अब मोबाइल और ईमेल पर आयेगा पुलिस का समन, झारखंड में शुरू होगी ई-समन व्यवस्था
झारखंड पुलिस अब संदिग्धों और आरोपितों को मोबाइल व ईमेल के माध्यम से ई-समन भेजेगी। नई डिजिटल व्यवस्था से समन की प्रक्रिया तेज होगी, मैनपावर और कागज की बचत होगी तथा अदालत की कार्रवाई में देरी कम होगी।
- समय और मैनपावर की होगी बड़ी बचत
रांची(Threesocieties.com Desk)। झारखंड पुलिस अब पारंपरिक कागजी प्रक्रिया से आगे बढ़ते हुए डिजिटल पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य में अब संदिग्धों और आरोपितों को मोबाइल फोन और ई-मेल के माध्यम से ई-समन (E-Summon) भेजा जा सकेगा। इससे पुलिस को समन तामिला कराने में लगने वाला समय कम होगा और मैनपावर के साथ-साथ कागज की भी बड़ी बचत होगी।
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पुलिस मुख्यालय ने इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत राज्य के सभी जिलों में ई-समन प्रणाली के संचालन के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे, जो अपने-अपने जिले में इस डिजिटल व्यवस्था को लागू कराएंगे।
हर जिले में नियुक्त होंगे नोडल अधिकारी
पुलिस मुख्यालय की ओर से सीसीटीएनएस के नोडल पदाधिकारी सह डीआईजी जैप कार्तिक एस. ने इस संबंध में रांची, जमशेदपुर और धनबाद समेत सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को पत्र भेजकर आवश्यक निर्देश दिए हैं।पत्र में कहा गया है कि प्रत्येक जिले में ई-समन एप के संचालन के लिए जिला नोडल अधिकारी नामित कर उनका विवरण 8 मार्च तक पुलिस मुख्यालय को भेजा जाए।यह नोडल अधिकारी अपने यूजर आईडी के माध्यम से जिले के विभिन्न थानों के अधिकारियों के लिए अलग-अलग यूजर आईडी तैयार करेंगे, ताकि समन भेजने की पूरी प्रक्रिया डिजिटल तरीके से संचालित हो सके।
CCTNS सिस्टम के माध्यम से होगा संचालन
यह पूरी व्यवस्था क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (CCTNS) के माध्यम से लागू की जाएगी। इसके लिए नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC), नई दिल्ली ने एक विशेष ई-समन एप्लीकेशन विकसित किया है। इस एप के माध्यम से अदालत से समन जारी होने से लेकर उसके तामिला तक की पूरी प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से पूरी की जा सकेगी।
नये आपराधिक कानूनों के अनुरूप होगी व्यवस्था
झारखंड में लागू की जा रही यह व्यवस्था नए आपराधिक कानूनों के अनुरूप तैयार की गई है। इसमें मुख्य रूप से—
भारतीय न्याय संहिता (BNS)
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS)
भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)
के प्रावधानों को ध्यान में रखा गया है। इन नए कानूनों में डिजिटल प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है।
समन प्रक्रिया में आयेगी तेजी
वर्तमान में समन भेजने की पारंपरिक प्रक्रिया में कई बार काफी समय लग जाता है। कई मामलों में पुलिसकर्मियों को खुद जाकर समन तामिला कराना पड़ता है, जिससे समय और संसाधन दोनों खर्च होते हैं।
नई ई-समन प्रणाली लागू होने के बाद:
समन सीधे मोबाइल या ई-मेल पर भेजा जा सकेगा
समन की रियल-टाइम ट्रैकिंग संभव होगी
देरी और दस्तावेज खोने की समस्या कम होगी
अदालत की प्रक्रिया में तेजी आएगी
स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि ई-समन प्रणाली लागू होने से पुलिस की कार्यशैली तेज, पारदर्शी और अधिक जवाबदेह बनेगी। साथ ही यह पहल झारखंड में स्मार्ट पुलिसिंग और डिजिटल प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।नई व्यवस्था लागू होने के बाद झारखंड पुलिस की समन तामिला प्रक्रिया पूरी तरह आधुनिक और तकनीक आधारित हो जाएगी, जिससे न्यायिक प्रक्रिया को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।






