धनबाद: झरिया में रातों-रात साइडिंग तक पहुंच रहा BCCL का कोयला, गुरपाल, सोनू, लकी, अमर, गणेश पर आरोप

धनबाद के झरिया कोयलांचल में अवैध कोयला खनन और तस्करी का बड़ा नेटवर्क उजागर। बीसीसीएल कोयला साइडिंग तक पहुंचाने में मिलीभगत के आरोप, कई नामों पर गंभीर सवाल।

धनबाद: झरिया में रातों-रात साइडिंग तक पहुंच रहा BCCL का कोयला, गुरपाल, सोनू, लकी, अमर, गणेश पर आरोप
कंगाली में बीसीसीएल व तस्कर हो रहे मालोमाल।

धनबाद (Threesocieties.com Desk): झरिया कोयलांचल में अवैध कोयला कारोबार एक बार फिर सुर्खियों में है। इलाके में धड़ल्ले से इलिगल कोल माइनिंग, ट्रांसपोर्टिंग और कारोबार चलने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि इस पूरे नेटवर्क पर कुछ स्थानीय माफियाओं का कब्जा है, जो खुलेआम कोयले की चोरी और सप्लाई कर रहे हैं। इनलोगों को लोकल पुलिस व सीआईएसएफ के साथ-साथ बीसीसीएल मैनेजमेंट का वरदहस्त प्राप्त है। 

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सूत्रों के मुताबिक, गुरपाल, सोनू, लकी, अमर, गणेश और बिट्टू नाम के लोगों का इस अवैध कारोबार पर दबदबा बताया जा रहा है। आरोप है कि बीसीसीएल की कोलियरियों से कोयला निकालकर सीआईएसएफ और स्थानीय पुलिस की कथित मिलीभगत से करीब 100 हाईवा के जरिए गौशाला (कांड्रा) साइडिंग तक पहुंचाया जा रहा है।

रात के अंधेरे में फल-फूल रहा कारोबार

जानकारी के अनुसार, बीसीसीएल के चंदन प्रोजेक्ट और भौंरा क्षेत्र से कोयला बड़े पैमाने पर हाईवा में लोड कर रात के समय साइडिंग तक भेजा जा रहा है। यह पूरा खेल इतनी व्यवस्थित तरीके से हो रहा है कि किसी प्रकार की रोक-टोक नहीं दिखती। झरिया में इन दिनों कोयले की खुली लूट की स्थिति बनी हुई है। कोयला माफिया बेखौफ होकर अवैध खनन और कारोबार को अंजाम दे रहे हैं।

इन इलाकों में सबसे ज्यादा सक्रियता

अवैध कोयला कारोबार झरिया के कई इलाकों में फैल चुका है। प्रमुख रूप से  सिंह नगर (झरिया थाना क्षेत्र), चांदकुइयां, कुजामा (तीसरा थाना क्षेत्र), 12 नंबर जंगल (लोदना ओपी), भौंरा, सुदामडीह थाना क्षेत्र (खटाल के पास) व  केंदुआडीह थाना क्षेत्र (कुमार मंगलम स्टेडियम के समीप) आदि इलाकों में खुलेआम कोयला इकट्ठा कर ट्रांसपोर्ट किया जा रहा है।

पारबाद और लक्ष्मी कोलियरी में भी ‘इलिगल माइंस’

सूत्रों का दावा है कि झरिया के पारबाद और लक्ष्मी कोलियरी क्षेत्र में अवैध खदानें (इलिगल माइंस) भी संचालित हो रही हैं। यहां से निकाला गया कोयला गौशाला साइडिंग भेजा जाता है। यहां गणेश, बिट्टू एवं इस्तियाक व शीतुल का इलिगल माइंस चल रहा है। भौंरा में गफ्फार व रामगढ़ के एक व्यक्ति का धंधा चल रहा है। यहां से हाईवा से कोयला सीधे गौशाला साईडिंग पहुंचाया जा रहा है।

बताया जाता है कि डीओ (डिलिवरी ऑर्डर) के कोयले की आड़ में चोरी के कोयले को ‘वैध’ बनाकर रैक के जरिए पावर प्लांट और अन्य जगहों पर भेजा जा रहा है। भौंरा, सुदामडीह चंद प्रोजेक्ट, तिसरा, लोदना,कुजामा आदि बीसीसीएल की कोलियरी से सीआइएसएफ व लोकल पुलिस की मिलीभगत से लगभग प्रत्येक रात लगभग 100 16 चक्का वाला हाईवा लदा कोयला गौशाला (कांड्रा) साइडिंग में पहुंच रहा है।

‘मिलीभगत’ के आरोप, सिस्टम पर सवाल

इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस, बीसीसीएल और सीआईएसएफ पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि इन एजेंसियों की आंखों के सामने यह अवैध कारोबार चल रहा है, जो बिना संरक्षण के संभव नहीं है।

करोड़ों की संपत्ति और बड़े कनेक्शन का दावा

सूत्रों के अनुसार, इस अवैध कारोबार से जुड़े गिरोहों ने भारी संपत्ति अर्जित कर ली है। सोनू गैंग के बारे में दावा किया जा रहा है कि वह बड़े अधिकारियों और सफेदपोशों से संबंध होने का हवाला देकर खुलेआम काम कर रहा है। राजनीतिक पहलू भी इस मामले में चर्चा में है, जहां आरोप है कि अलग-अलग दलों से जुड़े लोग भी इस नेटवर्क में शामिल हैं।

आरोप है कि सोनु गैंग अफसरों व सफेदपोशों के साथ संबंध होने का दावा करता है। सबसे आश्चर्य की बात है कि जेएमएम की सरकार में  अधिकांश बीजेपी से जुड़े लोग धड़ल्ले से अवैध कोल कारोबार कर रहे हैं। पुलिस के साथ-साथ बीसीसीएल मैनेजमेंट व सीआईएसएफ की मिलीभगत का आरोप लग रहा है।
जानकार सोर्सेज का कहना है कि गुरुपाल, सोनू व गणेश एंड कंपनी के खिलाफ जल्द ही ईडी व सीबीआई दिल्ली में लिखित कंपलेन की जाने की तैयारी है। कहा जा रहा है कि एक जन प्रतिनिधि ने इन दो नंबरी लोगों के खिलाफ सभी कागजी सबूत जुटा लिए हैं। मामले में दिल्ली में कंपलेन कर कार्रवाई की मांग की जायेगी।