धनबाद में ‘कोयला चोरों’ का कहर! बरोरा में ग्रामीणों का उबाल, अवैध खनन से मंडरा रहा भू-धंसान का खतरा
धनबाद के बरोरा में अवैध कोयला खनन के खिलाफ ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन। मुराईडीह परियोजना ठप, भू-धंसान के खतरे से दहशत में लोग। प्रबंधन ने कार्रवाई का दिया आश्वासन।
- अवैध कोयला खनन के खिलाफ बरोरा में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
- मुराईडीह परियोजना ठप
धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद के बरोरा क्षेत्र में अवैध कोयला खनन और लगातार बढ़ते भू-धंसान के खतरे को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार सड़कों पर फूट पड़ा। सोमवार को बरोरा बस्ती और मंडल केंदुआडीह के सैकड़ों ग्रामीणों ने मुराईडीह परियोजना का काम ठप कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
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भू-धंसान के डर से दहशत में ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि बरोरा बस्ती से सटे बंद खदानों में धड़ल्ले से अवैध कोयला खनन हो रहा है। प्रबंधन की लापरवाही के कारण ये खदानें असुरक्षित बनी हुई हैं, जिससे इलाके में लगातार भू-धंसान का खतरा बढ़ता जा रहा है। लोगों ने साफ कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है।
मुराईडीह प्रबंधन पर गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने मुराईडीह परियोजना प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बंद खदानों की निगरानी नहीं की जा रही है। अवैध खनन माफिया बेखौफ होकर कोयला निकाल रहे हैं, जिससे जमीन अंदर से खोखली हो रही है।
‘मौत के मुहाने’ पर बस्ती, तत्काल कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर अवैध खनन पर तुरंत रोक नहीं लगी और खुले मुहानों को बंद नहीं किया गया, तो आंदोलन और उग्र होगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सभी अवैध खदानों को तुरंत सील किया जाए और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
प्रबंधन ने दिया आश्वासन, शुरू हुई कार्रवाई
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बरोरा क्षेत्रीय प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। जीएम केके सिंह ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि सभी अवैध मुहानों को ओबी (ओवर बर्डन) डालकर बंद किया जाएगा। प्रबंधन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मुहानों को बंद करने का काम भी शुरू कर दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया।
पहले भी हो चुकी है दर्दनाक घटना
गौरतलब है कि हाल ही में टंडाबारी बस्ती में अवैध खनन के कारण भू-धंसान की बड़ी घटना हुई थी, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा भी धनबाद के कई इलाकों में ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे लोगों में लगातार भय का माहौल बना हुआ है।
इन ग्रामीणों ने संभाला आंदोलन का मोर्चा
इस आंदोलन में देवनंद साव, विनोद साव, धनंजय महतो, बीरेंद्र महतो, सीताराम महतो, गणेश महतो, संतोष महतो, मनोज महतो, भागीरथ महतो, जयप्रकाश साव, विजय साव, विकास साव, पंकज महतो, सुखदेव साव, छोटन बिसियार समेत कई ग्रामीण शामिल रहे।






