बोकारो: दलित महिला हत्याकांड पर बवाल: सड़क जाम आंदोलन में पहुंचे ढुलू-जयराम पर FIR, 200 अज्ञात भी आरोपी
बोकारो के बेरमो में दलित महिला अनिता कुमारी हत्याकांड को लेकर हुए सड़क जाम आंदोलन में शामिल होने पर सांसद ढुलू महतो और विधायक जयराम महतो समेत 10 नामजद और 200 अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज हुई है। पढ़ें पूरी खबर।
• सड़क पर शव रखकर किया गया था प्रदर्शन
• सांसद ढुलू महतो और विधायक जयराम महतो समेत 10 नामजद पर FIR
• सरकारी कार्य में बाधा का आरोप, घंटो बाधित रहा डुमरी-फुसरो मुख्य मार्ग का यातायात
बोकारो (Threesocieties.com Desk): झारखंड के बोकारो जिले में गर्भवती दलित महिला की कथित पीट-पीटकर हत्या के बाद शुरू हुआ विरोध अब राजनीतिक और कानूनी मोड़ ले चुका है। बेरमो थाना में दर्ज प्राथमिकी में धनबाद सांसद ढुलू महतो, डुमरी विधायक जयराम महतो समेत 10 नामजद और लगभग 200 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि इन लोगों ने मृतका का शव सड़क पर रखकर मुख्य मार्ग को घंटों तक जाम रखा, जिससे पूरे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।
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अनिता कुमारी की मौत के बाद भड़का आक्रोश
जानकारी के अनुसार, 29 मई की रात अनिता कुमारी को गंभीर हालत में ढोरी क्षेत्रीय अस्पताल लाया गया था, जहां इलाज के दौरान चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले दिन शव परिजनों को सौंपा गया। इसके बाद मृतका के परिजन और स्थानीय लोग हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए।बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने शव को एंबुलेंस सहित डुमरी-फुसरो मुख्य मार्ग स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय चौक पर रख दिया और सड़क को चारों तरफ से अवरुद्ध कर दिया।
हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क जाम
स्थानीय लोगों का आरोप था कि गर्भवती महिला की हत्या के मामले में पुलिस तेजी से कार्रवाई नहीं कर रही थी। इसी नाराजगी के बीच लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू किया। आंदोलन की सूचना मिलने पर धनबाद सांसद ढुलू महतो और डुमरी विधायक जयराम महतो भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार के समर्थन में खड़े दिखाई दिए। प्रदर्शन के दौरान सांसद ढुलू महतो ने कथित तौर पर प्रशासन को चेतावनी देते हुए हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी।
प्रशासन का दावा- 18 घंटे तक बाधित रहा जनजीवन
प्राथमिकी दर्ज कराने वाले बेरमो एसडीएम ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारियों ने सड़क को बांस, बल्लियों और पत्थरों से घेरकर पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया था। प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस और महिला बल ने कई बार लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शन समाप्त नहीं हुआ। बताया गया कि लगभग 18 घंटे तक चले इस जाम के कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्री वाहन, एंबुलेंस और मालवाहक गाड़ियां भी प्रभावित हुईं।
किन-किन लोगों को बनाया गया आरोपी?
प्राथमिकी में सांसद ढुलू महतो और विधायक जयराम महतो के अलावा विनोद विश्वकर्मा, अमन कुमार रवि, कुणाल महतो, राजकुमार गिरि, अर्चना सिंह, जितेंद्र कुमार सिंह, सूरजकांत पांडेय उर्फ सूरज पांडेय और टिंकू शर्मा को नामजद आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा लगभग 200 अज्ञात लोगों पर भी सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, विधि व्यवस्था प्रभावित करने और सड़क जाम कर आम जनजीवन बाधित करने का आरोप लगाया गया है।
अब आगे क्या?
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और वीडियो फुटेज, प्रशासनिक रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। दूसरी ओर, इस पूरे मामले ने बोकारो और आसपास के इलाकों में राजनीतिक माहौल को भी गर्म कर दिया है।अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दलित महिला हत्याकांड में आरोपियों की गिरफ्तारी पहले होती है या सड़क जाम मामले में दर्ज FIR राजनीतिक विवाद को और बढ़ाती है।
एसपी से मिले सांसद व पूर्व विधायक,आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग

जिला के बेरमो पांच नंबर धौड़ा में गर्भवती दलित महिला अनीता देवी की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेभाजपा व आजसू नेताओं का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को बोकारो एसपी नाथू सिंह मीना से मिला। नेताओं के साथ मृतका के पति महेश भुईयां और उनके बच्चे भी थे। नेताओं ने एसपी से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी,
गोमिया के पूर्व विधायक लंबोदर महतो, बोकारो के पूर्व विधायक बिरंची नारायण, भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ सुरेंद्र राज, आजसू जिला अध्यक्ष सचिन महतो सहित अन्य शामिल थे।






