भारतीय उद्यमी कुणाल शाह बने WhatsApp के नए ग्लोबल CEO, Meta ने CRED में लगाए ₹8550 करोड़
Meta ने CRED के फाउंडर कुणाल शाह को WhatsApp का नया ग्लोबल CEO बनाया है। ₹8550 करोड़ के निवेश के साथ Meta ने CRED में 20% हिस्सेदारी खरीदी है। जानिए कुणाल शाह की नेटवर्थ, करियर और इस बड़ी डील की पूरी कहानी।
नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): भारतीय स्टार्टअप जगत के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है। फिनटेक कंपनी CRED के संस्थापक कुणाल शाह अब दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp की वैश्विक कमान संभालेंगे। Meta ने CRED में 90 करोड़ डॉलर (करीब 8,550 करोड़ रुपये) के बड़े निवेश की घोषणा के साथ इस बदलाव की जानकारी दी है।
यह भी पढ़ें: बोकारो में तीन दोस्तों की संदिग्ध मौत की जांच CID के हवाले, रेलवे ट्रैक पर मिले शवों का खुल सकता है बड़ा राज
Some personal news. After nearly 7 years leading WhatsApp, I'm excited to share who will take over the responsibility of delivering simple, reliable, and private messaging for the world. WhatsApp is in the strongest position it's ever been — and that felt like the right moment to…
— Will Cathcart (@wcathcart) June 22, 2026
इस डील के तहत Meta, बेंगलुरु स्थित फिनटेक कंपनी CRED में लगभग 20 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करेगी। निवेश के बाद कंपनी की वैल्यूएशन करीब 4.5 अरब डॉलर (43 हजार करोड़ रुपये से अधिक) पहुंच गई है।
WhatsApp में शुरू होगा नया दौर
कुणाल शाह ने घोषणा की कि वह CRED के CEO के रूप में अपनी दैनिक और ऑपरेशनल जिम्मेदारियों से हट रहे हैं। हालांकि कंपनी में उनकी हिस्सेदारी और रणनीतिक भूमिका बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि WhatsApp आज दुनिया के सबसे भरोसेमंद डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में शामिल है, लेकिन इसकी संभावनाएं अभी भी बहुत बड़ी हैं। Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग और शीर्ष नेतृत्व टीम के साथ मिलकर वह WhatsApp को अगले स्तर तक ले जाने का काम करेंगे।
It’s been a minute.
— Kunal Shah (@kunalb11) June 22, 2026
2015–2018
- Exited FreeCharge. Spent time learning and investing.
- Pondered about: Why can't trust be rewarded? Started with $1M of personal capital.
- Launched CRED to reward people for paying credit card bills on time.
2019–2025
- Built a system run by a…
FreeCharge से शुरू हुआ अरबों का सफर
मुंबई के एक कारोबारी परिवार में जन्मे कुणाल शाह ने इंजीनियरिंग या MBA की डिग्री पूरी नहीं की। उन्होंने विल्सन कॉलेज से दर्शनशास्त्र (Philosophy) में स्नातक किया और NMIMS से MBA की पढ़ाई बीच में छोड़ दी। साल 2010 में उन्होंने FreeCharge की सह-स्थापना की। यह भारत के शुरुआती सफल डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म्स में शामिल रहा। 2015 में Snapdeal ने FreeCharge का अधिग्रहण लगभग 2,800 करोड़ रुपये में किया था। इसके बाद 2018 में उन्होंने CRED की शुरुआत की, जिसने समय पर क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान करने वाले ग्राहकों को रिवॉर्ड देने का अनोखा मॉडल पेश किया।
1.7 करोड़ यूजर्स तक पहुंचा CRED
CRED ने कुछ ही वर्षों में तेजी से विकास किया। कंपनी के अनुसार उसके 1.7 करोड़ से अधिक सदस्य हैं। कंपनी ने पेमेंट, लेंडिंग, इंश्योरेंस, कॉमर्स, वेल्थ मैनेजमेंट और क्रेडिट कार्ड सेवाओं में विस्तार किया है। वित्तीय वर्ष 2025 में कंपनी का राजस्व 2,700 करोड़ रुपये से अधिक रहा। 2026 में कंपनी ने अपना पहला लाभदायक (Profitable) क्वार्टर दर्ज किया है।
कितनी है कुणाल शाह की संपत्ति?
रिपोर्ट्स के अनुसार कुणाल शाह की कुल संपत्ति 15,000 करोड़ रुपये के आसपास आंकी जा रही है। उनकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा CRED में हिस्सेदारी, FreeCharge डील से मिली कमाई और 200 से ज्यादा स्टार्टअप्स में किए गए निवेश से आता है। दिलचस्प बात यह है कि कुणाल शाह लंबे समय तक CRED से बेहद कम प्रतीकात्मक वेतन लेने के लिए भी चर्चा में रहे हैं।
WhatsApp CEO के रूप में कितनी होगी सैलरी?
Meta के शीर्ष अधिकारियों के वेतन ढांचे को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि WhatsApp के ग्लोबल CEO के तौर पर कुणाल शाह का कुल सालाना पैकेज 40 करोड़ रुपये से लेकर 120 करोड़ रुपये तक हो सकता है। इसमें बेस सैलरी, परफॉर्मेंस बोनस और Meta के शेयर (RSUs) शामिल होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी वास्तविक कमाई का बड़ा हिस्सा Meta की इक्विटी और स्टॉक आधारित मुआवजे से आएगा।
Meta ने डेटा सुरक्षा को लेकर क्या कहा?
Meta और CRED दोनों ने स्पष्ट किया है कि निवेश के बावजूद Meta को CRED के ग्राहकों के व्यक्तिगत डेटा तक कोई पहुंच नहीं मिलेगी। कंपनी ने कहा कि यह केवल एक रणनीतिक निवेश है और यूजर प्राइवेसी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।
भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए बड़ा संदेश
कुणाल शाह का WhatsApp के शीर्ष पद तक पहुंचना भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। यह दिखाता है कि भारतीय उद्यमी अब केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वैश्विक तकनीकी कंपनियों का नेतृत्व भी कर सकते हैं।टेक जगत की नजर अब इस बात पर होगी कि कुणाल शाह WhatsApp को अगले चरण में किस तरह लेकर जाते हैं और Meta के विजन को किस तरह आगे बढ़ाते हैं।






