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धनबाद। IIT ISM 2026 में 100 साल का हो जायेगा। रॉयल स्कूल ऑफ माइंस लंदन की तर्ज पर 1926 में कोयला नगरी धनबाद में स्थापित IIT ISM अपने शताब्दी वर्ष समारोह के लिए तैयार है। IIT ISM के भव्य समारोह के लिए दुनिया भर से इस्टीच्युट के एक्स स्टूडेंट आर्थिक सहयोग दे रहे हैं।

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एक्स स्टूडेंट अवलेश सिंह ने दिया एक करोड़ का डोनेशन
2005 बैच के बीटेक मिनरल्स इंजीनियरिंग ग्रेजुएट अवलेश सिंह ने एक करोड़ रुपये का डोनेशन शताब्दी कोष के लिए दिया है। अवलेश देश के प्रमुख टेक स्टार्टअप्स में से एक वेब एंगेज के सह-संस्थापक और सीईओ हैं। उन्होंने शताब्दी कोष के लिए प्रथम किस्त के तौर पर 25 लाख रुपये ट्रांसफर भी कर दिए हैं। शेष राशि मार्च 2026 से पहले ट्रांसफर कर दी जायेगी।वेब एंगेज कई सालों से एशिया प्रशांत क्षेत्र में सबसे तेजी से बढ़ती तकनीकी कंपनी है। अवलेश सिंह ने कहा कि ISM ने उन्हें इस काबिल बनाया है कि वो कुछ सहयोग कर रहे हैं। इससे अन्य लोग भी प्रेरित होंगे। उन्होंने कहा कि अगले वित्तीय वर्ष में 25 लाख की दूसरी किस्त का भुगतान कर दिया जायेगा। शेष राशि मार्च 26 में होने वाले शताब्दी वर्ष से पहले प्रदान कर दी जायेगी। वेब एंगेज स्टार्टअप में भारत समेत दुबई, साओ पाओलो और जकार्ता के कई ऑफिस में 400 से अधिक स्टाफ हैं।

IIT ISM ने पिछले साल विकसित किया था शताब्दी फंड
IIT ISM ने पिछले वर्ष शताब्दी फंड विकसित किया था। नौ दिसंबर को संस्थान के 97वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान डीन (अंतरराष्ट्रीय संबंध और पूर्व छात्र मामले) प्रो. आरएम भट्टाचार्जी के साथ हुए समझौता ज्ञापन में आईआईटी आईएसएम के पूर्व निदेशक प्रो. एसपी बनर्जी ने पांच लाख रुपये दिए। डीन (मीडिया और ब्रांडिंग) प्रो रजनी सिंह ने पूर्व छात्र अवलेश के योगदान पर आभार जताया है।

डायरेक्टर ने की अवलेश सिंह के योगदान की सराहना
IIT ISM के डायरेक्टर प्रो. राजीव शेखर ने भी अवलेश सिंह के किये गये योगदान की सराहना की है। उन्होंने कहा अवलेश के योगदान को प्रतीकात्मक रूप से अन्य पूर्व छात्रों को शताब्दी कोष में योगदान करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

फंड की सहायता से IIT ISM में बनेगा एक auditorium
IIT ISM एलुमनी एसोसिएशन के प्रसिडेंट अशोक कुमार ने 2026 से पहले एक्स स्टूडेंट्स के योगदान से शताब्दी कोष में 100 करोड़ रुपये जमा करने की योजना बनाई है। इस राशि से अन्य विकास कार्य करने के साथ ही संस्थान में एक बड़ा सभागार बनाया जाएगा।

एक्स स्टूडेंट नरेश दे चुके हैं 10 करोड़ का डोनेशन
इंस्टीच्युट ने आईआईटी आईएसएम एलुमनी एसोसिएशन नार्थ अमेरिका सहित सभी एलुमनी एसोसिएशन से संपर्क करना शुरू कर दिया है। 1967 पेट्रोलियम इंजीनियरिंग बैच के एक्स स्टूडेंट नरेश के वशिष्ठ 97वें स्थापना दिवस में आईएसएम में हाइड्रोजन और कार्बन कैप्चर सीक्वेस्ट्रेशन सेंटर की स्थापना के लिए 10 करोड़ रुपये दे चुके हैं। इंस्टीच्युट से बीटेक (माइनिंग इंजीनियरिंग) पास बिनय दयाल ने भी संस्थान के शताब्दी कोष में एक लाख रुपये का योगदान दिया है।