धनबाद: 8.5 साल बाद ‘सिंह मेंशन’ में लौटी होली की धूम, मेयर संजीव सिंह-MLA रागिनी सिंह संग रंगों में डूबा शहर
धनबाद के सिंह मेंशन में 8.5 साल बाद भव्य होली मिलन समारोह आयोजित हुआ। मेयर संजीव सिंह और विधायक रागिनी सिंह के साथ हजारों समर्थक रंगों और फगुआ गीतों में झूमे।
धनबाद(Threesocieties.com Desk): कोयलांचल की सियासत का केंद्र माने जाने वाले सिंह मेंशन में सोमवार को साढ़े आठ साल बाद होली की रौनक एक बार फिर लौट आई। लंबे अंतराल के बाद आयोजित भव्य होली मिलन समारोह में रंग, गुलाल, ढोल-नगाड़ों और फगुआ गीतों के बीच पूरा माहौल उत्साह और उमंग से सराबोर हो गया।
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धनबाद के नवनिर्वाचित मेयर संजीव सिंह और झरिया विधायक रागिनी सिंह की ओर से स्टील गेट स्थित आवास पर इस खास आयोजन ने हजारों समर्थकों और क्षेत्रवासियों को एक मंच पर ला दिया।

8.5 साल बाद लौटी रौनक, ऐतिहासिक बना आयोजन
करीब साढ़े आठ वर्षों के लंबे इंतजार के बाद सिंह मेंशन परिसर में होली मिलन समारोह का आयोजन हुआ। सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ने लगी थी। पूरा परिसर अबीर-गुलाल से रंग गया और पारंपरिक होली गीतों की धुन पर लोग झूमते नजर आए। “होली खेले रघुवीरा” और “फगुनवा में रंग बरसे” जैसे गीतों ने माहौल को पूरी तरह फगुनिया बना दिया।
मेयर संजीव सिंह ने जताया आभार
मेयर संजीव सिंह ने समर्थकों के बीच पहुंचकर सभी को गुलाल लगाया और जीत के लिए जनता का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह जीत धनबाद की जनता के विश्वास की जीत है और वे शहर के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगे। उन्होंने कहा, “आज की खुशी सिर्फ होली की नहीं, बल्कि जनता के भरोसे की जीत की खुशी भी है।”
विधायक रागिनी सिंह ने गाए फगुआ गीत
विधायक रागिनी सिंह ने महिला मंडली के साथ पारंपरिक अंदाज में होली खेली और खुद फगुआ गीत गाकर माहौल को और भी खास बना दिया। महिलाओं ने अबीर-गुलाल लगाकर उनका स्वागत किया। गीत-संगीत के बीच पूरा वातावरण सौहार्द और उत्साह से भर गया।उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय बाद परिवार, समर्थकों और जनता के साथ एक साथ होली मनाना उनके लिए बेहद भावुक और ऐतिहासिक पल है।
जनसैलाब उमड़ा, रंगों में डूबा सिंह मेंशन
सुबह से ही सिंह मेंशन के अंदर और बाहर समर्थकों का तांता लगा रहा। ढोल-नगाड़ों की थाप, लोकगीतों की गूंज और रंगों की बौछार ने पूरे परिसर को उत्सव में बदल दिया। समर्थक घंटों तक नाचते-गाते रहे और इस आयोजन को यादगार बना दिया। लंबे समय बाद लौटी इस भव्यता ने एक बार फिर सिंह मेंशन की राजनीतिक और सामाजिक सक्रियता को केंद्र में ला दिया।






