झारखंड : अनुज सिन्हा समेत 4 सूचना आयुक्तों की नियुक्ति मंजूर, 25 हजार लंबित मामलों के निपटारे की उम्मीद

झारखंड में अनुज कुमार सिन्हा, तनुज खत्री, अमूल्य नीरज खलखो और शिवपूजन पाठक को सूचना आयुक्त नियुक्त करने के प्रस्ताव को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने मंजूरी दे दी है। छह वर्षों से रिक्त पदों पर नियुक्ति से 25 हजार लंबित RTI मामलों के निपटारे और पारदर्शिता को बल मिलने की उम्मीद है।

झारखंड : अनुज सिन्हा समेत 4 सूचना आयुक्तों की नियुक्ति मंजूर, 25 हजार लंबित मामलों के निपटारे की उम्मीद
मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति जल्द करने का भी राज्यपाल ने दिया निर्देश।

      HighLights

  • राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने चार नए सूचना आयुक्तों की नियुक्ति को दी मंजूरी
  • करीब छह वर्षों से रिक्त पड़े पदों पर होगी नियुक्ति
  • आयोग में लंबित लगभग 25 हजार आरटीआई मामलों के निपटारे की बढ़ी उम्मीद

रांची (Threesocieties.com Desk) : झारखंड में सूचना के अधिकार (RTI) व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने झारखंड राज्य सूचना आयोग में चार नए सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मंजूरी मिलने के बाद अब कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग जल्द ही अधिसूचना जारी करेगा, जिसके बाद नवनियुक्त आयुक्त शपथ लेकर अपना कार्यभार संभालेंगे।

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राज्य सूचना आयोग में वरिष्ठ पत्रकार अनुज कुमार सिन्हा, झामुमो के पूर्व प्रवक्ता तनुज खत्री, भाजपा के मीडिया प्रभारी रहे शिवपूजन पाठक तथा कांग्रेस नेता अमूल्य नीरज खलखो को सूचना आयुक्त बनाए जाने पर अंतिम मुहर लग गई है।

राज्यपाल ने सशर्त दी मंजूरी

राज्यपाल ने नियुक्ति प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि नियुक्ति प्रक्रिया में किसी प्रकार की प्रक्रियागत त्रुटि पाई जाती है या फिर सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुपालन को लेकर कोई प्रश्न उठता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।इसके साथ ही राज्यपाल ने सरकार को जल्द से जल्द मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया है, ताकि आयोग का कामकाज प्रभावी ढंग से संचालित हो सके।

पहले लौटाया गया था प्रस्ताव

जानकारी के अनुसार, राज्यपाल ने पहले अनुज सिन्हा को छोड़कर अन्य तीन नामों पर आपत्ति जताते हुए प्रस्ताव वापस भेज दिया था। उन्होंने राजनीतिक दलों से जुड़े व्यक्तियों की नियुक्ति को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था। साथ ही इन उम्मीदवारों पर किसी प्रकार के आपराधिक मामलों की जानकारी भी तलब की गई थी। राज्य सरकार द्वारा आवश्यक स्पष्टीकरण देने के बाद अब नियुक्ति प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई है।

छह वर्षों से खाली थे पद

झारखंड राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों के कई पद लगभग छह वर्षों से खाली पड़े थे। इसके कारण आयोग की कार्यप्रणाली लगभग ठप हो चुकी थी। आरटीआई के तहत दाखिल होने वाली द्वितीय अपीलों और शिकायतों की सुनवाई नहीं हो पा रही थी। सूत्रों के अनुसार आयोग में करीब 25 हजार मामले लंबित हैं। लंबे समय से आयोग में नियुक्तियों की मांग उठ रही थी और इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट में भी सुनवाई चल रही थी। ऐसे में सरकार पर नियुक्तियां करने का दबाव बढ़ता जा रहा था।

पारदर्शिता और सुशासन को मिलेगा बल

विशेषज्ञों का मानना है कि सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के बाद आरटीआई मामलों के निपटारे में तेजी आएगी। आम नागरिकों को सरकारी विभागों से सूचना प्राप्त करने के अधिकार को लेकर अधिक राहत मिलेगी। इससे सरकारी कामकाज में जवाबदेही और पारदर्शिता भी बढ़ेगी। सूचना आयोग लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण संस्था है, जो नागरिकों को सूचना के अधिकार कानून के तहत न्याय दिलाने का काम करती है। लंबे समय बाद आयोग में नियुक्तियां होने से राज्य की पारदर्शिता व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

कौन हैं नए सूचना आयुक्त?

अनुज कुमार सिन्हा

वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और झारखंड के सामाजिक-राजनीतिक विषयों के जानकार। लंबे समय से पत्रकारिता और जनसरोकार के मुद्दों से जुड़े रहे हैं।

तनुज खत्री

राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय चेहरा। कानून और जनहित के मुद्दों पर उनकी सक्रिय भागीदारी रही है।

अमूल्य नीरज खलखो

सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय व्यक्तित्व। विभिन्न सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहे हैं।

शिवपूजन पाठक

राजनीतिक और संगठनात्मक कार्यों का लंबा अनुभव रखने वाले वरिष्ठ नेता, जिन्होंने सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

क्या बदलेगा अब?

नई नियुक्तियों के बाद सूचना आयोग में लंबित हजारों मामलों की सुनवाई शुरू होने की उम्मीद है। इससे आम लोगों को सूचना पाने के अधिकार के लिए वर्षों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। साथ ही विभागों की जवाबदेही भी बढ़ेगी और राज्य में सुशासन को मजबूती मिलेगी।