झारखंड: IPS एहतेशाम वकारिब बने जमशेदपुर केनए SSP, मनोज स्वर्गियारी को मिली सरायकेला की कमान

जमशेदपुर में हिमांशु सिंह हत्याकांड और बिगड़ी कानून-व्यवस्था के बाद झारखंड सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। IPS एहतेशाम वकारिब को जमशेदपुर का नया SSP और मनोज स्वर्गियारी को सरायकेला-खरसांवा का SP बनाया गया है।

झारखंड: IPS एहतेशाम वकारिब बने जमशेदपुर केनए SSP, मनोज स्वर्गियारी को मिली सरायकेला की कमान
जमशेदपुर और सरायकेला के नये पुलिस कप्तान।

       HighLights:

  • 2015 बैच के IPS अधिकारी एहतेशाम वकारिब को जमशेदपुर का नया SSP बनाया गया
  • 2018 बैच के IPS अधिकारी मनोज स्वर्गियारी बने सरायकेला-खरसांवा के नए SP
  • कानून-व्यवस्था में विफलता के आरोप में पूर्व SSP और SP को हटाया गया
  • हिमांशु सिंह हत्याकांड के बाद मुख्यमंत्री ने लिया बड़ा प्रशासनिक फैसला
  • कोल्हान में अपराध नियंत्रण के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को कैंप करने का निर्देश

रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड सरकार ने कोल्हान प्रमंडल में कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए खाली पड़े पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसांवा जिले के पुलिस प्रमुखों के पदों पर नई नियुक्तियां कर दी हैं।

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अपराध अनुसंधान विभाग में पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी एहतेशाम वकारिब को जमशेदपुर का नया एसएसपी नियुक्त किया गया है। वहीं, मनोज स्वर्गियारी को सरायकेला-खरसांवा जिले का नया एसपी बनाया गया है। वह इससे पहले धनबाद स्थित झारखंड सशस्त्र पुलिस-3 (जैप-3) गोविंदपुर में कमांडेंट के पद पर कार्यरत थे।

दोनों जिलों में एसएसपी और एसपी का पद मंगलवार से रिक्त था। राज्य सरकार ने हालात को देखते हुए तेजी से नए अधिकारियों की तैनाती कर दी है।

कानून-व्यवस्था में विफलता पर हुई कार्रवाई

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफलता और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित नहीं कर पाने के आरोप में पूर्वी सिंहभूम के तत्कालीन एसएसपी पीयूष पांडेय तथा उनकी पत्नी और सरायकेला-खरसांवा की तत्कालीन एसपी निधि द्विवेदी को उनके पद से हटा दिया था। दोनों अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय में योगदान देने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से सार्वजनिक की थी।

वरिष्ठ अधिकारियों को जमशेदपुर में कैंप करने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने हालात की गंभीरता को देखते हुए मनोज कौशिक, अनुरंजन किस्पोट्टा तथा कोल्हान के कमिश्नर को जमशेदपुर में कैंप करने का निर्देश दिया है। उन्हें कानून-व्यवस्था की लगातार निगरानी करने, अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा क्षेत्र में शांति व्यवस्था बहाल करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

हिमांशु सिंह हत्याकांड बना कार्रवाई की वजह

जमशेदपुर में 27 जून की रात विष्टुपुर स्थित डीडी क्लब में हुई एक घटना ने पूरे प्रशासन को झकझोर दिया था। बताया जाता है कि एक महिला के साथ बदसलूकी और छेड़खानी का विरोध करने पर करनी सेना के नेता 24 वर्षीय हिमांशु सिंह और उनके मित्र प्रत्युष सिंह पर हमला किया गया। आरोप है कि क्लब से बाहर निकलने के बाद अपराधियों ने दोनों युवकों पर लाठी-डंडों से हमला किया और बाद में चाकू से कई वार किए।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जान बचाने के लिए हिमांशु सिंह मौके पर मौजूद पुलिस पीसीआर वैन में घुस गए थे, लेकिन हमलावरों ने पुलिस की मौजूदगी में ही उन्हें वैन से बाहर खींच लिया और उन पर फिर से हमला कर दिया।

गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सोमवार रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद जमशेदपुर में तनाव का माहौल बन गया और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे।

सरकार का स्पष्ट संदेश

जमशेदपुर की घटना के बाद हुई यह प्रशासनिक कार्रवाई झारखंड सरकार की ओर से पुलिस अधिकारियों को दिया गया स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।अब नई जिम्मेदारी संभाल रहे एसएसपी एहतेशाम वकारिब और एसपी मनोज स्वर्गियारी के सामने कोल्हान क्षेत्र में अपराध नियंत्रण, जनता का विश्वास बहाल करने और पुलिसिंग को प्रभावी बनाने की बड़ी चुनौती होगी।