झारखंड: फहीम खान की रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट में संग्राम! हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ पहुंची राज्य सरकार

धनबाद के गैंगस्टर फहीम खान की प्री-मेच्योर रिलीज का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। राज्य सरकार ने झारखंड हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें छह महीने के भीतर रिहाई पर विचार करने को कहा गया था। जानिए पूरा मामला।

झारखंड: फहीम खान की रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट में संग्राम! हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ पहुंची राज्य सरकार
फहीम खान(फाइल फोटो)।

रांची (Threesocieties.com Desk): धनबाद के चर्चित गैंगस्टर फहीम खान की प्री-मेच्योर रिलीज (समय पूर्व रिहाई) का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। झारखंड सरकार ने झारखंड हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें राज्य सरकार को छह महीने के भीतर फहीम खान की रिहाई पर विचार करने का निर्देश दिया गया था। इस घटनाक्रम के बाद यह मामला एक बार फिर कानूनी और राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।

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हाईकोर्ट ने दिया था छह महीने में फैसला लेने का निर्देश

फहीम खान ने अपनी रिहाई को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वर्ष 1984 की नीति के आधार पर फहीम खान की रिहाई के सवाल पर विचार किया जाए। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि यदि कैदी ने निर्धारित अवधि पूरी कर ली है और अन्य शर्तें पूरी होती हैं तो सरकार को छह महीने के भीतर इस मामले में निर्णय लेना चाहिए।

राज्य सरकार क्यों पहुंची सुप्रीम कोर्ट?

हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद झारखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सरकार का तर्क है कि ऐसे मामलों में केवल सजा की अवधि पूरी होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि कई अन्य पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की है।

सुप्रीम Court में क्या हुआ?

राज्य सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने सुनवाई की। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने संबंधित पक्षों को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही मामले की अगली सुनवाई जुलाई महीने में निर्धारित की गई है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर अंतिम फैसला नहीं दिया है।

20 साल से ज्यादा समय से जेल में बंद हैं फहीम खान

जानकारी के मुताबिक, फहीम खान 20 साल से अधिक समय जेल में बिता चुके हैं। उनकी सजा की अवधि पूरी हो चुकी बताई जाती है, लेकिन इसके बावजूद सजा पुनरीक्षण बोर्ड द्वारा उनके आवेदन पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया। बताया जाता है कि पूर्व में उनकी रिहाई की मांग को खारिज कर दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने न्यायालय का रुख किया।

अब आगे क्या?

अब इस पूरे मामले में नजर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर रहेगी। यदि सुप्रीम कोर्ट राज्य सरकार की दलीलों को स्वीकार करता है, तो हाईकोर्ट के आदेश पर असर पड़ सकता है। वहीं यदि हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा जाता है तो फहीम खान की रिहाई पर विचार की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। धनबाद और झारखंड की राजनीति एवं अपराध जगत से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।