INDI गठबंधन का बड़ा ऐलान: शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, CJI को पत्र समेत 5 मुद्दों पर बनी रणनीति
दिल्ली में हुई INDI गठबंधन की बैठक में 25 विपक्षी दलों ने 5 प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनाई। NEET पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, चुनावी धांधली को लेकर CJI को पत्र और बेरोजगारी-महंगाई पर सरकार को घेरने की रणनीति तय हुई।
HighLights
- दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में INDI गठबंधन की पहली बड़ी बैठक
- 25 विपक्षी दलों ने मिलकर 5 प्रमुख मुद्दों पर बनाई रणनीति
- NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
- चुनाव में धांधली और वोटर लिस्ट मुद्दे पर CJI को पत्र भेजने का फैसला
- महंगाई, बेरोजगारी और विदेश नीति को लेकर केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी
नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): 2024 लोकसभा चुनावों के बाद विपक्षी दलों के गठबंधन INDI की सोमवार को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में पहली बड़ी बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में 25 राजनीतिक दलों ने हिस्सा लिया और कई अहम मुद्दों पर चर्चा के बाद पांच प्रमुख एजेंडों पर सहमति बनाई गई। बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फैसलों की जानकारी दी और कहा कि विपक्ष इन मुद्दों को लेकर संयुक्त रूप से आगे लड़ाई लड़ेगा।
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बैठक ऐसे समय हुई है जब कई राज्यों में हालिया चुनावी नतीजों के बाद विपक्ष नई रणनीति बनाने में जुटा हुआ है। विपक्ष का फोकस चुनावी प्रक्रिया, शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और आर्थिक हालात जैसे मुद्दों पर केंद्रित रहा।
5 बड़े मुद्दों पर बनी सहमति
बैठक में जिन पांच मुद्दों पर सर्वसम्मति बनी, उनमें वोटर लिस्ट में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR), जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग, गैर-बीजेपी राज्य सरकारों के साथ भेदभाव, पेपर लीक मामले और आर्थिक मुद्दे शामिल हैं। विपक्ष का कहना है कि इन सभी विषयों पर वह संयुक्त रूप से अभियान चलाएगा और संसद से सड़क तक सरकार को घेरने का प्रयास करेगा।
चुनावी धांधली और वोटर लिस्ट पर CJI को पत्र
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया और वोटर लिस्ट से जुड़े मुद्दों को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजने पर सहमति बनी है। विपक्ष का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में कई गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, जिन्हें न्यायिक स्तर पर उठाया जाएगा।खड़गे ने कहा कि वोट की लूट और चुनाव में कथित गड़बड़ियों को लेकर विपक्ष जल्द ही अपना पक्ष मुख्य न्यायाधीश के सामने रखेगा।
NEET पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांग
बैठक में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को लेकर भी विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला। खड़गे ने कहा कि NEET और अन्य परीक्षाओं में लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ हुआ है, इसलिए शिक्षा मंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।विपक्ष का आरोप है कि लगातार पेपर लीक और परीक्षा प्रबंधन में गड़बड़ियों ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है।
महंगाई, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दे उठे
बैठक में आर्थिक हालात, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। विपक्ष ने मांग की कि केंद्र सरकार इन मुद्दों पर सर्वदलीय बैठक बुलाए और ठोस समाधान पेश करे।खड़गे ने कहा कि देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति चिंताजनक है और सरकार को विपक्ष के साथ मिलकर समाधान तलाशना चाहिए।
हर दो महीने होगी बैठक, संसद में बनेगी रणनीति
बैठक में यह भी तय किया गया कि विपक्षी गठबंधन हर दो महीने में बैठक करेगा ताकि संयुक्त रणनीति बनाई जा सके। संसद के मानसून सत्र के दौरान भी विपक्षी दल रोजाना समन्वय बैठकों के जरिए रणनीति तैयार करेंगे।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले महीनों में विपक्ष सड़क और संसद दोनों जगह अधिक आक्रामक रुख अपनाता दिखाई दे सकता है।






