धनबाद नगर निगम चुनाव-2026: विकास के एजेंडे के साथ शेखर अग्रवाल फिर से मेयर के मैदान में

धनबाद नगर निगम चुनाव से पहले पूर्व मेयर शेखर अग्रवाल ने मेयर पद के लिए फिर ठोकी ताल। बोले– पिछले कार्यकाल के विकास कार्य ही मेरी सबसे बड़ी ताकत, महिलाओं, स्मार्ट सिटी और मिलेनियम सिटी पर रहेगा फोकस।

धनबाद नगर निगम चुनाव-2026:  विकास के एजेंडे के साथ शेखर अग्रवाल फिर से मेयर के मैदान में
पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल और अन्य।
  • बोले – “जनता काम पर करेगी भरोसा”

धनबाद।(Threesocieties.com Desk) झारखंड में नगर निकाय चुनाव की घोषणा से पहले ही धनबाद नगर निगम चुनाव की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। इसी क्रम में धनबाद नगर निगम के पूर्व मेयर और भाजपा नेता चंद्रशेखर अग्रवाल उर्फ शेखर अग्रवाल ने एक बार फिर मेयर पद के लिए अपनी दावेदारी का औपचारिक ऐलान कर दिया है।

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रविवार को हाउसिंग कॉलोनी स्थित दादा–दादी पार्क में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान शेखर अग्रवाल ने साफ शब्दों में कहा कि वे अपने पिछले कार्यकाल के विकास कार्यों को ही अपनी सबसे बड़ी चुनावी ताकत बनाकर जनता के बीच जाएंगे। उनका दावा है कि धनबाद में विकास के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ मजबूत इच्छाशक्ति और ईमानदार नेतृत्व की है।

काम बनाम वादे’ की रणनीति के साथ मैदान में

पत्रकारों से बातचीत में अग्रवाल ने कहा कि उनका पिछला कार्यकाल धनबाद के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देने वाला रहा है। उन्होंने कहा, “मैंने जो कहा, उसे जमीन पर उतारने की कोशिश की। इस बार भी जनता से सिर्फ एक ही अपील है – काम को देखकर वोट करें।”उनके इस बयान से साफ है कि वे इस चुनाव में वादों की बजाय किए गए कामों को केंद्र में रखकर रणनीति बना रहे हैं।

विकास कार्यों की लंबी फेहरिस्त

पूर्व मेयर ने अपने कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि उनके कार्यकाल से पहले नगर निगम क्षेत्र में सार्वजनिक पार्कों और श्मशान घाटों की हालत बेहद खराब थी। उन्होंने बताया कि—

शहर के कई पार्कों और श्मशान घाटों का सौंदर्यीकरण कराया गया

बेकारबांध तालाब को नया और आधुनिक स्वरूप दिया गया

सिटी सेंटर से किसान चौक तक फोर लेन सड़क के लिए प्रयास किए गए

बैंक मोड़ से महुदा तक NH-32 को फोर लेन कराने की दिशा में काम हुआ

बैंक मोड़–झरिया रोड और सिंदरी रोड को बेहतर बनाया गया

अग्रवाल का दावा है कि इन परियोजनाओं से न केवल शहर की तस्वीर बदली, बल्कि यातायात व्यवस्था भी पहले से कहीं ज्यादा बेहतर हुई।

महिलाओं, स्वयं सहायता समूह और स्वरोजगार पर फोकस

शेखर अग्रवाल ने कहा कि उनके कार्यकाल में हर वार्ड में महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) तैयार किए गए थे, जिससे महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया। हालांकि, पिछले पांच वर्षों से नगर निगम चुनाव नहीं होने के कारण ये समूह कमजोर पड़ गये। उन्होंने भरोसा दिलाया कि—

दोबारा मौका मिलने पर महिलाओं को फिर से संगठित किया जाएगा

उन्हें रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ा जाएगा

इसके साथ ही हर घर जल-नल योजना को पूरी तरह लागू करना और धनबाद को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

DMFT फंड, विजन और ‘मिलेनियम सिटी’ का सपना

पूर्व मेयर ने कहा कि धनबाद देश के 63 प्रमुख शहरों में शामिल है, लेकिन आज भी विकास की कई खामियां मौजूद हैं। उनका लक्ष्य धनबाद को ‘मिलेनियम सिटी’ के स्तर की सुविधाएं देना है। उन्होंने DMFT (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट) फंड का जिक्र करते हुए कहा— “धनबाद के पास पैसे की कमी नहीं है, कमी है तो सिर्फ काम करने वालों की। फंड की कमी को विकास में कभी बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।”

भाजपा समर्थन और आगे की रणनीति

पार्टी समर्थन के सवाल पर अग्रवाल ने कहा कि वे भाजपा के मंच पर मजबूती से अपनी दावेदारी रखेंगे और पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का प्रयास करेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि इस मुद्दे पर प्रमंडलीय और प्रदेश स्तर की पार्टी टीम से भी बातचीत होगी। अपने पूरे चुनावी अभियान को उन्होंने एक ही पंक्ति में समेटते हुए कहा— “काम बोलता है।”

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भाजपा संगठन किसे अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाता है और धनबाद की जनता विकास के दावों पर क्या फैसला सुनाती है।