इतिहास रचा धनबाद में: ममता पांडे बनीं बी.बी.एम.के. यू की पहली डी.लिट उपाधि प्राप्त छात्रा
बी.बी.एम.के. विश्वविद्यालय, धनबाद की पहली डी.लिट उपाधि प्राप्त छात्रा बनीं ममता पांडे। ऐतिहासिक उपलब्धि से परिवार, समाज और शिक्षा जगत गौरवान्वित।
धनबाद (Threesocieties.com Desk)। बी.बी.एम.के. (बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल) विश्वविद्यालय, धनबाद के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। ममता पांडे भाभी ने विश्वविद्यालय की सर्वोच्च अकादमिक उपाधि डॉक्टर ऑफ लिटरेचर (D.Litt.) सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर न केवल एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है, बल्कि वे यह सम्मान प्राप्त करने वाली विश्वविद्यालय की पहली छात्रा भी बन गयी हैं।
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ममता पांडे की इस ऐतिहासिक सफलता से न केवल उनका परिवार गौरवान्वित हुआ है, बल्कि पूरा समाज और शैक्षणिक जगत भी गर्व महसूस कर रहा है। शिक्षा, शोध और ज्ञान के क्षेत्र में उनका यह योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।

बताया जाता है कि ममता पांडे ने अपने शोध कार्य में अत्यंत गंभीरता, समर्पण और अनुशासन का परिचय दिया। वर्षों की मेहनत, सतत अध्ययन और बौद्धिक प्रतिबद्धता का परिणाम आज डी.लिट जैसी सर्वोच्च डिग्री के रूप में सामने आया है। विश्वविद्यालय के शिक्षकों और शोध समुदाय ने भी उनकी उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया है।
इस अवसर पर परिजनों, शुभचिंतकों, शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों की ओर से उन्हें लगातार बधाइयाँ मिल रही हैं। लोगों का कहना है कि ममता पांडे ने यह सिद्ध कर दिया है कि कठिन परिश्रम, लगन और शिक्षा के प्रति समर्पण से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उनकी यह उपलब्धि विशेष रूप से छात्राओं और महिलाओं के लिए प्रेरक मानी जा रही है, जो उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती हैं। ममता पांडे की सफलता ने धनबाद और झारखंड को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाई है






