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धनबाद। झरिया एमएलए पूर्णिमा नीरज सिंह ने कहा है कि उन्होंने आज तक किसी क्रिमिनल की पैरवी नहीं की है। किसी क्रिमिनल या गलत लोगों का बचाव नहीं किया है। विरोधियों के आरोप में कोई दम नहीं है। पूर्णिमा ने कहा कि जब से एमएलए बनी हैं, कभी किसी क्रिमिनल को थाना से छोड़ने या बचाने के लिए किसी पुलिस अफसर से नहीं कहा है। वह स्वच्छ राजनीति में विश्वास करती हैं। वहीं हर्ष सिंह ने कहा कि मर्डर की राजनीति कौन करता यह धनबाद के लोग जानते हैं। धनबाद में सिंह मेंशन ही मर्डर की राजनीति करता है।

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झरिया एमएलए ने कहा कि जहां तक अजय रवानी को रखने की बात है, तो किस के दिल में क्या है किसको पता है। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। जांच का इंतजार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं। उनके हसबैंड नीरज सिंह की मर्डर किसने करवाई, यह पूरी दुनिया जानती है। मामले में पुलिस का इन्विस्टीगेशन पूरा हो चुका है। किसी मामले की सीबीआइ जांच होगी या नहीं, यह फैसला सेंट्रल गवर्नमेंट करती है या फिर हाइकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट।
सिंह मेंशन करता रहा है मर्डर की राजनीति : हर्ष सिंह
झरिया एमएलए पूर्णिमा नीरज सिंह के मौसेरे देवर हर्ष सिंह ने कहा कि मर्डर की राजनीति कौन करता यह धनबाद के लोग जानते हैं। धनबाद में सिंह मेंशन ही मर्डर की राजनीति करता है। हम लोग इससे बहुत दूर हैं। जब भी सिंह मेंशन वालों की जमीन खिसकती है, तो वो लोग हम लोगों पर आरोप लगाते हैं। वर्ष 2019 में विधानसभा चुनाव में हार के बाद भी उनका यही हाल था। पूरे धनबाद को पता है कि अमन सिंह कैसे धनबाद पहुंचा और उसे कौन लाया था। निगम चुनाव में डिप्टी मेयर के लिए नीरज सिंह का मदद किये जाने से संबंधित बीजेपी लीडर रागिनी सिंह के बयान पर पलटवार करते हुए हर्ष ने कहा कि वर्ष 2010 में डिप्टी मेयर के चुनाव में कतरास मोड़ ऑफिस में सिंह मेंशन के लोगों ने प्रेस कांफ्रेंस किया था। कहा था कि वो लोग मेयर प्रत्याशी इंदु देवी का समर्थन कर रहे हैं। इसके अलावा किसी से कोई मतलब नहीं है। फिर कैसे रागिनी सिंह ऐसा कह सकती हैं।
हर्ष ने कहा कि नीरज सिंह उनके पिता समान बड़े भाई थे। नीरज सिंह की मर्डर कर पिता व भाई उनसे छीन लिया गया। नीरज सिंह की मर्डर की सीबीआइ जांच की मांग को लेकर उनलोगों ने रणधीर वर्मा चौक पर धरना दिया। विधानसभा घेराव किया। उस समय बीजेपी की सरकार थी,आरोपी झरिया एमएलए थे। एमएलए ने क्यों नहीं सरकार से सीबीआइ जांच की अनुसंशा करवायी।