घनुडीह में सिंह नेचुरल आउटसोर्सिंग पर दबंगई और फायरिंग का आरोप, मेयर ने ओबी डंपिंग पर लगायी रोक

झरिया के घनुडीह में ओबी डंपिंग को लेकर ग्रामीणों और कंपनी समर्थकों के बीच विवाद हो गया। मारपीट और हवाई फायरिंग के आरोपों के बीच पुलिस ने घटनास्थल से खोखा बरामद किया। मेयर संजीव सिंह ने मामले की निष्पक्ष जांच और उच्चस्तरीय बैठक तक कार्य रोकने की मांग की है।

घनुडीह में  सिंह नेचुरल आउटसोर्सिंग पर दबंगई और फायरिंग का आरोप, मेयर ने ओबी डंपिंग पर लगायी रोक
मौके पर पहुंचे मेयर संजीव सिंह।

     HighLights

  • घनुडीह चीनकोठी बस्ती के पास ओबी डंपिंग को लेकर विवाद
  • ग्रामीणों और कंपनी समर्थकों के बीच मारपीट, पुलिस ने एक खोखा बरामद किया
  • मेयर संजीव सिंह ने जांच और उच्चस्तरीय बैठक तक कार्य रोकने की मांग की

धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद के झरिया क्षेत्र स्थित घनुडीह चीनकोठी बस्ती के समीप सिंह नेचुरल आउटसोर्सिंग परियोजना के विस्तार को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ओबी (ओवरबर्डन) डंपिंग के विरोध में उतरे ग्रामीणों और कंपनी समर्थकों के बीच हुए टकराव ने पूरे इलाके का माहौल तनावपूर्ण बना दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान उनके साथ मारपीट की गई और दहशत फैलाने के लिए हवाई फायरिंग भी की गई।

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घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों के बीच भय का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही धनबाद के मेयर संजीव सिंह और घनुडीह ओपी प्रभारी पंकज कुमार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली।

आबादी के पास ओबी डंपिंग का विरोध

ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी द्वारा लंबे समय से आबादी वाले क्षेत्र के बिल्कुल समीप ओबी डंपिंग की जा रही है। इससे पर्यावरण प्रदूषण, धूलकण और सुरक्षा संबंधी गंभीर खतरे पैदा हो रहे हैं। ग्रामीण लगातार इसका विरोध कर रहे थे, लेकिन उनकी आपत्तियों के बावजूद डंपिंग का कार्य जारी रखा गया। ग्रामीणों के अनुसार, जब उन्होंने डंपिंग का विरोध किया तो कंपनी समर्थक बताए जा रहे करीब 30 लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध कर रहे लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान कई लोग घायल हुए।

हाथ टूटने का आरोप, फायरिंग से फैली दहशत

स्थानीय ग्रामीण सुनील कुमार मंडल ने आरोप लगाया कि विरोध के दौरान उनके साथ बुरी तरह मारपीट की गई, जिससे उनका हाथ टूट गया। उन्होंने दावा किया कि लोगों को डराने और आंदोलन को दबाने के उद्देश्य से हवाई फायरिंग भी की गई।हालांकि फायरिंग के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने घटनास्थल से एक खोखा बरामद किया है। इससे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि खोखा किस हथियार से संबंधित है और घटना के दौरान वास्तव में फायरिंग हुई थी या नहीं।

मेयर संजीव सिंह ने दिए जांच के निर्देश

घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे धनबाद के मेयर संजीव सिंह ने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीणों की स्पष्ट आपत्ति के बावजूद बस्ती के समीप ओबी डंपिंग की जा रही थी और विरोध करने वालों के साथ मारपीट तथा फायरिंग जैसी घटनाएं हुई हैं, तो यह बेहद चिंताजनक है।मेयर ने कहा कि समय पर पुलिस नहीं पहुंचती तो स्थिति और भयावह हो सकती थी। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

बैठक के बाद ही होगा आगे का काम

मेयर संजीव सिंह ने स्पष्ट किया कि जब तक जिला प्रशासन, कंपनी प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच उच्चस्तरीय बैठक कर विवाद का समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक विवादित स्थल पर ओबी डंपिंग या किसी भी नए कार्य की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी पक्षों को संवाद के माध्यम से समाधान निकालना होगा।

पुलिस जांच में जुटी

फिलहाल घनुडीह ओपी पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस सभी पक्षों से पूछताछ कर रही है और घटनास्थल से मिले खोखे समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना की वास्तविकता का पता लगाने का प्रयास कर रही है।घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और ग्रामीण प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई तथा अपनी सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। वहीं कंपनी की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।