धनबाद कांग्रेस में बढ़ी कलह, प्रदेश नेतृत्व सख्त; जांच को उतरी 2 सदस्यीय टीम

धनबाद जिला कांग्रेस में बढ़ती अंतर्कलह और बयानबाजी को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस सख्त हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर दो सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है, जो एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपेगी।

धनबाद कांग्रेस में बढ़ी कलह, प्रदेश नेतृत्व सख्त; जांच को उतरी 2 सदस्यीय टीम
धनबाद कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई पर हाईकमान अलर्ट।

HighLights:

  • धनबाद कांग्रेस में नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ रहा विवाद
  • प्रदेश कांग्रेस ने बनाई दो सदस्यीय जांच कमेटी
  • एक सप्ताह के भीतर धनबाद पहुंचकर रिपोर्ट देगी टीम
  • संगठन की छवि खराब होने पर हाईकमान ने लिया संज्ञान
  • रिपोर्ट के आधार पर हो सकती है अनुशासनात्मक कार्रवाई

धनबाद (Threesocieties.com Desk) : धनबाद जिला कांग्रेस में लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान अब प्रदेश नेतृत्व तक पहुंच गई है। नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच लगातार बढ़ रही बयानबाजी और संगठन के भीतर उभरते विरोधाभास को गंभीरता से लेते हुए झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सख्त रुख अपनाया है। प्रदेश नेतृत्व ने मामले की जांच और संगठनात्मक समन्वय के लिए दो सदस्यीय टीम का गठन किया है।

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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के निर्देश पर गठित इस टीम में वरिष्ठ नेता सुरेन्द्र सिंह और डॉ. एम. तोसीफ को शामिल किया गया है। दोनों नेताओं को निर्देश दिया गया है कि वे एक सप्ताह के भीतर धनबाद पहुंचकर विवाद से जुड़े सभी पक्षों से बातचीत करें, लिखित बयान लें और पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय को सौंपें।

बयानबाजी से संगठन की छवि पर असर

प्रदेश कांग्रेस महासचिव (संगठन एवं प्रशिक्षण) सुनीत शर्मा द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि जिला कांग्रेस कमेटी और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच लगातार हो रही सार्वजनिक बयानबाजी से संगठन के भीतर असहज स्थिति बन रही है। इसका असर न केवल पार्टी की छवि पर पड़ रहा है, बल्कि संगठनात्मक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।

सूत्रों की मानें तो प्रदेश नेतृत्व को लगातार यह शिकायत मिल रही थी कि पार्टी के अंदर गुटबाजी और सार्वजनिक बयानबाजी से कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति कमजोर हो रही है। यही कारण है कि अब प्रदेश स्तर पर हस्तक्षेप किया गया है।

विरोधी गुट लगातार उठा रहे सवाल

धनबाद कांग्रेस में पिछले कुछ समय से अंतर्कलह खुलकर सामने आती रही है। पार्टी से निष्कासित एक गुट और विरोधी खेमे के नेताओं के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। स्थिति यहां तक पहुंच चुकी है कि विरोधी गुट के कुछ नेताओं ने जिला नेतृत्व से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि इस विवाद का जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले समय में इसका असर संगठन की जमीनी मजबूती और चुनावी रणनीति पर भी पड़ सकता है।

रिपोर्ट के बाद हो सकती है बड़ी कार्रवाई

प्रदेश कांग्रेस ने जांच टीम को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वह सभी तथ्यों को एकत्र कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करे। माना जा रहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद संगठन अनुशासन बनाए रखने, गुटबाजी खत्म करने और आवश्यक कार्रवाई करने की दिशा में निर्णय ले सकता है।फिलहाल, प्रदेश नेतृत्व के इस कदम से साफ संकेत मिल रहे हैं कि अब धनबाद कांग्रेस में लंबे समय से चल रही अंदरूनी लड़ाई को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।