झारखंड राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस-झामुमो में बनी सहमति, एक-एक सीट पर लड़ेंगे; प्रणव झा और बैद्यनाथ राम पर लगी मुहर
झारखंड राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और झामुमो के बीच सीट शेयरिंग को लेकर बनी सहमति के बाद महागठबंधन में नाराजगी खत्म होती दिख रही है। कांग्रेस ने प्रणव झा और झामुमो ने बैद्यनाथ राम को उम्मीदवार बनाया है।
HighLights
- महागठबंधन की गलतफहमियां दूर, कांग्रेस-झामुमो में बनी सहमति
- राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस और झामुमो एक-एक सीट पर लड़ेंगे
- प्रणव झा और बैद्यनाथ राम के नामों पर लगी अंतिम मुहर
- भूपेश बघेल बोले- दोनों सीटें महागठबंधन की झोली में जाएंगी
- RJD और माले ने भी समर्थन देकर एकजुटता का संदेश दिया
रांची (Threesocieties.com Desk) : झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर पिछले कई दिनों से चल रही महागठबंधन के अंदर की खींचतान अब लगभग समाप्त होती दिख रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कांग्रेस नेताओं की अहम मुलाकात के बाद कांग्रेस और झामुमो के बीच राज्यसभा सीटों के बंटवारे पर सहमति बन गई है। अब दोनों दल एक-एक सीट पर अपने उम्मीदवार उतारेंगे, जिससे महागठबंधन की दोनों सीटों पर जीत लगभग तय मानी जा रही है।
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राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने लंबे समय से पार्टी नेतृत्व के करीबी रहे प्रणव झा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा ने पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम पर भरोसा जताया है। उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही राजनीतिक गलियारों में चल रही अटकलों पर विराम लग गया है।
हेमंत सोरेन से मुलाकात के बाद बदले राजनीतिक संकेत
शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात करने पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पर्यवेक्षक भूपेश बघेल तथा अजय शर्मा की करीब दो घंटे तक चली बैठक को निर्णायक माना जा रहा है। बैठक खत्म होने के बाद दोनों नेताओं के चेहरे पर संतोष और विश्वास साफ नजर आया।मीडिया से बातचीत में भूपेश बघेल ने कहा कि महागठबंधन पूरी तरह एकजुट है और दोनों सीटों पर जीत दर्ज करेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गठबंधन के भीतर किसी तरह की गलतफहमी नहीं है।
कांग्रेस आलाकमान ने झोंकी पूरी ताकत
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस आलाकमान ने प्रणव झा की जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत लगा दी है। इससे पहले तेलंगाना के डिप्टी सीएम भी रांची पहुंचे थे और अब भूपेश बघेल व अजय शर्मा को भेजा गया। अजय शर्मा ने कहा कि राजनीति में अंतिम निर्णय नेतृत्व का होता है और झारखंड में भी वही होगा जो कांग्रेस और झामुमो का शीर्ष नेतृत्व तय करेगा।
कांग्रेस नेताओं का एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत
रांची एयरपोर्ट पहुंचने पर भूपेश बघेल और अजय शर्मा का कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश समेत कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि पार्टी इस चुनाव को पूरी गंभीरता से लड़ रही है।
RJD और माले ने भी दिया समर्थन
महागठबंधन की एकजुटता को और मजबूती तब मिली जब राजद और भाकपा माले ने भी झामुमो और कांग्रेस उम्मीदवारों को समर्थन देने की बात दोहराई।राजद नेताओं का कहना है कि गठबंधन के सभी दल जानते हैं कि एक-दूसरे के सहयोग के बिना जीत संभव नहीं है, इसलिए सभी दल साथ रहेंगे। वहीं भाकपा माले ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही महागठबंधन की संयुक्त बैठक बुलाकर औपचारिक घोषणा भी कर दी जाएगी।
दोनों सीटों पर जीत की संभावना मजबूत
वर्तमान राजनीतिक समीकरणों को देखें तो कांग्रेस और झामुमो द्वारा एक-एक उम्मीदवार उतारने के बाद महागठबंधन की स्थिति काफी मजबूत दिखाई दे रही है। अगर सहयोगी दलों का समर्थन इसी तरह बना रहा, तो दोनों सीटों पर महागठबंधन की जीत लगभग तय मानी जा रही है। राज्यसभा चुनाव से पहले महागठबंधन में बनी यह सहमति न केवल राजनीतिक संदेश देती है, बल्कि आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।






