Advertisement

धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद शहर के विकास को नई दिशा देने के लिए धनबाद नगर निगम ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। शनिवार को स्थायी समिति (स्टैंडिंग कमेटी) का गठन कर दिया गया, जिसके तहत 55 वार्डों को 11 जोनल कमेटियों में विभाजित किया गया है। इस फैसले से अब विकास कार्यों में तेजी आने और लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।

ADVERTISEMENT

यह भी पढ़ें: धनबाद: बलियापुर में पथराव के बाद पुलिस का एक्शन, 20 आरोपी गिरफ्तार, बाजार में निकाला जुलूस, भेजे गये जेल

बाबुडीह स्थित विवाह भवन में आयोजित बैठक में यह निर्णय सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक में मेयर संजीव सिंह, नगर आयुक्त आशीष गंगवार, डिप्टी मेयर अरुण चौहान तथा टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो सहित सभी पार्षद और अधिकारी मौजूद रहे।

55 वार्ड, 11 जोन—हर क्षेत्र पर होगी सीधी निगरानी

नगर निगम ने 55 वार्डों को 11 जोन में बांटते हुए प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी एक-एक पार्षद को सौंपी है। यानी हर पार्षद अब लगभग पांच वार्डों की निगरानी करेगा। जिन प्रमुख पार्षदों को यह जिम्मेदारी दी गई है, उनमें शामिल हैं— राममूर्ति सिंह, रामेश्वर तुरी, अशोक पाल, प्रिय रंजन, मनोरंजन कुमार, सोनाली कुमारी, जय कुमार, मेघा देवी, आलिम अंसारी, गणेश चंद्र महतो और निसार आलम। इन सभी को क्षेत्रवार विकास योजनाओं की निगरानी, शिकायतों का समाधान और प्राथमिकताओं का निर्धारण करने की जिम्मेदारी दी गई है।

क्यों खास है स्थायी समिति का गठन?

नगर निगम के प्रशासनिक ढांचे में स्थायी समिति को सबसे महत्वपूर्ण इकाई माना जाता है। इसके गठन से—

लंबित परियोजनाओं को गति मिलेगी
निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी
प्रशासनिक समन्वय बेहतर होगा
वार्ड स्तर पर जवाबदेही बढ़ेगी

अब हर जोन में एक जिम्मेदार प्रतिनिधि होगा, जिससे जनता सीधे संवाद कर सकेगी।

आम जनता को क्या मिलेगा फायदा?

जोनल कमेटियों के गठन का सीधा असर शहरवासियों पर दिखेगा। प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं—

वार्ड स्तर पर समस्याओं का त्वरित समाधान
विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग
कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता में सुधार
शिकायतों पर तेज कार्रवाई
बजट और योजनाओं पर फोकस

मेयर संजीव सिंह ने बताया कि नवगठित स्थायी समिति के साथ जल्द ही नगर निगम के बजट पर चर्चा होगी। 30 मार्च को होने वाली विशेष बोर्ड बैठक में विकास योजनाओं को अंतिम रूप देकर पारित किया जाएगा, ताकि उन्हें जल्द जमीन पर उतारा जा सके। वहीं विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने इसे नगर निगम के लिए “मील का पत्थर” बताते हुए कहा कि अब केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ तेजी से जनता तक पहुंचेगा।