बिहार: पटना में पप्पू यादव के समर्थकों पर लाठी चार्ज, पुलिस एक्स एमपी को 32 साल पुराने मामले में अरेस्ट किया

मधेपुरा पुलिस ने जाप सु्प्रीमो सह एक्स एमपी राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को 32 साल पुराने किडनैपिंग के केस में अरेस्ट कर ली है। मधेपुरा पुलिस पप्पू को पटना से ले गई है। पटना में पुलिस ने गांधी मैदान थाना गेट के पास उनके समर्थकों पर लाठीचार्ज किया है। पुलिस लाठीचार्ज में कई समर्थकों के घायल होने की सूचना है।

बिहार: पटना में पप्पू यादव के समर्थकों पर लाठी चार्ज, पुलिस एक्स एमपी को 32 साल पुराने मामले में अरेस्ट किया

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पटना। मधेपुरा पुलिस ने जाप सु्प्रीमो सह एक्स एमपी राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को 32 साल पुराने किडनैपिंग के केस में अरेस्ट कर ली है। मधेपुरा पुलिस पप्पू को पटना से ले गई है। पटना में पुलिस ने गांधी मैदान थाना गेट के पास उनके समर्थकों पर लाठीचार्ज किया है। पुलिस लाठीचार्ज में कई समर्थक घायल हुए हैं।

बजाता जाता है कि पप्पू को मधेपुरा ले जाने के क्रम में हाजीपुर में समर्थकों ने पुलिस के काफिले पर हमला कर दिया। बैरिकेटिंग लगाकर लोक दिया। गाड़ियों के सामने जाप समर्थक जमीन पर लेट गये। काफी मशक्कत के बाद समर्थकों को हटाकर पुलिस का काफिला आगे बढ़ी।पप्पू यादव ने मधेपुरा जाने से पहले आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से खास अपील की है।मीडिया से बातचीत करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि लालू जी से मैं एक अपील करना चाहता हूं कि यह समय सेवा करने का है। सभी लोगों को एक साथ एकजुट होकर काम करने का है।उन्होंने तेजस्वी से अपील करते हुए कहा कि वे सड़कों पर उतरें। लोगों की सेवा करें। पप्पू यादव ने कहा कि अगर मुझे लोगों की सेवा के लिए अपना घर द्वार बेचना पड़े तो भी बेच दूंगा।

उल्लेखनीय है कि कि पटना पुलिस ने मंगलवार के दिन में एक्स एमपी राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को बुद्धा कॉलोनी थाने के मंदिरी स्थित आवास से कस्टडी में लेकर गांधी मैदान थाना लायी थी। वहां उनसे पुलिस ने पांच-छह घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। इसके बाद पुलिस ने मधेपुरा के मुरलीगंज पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ 32 साल पहले दर्ज केस में कोर्ट द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट व पीरबहोर थाने में दर्ज केस के मामले में अरेस्ट कर लिया।
मधेपुरा के केस में वारंट 22 मार्च को जारी हुआ था, जबकि पप्पू यादव के खिलाफ पीरबहोर पुलिस स्टेशन में मंगलवार को केस दर्ज की गयी है। इसमें उन पर कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है। आइपीसी की सेक्शन 143 /188 /269 /353 और आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51/ 52 /54 व महामारी रोग अधिनियम के 3/6 के तहत पीएमसीएच कंट्रोल रूम में तैनात मजिस्ट्रेट सह BEO रास बिहारी दुबे व पुलिस अफसर चंदेश्वर प्रसाद सिंह के बयान के आधार पर दर्ज किया गया है।