धनबाद: सिंह मेंशन बमबारी का सच: अमन सिंह गैंग के गुर्गे ने किया बड़ा खुलासा, पर्चा फर्जी
धनबाद के सिंह मेंशन पर बमबारी मामले में बड़ा खुलासा। अमन सिंह गैंग के गुर्गे ने जिम्मेदारी लेने वाले पर्चे को बताया फर्जी। गैंगवार और नीरज सिंह हत्याकांड से जुड़ते दिखे तार।
- भाजपा विधायक रागिनी सिंह और पूर्व विधायक संजीव सिंह के आवास पर हमला
- सोशल मीडिया पर्चे से मचा था हड़कंप
- अब अमन सिंह गिरोह ने झाड़ा पल्ला
- गैंगवार की साजिश की आशंका
धनबाद (Threesocieties.com Desk)। धनबाद के सरायढेला स्थित झरिया की भाजपा विधायक रागिनी सिंह और पूर्व विधायक संजीव सिंह के आवास ‘सिंह मेंशन’ पर देर रात हुई बमबारी की घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है। रविवार रात करीब 11:20 बजे अज्ञात अपराधियों ने दो सुतली बम फेंके, जिनमें एक बम आवास परिसर के अंदर और दूसरा बाहर सड़क पर फटा।
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धमाकों की तेज आवाज से पूरा इलाका दहल उठा और आसपास के लोग नींद से जाग गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। अंधेरे का फायदा उठाकर हमलावर मौके से फरार हो गये।
वायरल पर्चे से मचा था हड़कंप
हमले के कुछ ही देर बाद सोशल मीडिया पर एक पर्चा वायरल हुआ, जिसमें खुद को गैंगस्टर अमन सिंह गिरोह का सदस्य बताते हुए शंकर सिंह नामक व्यक्ति ने इस बमबारी की जिम्मेदारी ली। पर्चे में धनबाद को “श्मशान” बनाने, व्यापारियों से रंगदारी वसूलने और “चुन-चुन कर मारने” जैसी खौफनाक धमकियां दी गईं। इस वायरल पत्र के बाद एक बार फिर धनबाद के अंडरवर्ल्ड कनेक्शन और पुराने गैंगवार की चर्चाएं तेज हो गईं।
अमन सिंह गैंग के आशीष शुक्ला का वीडियो – ‘हमारा कोई हाथ नहीं’
मामले में नया मोड़ तब आया जब अमन सिंह गिरोह के आशीष शुक्ला ने एक वीडियो जारी कर बड़ा खुलासा किया। आशीष शुक्ला ने साफ कहा कि सिंह मेंशन पर हुई बमबारी में अमन सिंह गैंग का कोई हाथ नहीं है। उसने दावा किया कि जो शंकर सिंह जिम्मेदारी ले रहा है, वह पूरी तरह फर्जी है और अमन सिंह गिरोह के नाम का दुरुपयोग कर लोगों को गुमराह कर रहा है। वीडियो में यह भी कहा गया कि वायरल पर्ची में लिखा गया नाम और दावा पूरी तरह मनगढ़ंत है।
पर्चा मौके से नहीं मिला, फिर वायरल कैसे हुआ?
पूर्व विधायक संजीव सिंह ने वायरल पर्चे की सत्यता पर गंभीर सवाल उठाये हैं। उन्होंने कहा कि धमाके के 10–15 सेकंड के भीतर सुरक्षाकर्मी और अन्य लोग गेट के बाहर पहुंच गए थे, लेकिन वहां कोई भी पर्चा नहीं मिला। संजीव सिंह का सवाल है कि जब मौके पर कोई भौतिक पर्चा मौजूद नहीं था, तो वह सोशल मीडिया तक कैसे पहुंचा? यह अपने आप में एक गहरी साजिश की ओर इशारा करता है।
नीरज सिंह हत्याकांड से जुड़ती कड़ियां
इस घटना के तार धनबाद के चर्चित नीरज सिंह हत्याकांड (2017) से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। पुलिस जांच में उस समय गैंगस्टर अमन सिंह को शूटर बताया गया था, जबकि संजीव सिंह पर साजिश का आरोप लगा था। अमन सिंह की दिसंबर 2023 में जेल के अंदर हत्या हो चुकी है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमन सिंह और संजीव सिंह के बीच पहले संबंध रहे हैं, तो फिर हमला उन्हीं के घर पर क्यों? नीरज सिंह मर्डर केस में एक्स एमएलए संजीव सिंह समेत सभी आरोपी कोर्ट से बरी हो चुके हैं।
पुलिस जांच में जुटी, निष्पक्ष जांच की मांग
घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी और सिटी एसपी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और देर रात तक जांच-पड़ताल की। इलाके की घेराबंदी कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। संजीव सिंह और विधायक रागिनी सिंह दोनों ने निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। रागिनी सिंह ने कहा कि वे ऐसी घटनाओं से डरने वाली नहीं हैं और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। संजीव सिंह ने वायरल पर्चे की सत्यता पर सवाल उठाते हुए कहा कि घटना के महज 10 से 15 सेकंड के भीतर सुरक्षाकर्मी और 7–8 अन्य लोग गेट के बाहर पहुंच गए थे, लेकिन उस समय वहां कोई भी भौतिक (फिजिकल) पर्चा मौजूद नहीं था। उन्होंने सवाल किया कि जब मौके पर कोई पर्चा नहीं मिला, तो वह सोशल मीडिया तक कैसे पहुंचा, इसकी जांच होनी चाहिए। संजीव सिंह ने बताया कि उन्होंने घटना से जुड़ी सभी जानकारियां वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारी को उपलब्ध करा दी हैं।
हमले की मंशा पर सवाल
सबसे बड़ा सवाल यही है—
क्या यह किसी गैंगवार की साजिश है?
क्या अमन सिंह गिरोह के नाम से भटकाने की कोशिश की गई?
या फिर किसी राजनीतिक/आपराधिक दुश्मनी का नया अध्याय?
इन सभी बिंदुओं पर पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है।






