धनबाद में ‘घूसखोर पंडित’ फिल्म पर बवाल: भाजपा नेता मुकेश पांडेय ने दर्ज कराई शिकायत, प्रतिबंध की उठी मांग

धनबाद में ‘घूसखोर पंडित’ फिल्म के शीर्षक को लेकर विवाद गहरा गया है। भाजपा नेता व मेयर प्रत्याशी मुकेश पांडेय ने थाने में शिकायत दर्ज कर फिल्म पर प्रतिबंध की मांग की है।

धनबाद में ‘घूसखोर पंडित’ फिल्म पर बवाल: भाजपा नेता मुकेश पांडेय ने दर्ज कराई शिकायत, प्रतिबंध की उठी मांग
धनबाद पुलिस स्टेशन में मुकेश पांडेय व अन्य।
  • फिल्म के शीर्षक को लेकर गरमाई सियासत

धनबाद (Threesocieties.com Desk)। फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ के शीर्षक को लेकर कोयलांचल की राजनीति गरमा गई है। Dhanbad में भारतीय जनता पार्टी के नेता और मेयर प्रत्याशी Mukesh Pandey ने सोमवार को समर्थकों के साथ धनबाद थाना पहुंचकर फिल्म के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने प्रशासन से इस फिल्म पर तत्काल रोक लगाने और निर्माता-निर्देशक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

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 “ब्राह्मण समाज को बदनाम करने की साजिश”: मुकेश पांडेय

मुकेश पांडेय ने आरोप लगाया कि फिल्म का नाम जानबूझकर ब्राह्मण समाज को बदनाम करने के उद्देश्य से रखा गया है। उनका कहना है कि इस तरह का शीर्षक समाज में वैमनस्य फैलाने का काम करता है और एक विशेष समुदाय की छवि को धूमिल करता है। उन्होंने कहा, “ब्राह्मणों को टारगेट कर इस तरह का शीर्षक रखा गया है। इससे पूरी जाति को अपमानित किया जा रहा है और हिंदुत्व को कमजोर करने की साजिश की जा रही है।” भाजपा नेता ने फिल्म के निर्माता, निर्देशक और कलाकारों की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी समाज विशेष को निशाना बनाकर विवादित फिल्म न बनाए।

 थाने में दर्ज कराई गई लिखित शिकायत

भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे मुकेश पांडेय ने धनबाद थाना में लिखित आवेदन देकर मामले की जांच की मांग की। थाना पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जांच की जाएगी और विधिसम्मत कार्रवाई की जायेगी। सूत्रों के अनुसार, शिकायत में फिल्म के शीर्षक को सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला बताया गया है और प्रशासन से इसे रिलीज से पहले ही प्रतिबंधित करने की मांग की गई है।

 आंदोलन की चेतावनी

मुकेश पांडेय ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने उचित कदम नहीं उठाया तो ब्राह्मण समाज आंदोलन करने को बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि समाज की अस्मिता से जुड़े मुद्दों पर किसी भी तरह की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जायेगी। इस विवाद के बाद शहर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।

 प्रशासन की भूमिका पर नजर

अब सबकी निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। क्या फिल्म के शीर्षक में बदलाव होगा? क्या सेंसर बोर्ड या जिला प्रशासन कोई हस्तक्षेप करेगा? यह आने वाला समय ही तय करेगा। फिलहाल, धनबाद में इस मुद्दे को लेकर चर्चा और राजनीतिक बयानबाजी जारी है।