया जा रहा है। सूचना के सत्यापन के लिए कनीय अभियंता विकास कुमार रात करीब 2:40 बजे मौके पर पहुंचे।जांच के दौरान उन्होंने पाया कि कर्नाटक नंबर की दो मशीनों से डीप बोरिंग का कार्य चल रहा था। नगर निगम की अधिकृत सूची से मिलान करने पर दोनों वाहनों का पंजीकरण बोरिंग कार्य के लिए नहीं पाया गया। मौके पर मौजूद मुंशी से वैध दस्तावेजों की मांग की गई, लेकिन कोई कागजात प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

दस्तावेज मांगने पर हुई धक्का-मुक्की

JE विकास कुमार ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि जब उन्होंने बोरिंग कार्य से संबंधित दस्तावेज मांगे तो वहां मौजूद लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और पकड़ने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ती देख वह किसी तरह वहां से निकलकर सरायढेला थाना पहुंचे और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। पुलिस गश्ती दल के साथ जब वह दोबारा घटनास्थल पर पहुंचे तो वहां मौजूद सभी लोग फरार हो चुके थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों बोरिंग मशीनों को जब्त कर थाना परिसर में सुरक्षित रखवा दिया।

व्हाट्सएप कॉल पर मिली जान से मारने की धमकी

मामला यहीं नहीं रुका। विकास कुमार के अनुसार मंगलवार सुबह उन्हें व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम अमित गुप्ता बताया और कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी।शिकायत के अनुसार आरोपी ने कहा कि वह अवैध रूप से बोरिंग कराएगा और यदि हिम्मत है तो उसे रोककर दिखाएं। साथ ही गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी गई। JE ने कॉल की स्क्रीन रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की बात पुलिस को बताई है।

नगर आयुक्त ने लिया मामले का संज्ञान

सूत्रों के अनुसार, कनीय अभियंता ने पूरे मामले की जानकारी नगर आयुक्त को भी दी। नगर आयुक्त ने घटना को गंभीर मानते हुए पुलिस के वरीय अधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि मामले में नामजद अमित गुप्ता सिंह मेंशन का समर्थक है।अमित को मनईटांड़ से पुलिस धनबाद थाना में घंटो बैठाकर रखने के बाद छोड़ दी। हालांकि पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कई धाराओं में दर्ज हुआ मामला

सरायढेला थाना में दर्ज प्राथमिकी में अवैध रूप से डीप बोरिंग कराने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, सरकारी सेवक के साथ दुर्व्यवहार, गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने जैसे आरोप शामिल किए गए हैं।पुलिस ने एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए बुलाया था, हालांकि पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया। अब पुलिस कॉल रिकॉर्ड, स्क्रीन रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।

अवैध बोरिंग पर निगम की सख्ती

धनबाद नगर निगम क्षेत्र में बिना अनुमति डीप बोरिंग पर पहले भी कार्रवाई होती रही है। भूजल स्तर में लगातार गिरावट और नियमों के उल्लंघन को देखते हुए निगम ने अवैध बोरिंग के खिलाफ अभियान चला रखा है। ऐसे में कोलाकुसमा की घटना ने अवैध बोरिंग के कारोबार और उससे जुड़े प्रभावशाली लोगों की भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की पहचान तथा उनकी भूमिका की पड़ताल की जा रही है।