धनबाद में अब चोरी नहीं, कोयले की डकैती! हथियारबंद गिरोह गजलीटांड़ डंप से 450 टन कोयला उठा ले गया

धनबाद के कतरास स्थित गजलीटांड़ कोल डंप से हथियारबंद अपराधियों ने सुरक्षाकर्मियों को बंधक बनाकर 450 टन कोयला लूट लिया। 45 लाख रुपये की इस बड़ी वारदात ने कोयलांचल की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

धनबाद में अब चोरी नहीं, कोयले की डकैती! हथियारबंद गिरोह गजलीटांड़ डंप से 450 टन कोयला उठा ले गया
सुरक्षाकर्मियों को बंधक बनाकर 45 लाख का कोयला लूटा।

     HighLights:

  • कतरास के गजलीटांड़ कोल डंप से हथियारबंद अपराधियों ने 450 टन कोयला लूट लिया
  • सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट कर उन्हें कंटेनर में बंद कर दिया गया
  • अपराधियों ने पिस्तौल दिखाकर गेट खुलवाया और हवाई फायरिंग भी की
  • 15 से 20 हाइवा और तीन जेसीबी मशीनों से करीब 45 लाख रुपये का कोयला ले जाया गया
  • घटना के बाद पुलिस, बीसीसीएल और सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका पर सवाल 

धनबाद (Threesocieties.com Desk): कोयला नगरी धनबाद लंबे समय से कोयला चोरी और कोयला माफियाओं की गतिविधियों के कारण सुर्खियों में रही है, लेकिन अब हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि चोरी की घटनाएं संगठित डकैती का रूप लेती दिखाई दे रही हैं। आरोप है कि हथियारबंद गिरोह अब आउटसोर्सिंग परियोजनाओं में घुसकर सैकड़ों टन कोयला खुलेआम उठा ले जा रहे हैं।

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ताजा मामला कतरास क्षेत्र स्थित गजलीटांड़ कोल डंप का है, जहां हथियारबंद अपराधियों ने सुरक्षाकर्मियों को बंधक बनाकर करीब 450 टन कोयला लूट लिया। इस घटना के बाद पूरे कोयलांचल में सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

पिस्तौल के बल पर खुलवाया गेट

जानकारी के अनुसार, कतरास क्षेत्र में संचालित आरके कोल माइंस प्राइवेट लिमिटेड (एएसजीकेसीसी) के गजलीटांड़ कोल डंप पर एक जुलाई की रात करीब 11:30 बजे काले रंग की स्कॉर्पियो से कुछ अज्ञात अपराधी पहुंचे। गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को कथित तौर पर पिस्तौल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई और मुख्य गेट खुलवाया गया। गेट खुलते ही चार से पांच अपराधी परिसर के अंदर घुस गए और वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान उनके मोबाइल फोन भी छीन लिए गए।

सुरक्षाकर्मियों को कंटेनर में किया बंद

शिकायत के अनुसार, कुछ ही देर में 15 से 20 अन्य लोग भी कोल डंप परिसर में पहुंच गए। अपराधियों ने सभी सुरक्षाकर्मियों को एक कंटेनर में बंद कर दिया ताकि वे किसी को सूचना नहीं दे सकें। इसके बाद गिरोह ने हवाई फायरिंग करते हुए पूरे डंप क्षेत्र पर कब्जा जमा लिया।

15 से 20 हाइवा और तीन जेसीबी से हुई कोयले की लूट

बताया जा रहा है कि अपराधियों ने करीब 15 से 20 हाइवा और तीन जेसीबी मशीनों की मदद से सुबह करीब 4:30 बजे तक लगातार कोयला लोड कराया। इस दौरान लगभग 450 टन कोयला वहां से उठा लिया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 45 लाख रुपये बताई जा रही है। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधियों ने सुरक्षाकर्मियों के मोबाइल फोन वापस कंटेनर में रख दिए और मौके से फरार हो गए।

घटना से पहले मिली थी धमकी

आउटसोर्सिंग कंपनी के अंदर कार्यरत बिहार सिक्योरिटी सर्विस के संचालक संजय शर्मा ने अंगारपथरा ओपी में लिखित शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि घटना से पहले क्षेत्र के कुछ लोगों ने कोल डंप का वीडियो बनाया था और सुरक्षाकर्मियों को धमकियां भी दी गई थीं। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि इस वारदात में उन्हीं लोगों की संलिप्तता हो सकती है।

मौके पर पहुंचे अधिकारी, जांच शुरू

घटना की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र के जीएम बीके झा समेत अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने सुरक्षाकर्मियों और कर्मचारियों से पूछताछ कर पूरी घटना की जानकारी ली। उधर, अंगारपथरा ओपी प्रभारी प्रवीण कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है और अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों पर उठे सवाल

धनबाद में लगातार सामने आ रही कोयला तस्करी और लूट की घटनाओं ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में कोयला, हाइवा और जेसीबी मशीनों की मदद से कई घंटों तक उठाया जाता रहा और किसी सुरक्षा एजेंसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करती हैं और क्या लूटा गया कोयला बरामद हो पाता है या नहीं।