कोयला घोटाला: रांची में ईडी के सामने पेश हुए धनबाद के कारोबारी एलबी सिंह, खनन-परिवहन पर हुई पूछताछ

झारखंड-बंगाल कोयला घोटाला मामले में ईडी ने धनबाद के कारोबारी एलबी सिंह से रांची में लंबी पूछताछ की। खनन, परिवहन नेटवर्क, हवाला लेन-देन और कोयला माफिया अनूप माजी उर्फ लाला से संभावित कनेक्शन की जांच तेज।

कोयला घोटाला: रांची में ईडी के सामने पेश हुए धनबाद के कारोबारी एलबी सिंह, खनन-परिवहन पर हुई पूछताछ
एलबी सिंह (फाइल फोटो)।

रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड और पश्चिम बंगाल से जुड़े बहुचर्चित कोयला घोटाला मामले में Enforcement Directorate (ईडी) ने सोमवार को धनबाद के चर्चित कोयला कारोबारी एलबी सिंह से लंबी पूछताछ की। पीएमएलए के तहत चल रही जांच के सिलसिले में एलबी सिंह रांची स्थित ईडी के जोनल कार्यालय पहुंचे, जहां उनसे कोयले के अवैध खनन, परिवहन नेटवर्क और हवाला लेन-देन से जुड़े कई अहम सवाल पूछे गये।

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पूछताछ के दौरान ईडी अधिकारियों ने पहले जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों को उनके सामने अनलॉक कराया और उनमें मौजूद दस्तावेजों की जांच की। एजेंसी ने कोयला तस्करी से जुड़े आर्थिक लेन-देन, कथित हवाला ट्रांजेक्शन आदि जानकारी जुटाने की कोशिश की। हालांकि एलबी सिंह ने पूछताछ के दौरान गलत लोगों से किसी भी तरह के व्यावसायिक संबंध होने से इनकार किया है। पहली बार ईडी का समन मिलने के बाद खुद को बीमार होने का हावा देकर एलबी सिंह ने समय मांगा था। ईडी द्वारा दूसरी बार समन देकर नौ मार्च को पूछताछ के लिए बुलाया गया था।

खनन, परिवहन और हवाला नेटवर्क पर ईडी की नजर

ईडी सूत्रों के अनुसार एजेंसी इस पूरे मामले में अवैध कोयला खनन से लेकर उसके परिवहन और बिक्री तक के नेटवर्क की जांच कर रही है। माना जा रहा है कि झारखंड और पश्चिम बंगाल में सक्रिय इस सिंडिकेट के जरिए कोयले का अवैध उत्खनन, परिवहन, भंडारण और बाजार में खपाने का बड़ा रैकेट चल रहा था। इस मामले में ईडी ने अब तक चार अलग-अलग Enforcement Case Information Report (ECIR) दर्ज कर जांच शुरू की है।

आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए कोयले की चोरी कर उसे अवैध रूप से विभिन्न फैक्ट्रियों और कारोबारियों तक पहुंचाया जाता था। पूछताछ के दौरान एजेंसी ने एलबी सिंह से उनके अन्य कारोबारियों के साथ व्यावसायिक संबंधों, परिवहन कंपनियों और कथित हवाला लेन-देन के बारे में भी विस्तार से सवाल किए।

20 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी में मिले थे नकद और जमीन के दस्तावेज

इससे पहले 21 नवंबर 2025 को ईडी ने धनबाद और दुमका में एलबी सिंह और उनके करीबियों से जुड़े 20 से अधिक ठिकानों पर बड़ी छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के दौरान एजेंसी को करीब 2.20 करोड़ रुपये नकद और 150 से अधिक जमीन से जुड़े दस्तावेज मिले थे।इन दस्तावेजों के आधार पर ईडी ने अब एलबी सिंह से विस्तृत पूछताछ की है। जिन ठिकानों पर छापेमारी हुई थी, उनमें एलबी सिंह के अलावा  अनिल गोयल, संजय खेमका और अमर मंडल से जुड़े परिसर भी शामिल थे।

सूत्रों के अनुसार डिजिटल उपकरणों को खोलने और उनसे जुड़े डेटा की जांच के लिए ईडी ने एलबी सिंह को पहले भी समन किया था, लेकिन तब उन्होंने बीमारी का हवाला देकर समय मांगा था। बाद में उन्हें 9 मार्च को रांची स्थित कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया गया था।

लाला सिंडिकेट पर ईडी का शिकंजा

कोयला घोटाले के एक अन्य मामले में ईडी ने हाल ही में कोयला माफिया अनूप माजी उर्फ लाला और उसके सहयोगियों से जुड़ी 100.44 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त की है।एजेंसी की चार्जशीट के मुताबिक इस मामले में अब तक कुल 322.71 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। जांच में सामने आया है कि Eastern Coalfields Limited (ईसीएल) के लीजहोल्ड क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध कोयला खनन और चोरी की गतिविधियां लाला के नेतृत्व वाले सिंडिकेट द्वारा संचालित की जा रही थीं।

जांच एजेंसी के अनुसार यह सिंडिकेट अवैध खनन कर कोयले की चोरी करता था और फिर स्थानीय नेटवर्क के जरिए इसे पश्चिम बंगाल की कई फैक्ट्रियों में खपाया जाता था।ईडी की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि अवैध परिवहन के लिए “लाला पैड” नाम से नकली चालान जारी किए जाते थे। ये चालान ऐसी कंपनियों के नाम पर बनाए जाते थे जिनका वास्तविक अस्तित्व ही नहीं था। जब्त की गई संपत्तियों में शाकंभरी इस्पात एंड पावर लिमिटेड और गगन फेरोटेक लिमिटेड से जुड़ी अचल संपत्तियां, फिक्स्ड डिपॉजिट और म्यूचुअल फंड निवेश शामिल हैं।

आगे और बड़े खुलासों की उम्मीद

सूत्रों का कहना है कि ईडी अब एलबी सिंह से पूछताछ के आधार पर कोयला सिंडिकेट से जुड़े अन्य कारोबारियों और नेटवर्क की भी जांच तेज कर सकती है। एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि अवैध खनन से होने वाली कमाई को हवाला के जरिए कहां-कहां भेजा गया और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।

फिलहाल पूछताछ में क्या अहम तथ्य सामने आए हैं, इसे एजेंसी ने गोपनीय रखा है। लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।