45 की उम्र में इतिहास रचते नितिन नवीन बने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, निर्विरोध मिली देश की सबसे बड़ी पार्टी की कमान

नितिन नवीन को भारतीय जनता पार्टी का निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। 45 वर्ष की उम्र में देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी की कमान संभालने वाले वे सबसे युवा नेताओं में शामिल हो गए हैं।

45 की उम्र में इतिहास रचते नितिन नवीन बने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, निर्विरोध मिली देश की सबसे बड़ी पार्टी की कमान
नितिन नबीन बने भाजपा के नये राष्ट्रीय अध्यक्ष।

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल गया है। वरिष्ठ नेता नितिन नवीन को पार्टी का निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। रिटर्निंग ऑफिसर के. लक्ष्मण ने घोषणा की कि नितिन नवीन के पक्ष में कुल 37 सेट नामांकन पत्र दाखिल किए गए, जो सभी वैध पाए गए। किसी अन्य उम्मीदवार द्वारा नामांकन नहीं किए जाने के कारण उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया।

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इस ऐतिहासिक मौके पर नितिन नवीन ने मात्र 45 वर्ष की उम्र में देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी की कमान संभालकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वे भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्षों में शामिल हो गए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी सहित शीर्ष नेताओं का मिला समर्थन

नितिन नवीन के नाम का प्रस्ताव रखने वालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल थे। यह उनके प्रति पार्टी नेतृत्व के गहरे विश्वास को दर्शाता है। नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव, किरण रिजिजू सहित अनेक वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और कई राज्यों के नेताओं ने अतिरिक्त नामांकन पत्र दाखिल कर नितिन नवीन के लिए व्यापक समर्थन को रेखांकित किया।

कैसे होता है भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव?

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव पार्टी की राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषदों के प्रतिनिधियों से बने निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। इस प्रक्रिया की देखरेख पार्टी के राष्ट्रीय रिटर्निंग ऑफिसर करते हैं। नियमों के अनुसार, किसी उम्मीदवार के नाम का प्रस्ताव कम-से-कम पांच राज्यों से आना आवश्यक होता है और प्रस्तावक बनने के लिए पार्टी की 15 वर्ष की सक्रिय सदस्यता अनिवार्य है। नितिन नवीन इन सभी मानकों पर खरे उतरे।

नितिन नवीन के सामने बड़ी चुनौतियां

राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के साथ ही नितिन नवीन के सामने संगठन और राजनीति दोनों स्तरों पर कई अहम चुनौतियां होंगी।

1. दक्षिण भारत में भाजपा का विस्तार

भाजपा अब भी तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना जैसे राज्यों में सीमित प्रभाव रखती है। कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में सफलता के बावजूद दक्षिण भारत में पूर्ण विस्तार पार्टी का अधूरा सपना है।

2. युवा जोश और वरिष्ठ अनुभव में संतुलन

सबसे कम उम्र के अध्यक्षों में शामिल नितिन नवीन को युवा नेताओं की ऊर्जा और वरिष्ठ नेताओं के अनुभव के बीच बेहतर तालमेल बिठाना होगा।

3. सत्ता विरोधी लहर से निपटना

भाजपा कई राज्यों में लंबे समय से सत्ता में है। ऐसे में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, असम, त्रिपुरा जैसे राज्यों में सरकार और संगठन के बीच समन्वय बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी।

14 करोड़ सदस्यों वाली दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी

भाजपा आज लगभग 14 करोड़ सदस्यों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है और देश के दो दर्जन से अधिक राज्यों में सत्ता में है। संगठनात्मक मजबूती को बनाए रखते हुए नए क्षेत्रों में विस्तार करना नितिन नवीन की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। नितिन नवीन का निर्विरोध चयन न केवल पार्टी के भीतर उनकी स्वीकार्यता को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि भाजपा अब युवा नेतृत्व पर बड़ा दांव लगाने के मूड में है। आने वाले वर्षों में उनके नेतृत्व में भाजपा किस दिशा में आगे बढ़ेगी, इस पर पूरे देश की नजर रहेगी।