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HighLights

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  • धनबाद में ऊंची बिल्डिंग, अस्पताल और मॉल का होगा फायर सेफ्टी ऑडिट
  • उपायुक्त आदित्य रंजन ने अधिकारियों को जारी किया निर्देश
  •  संभावित अग्नि खतरों की पहचान कर सुरक्षा उपाय मजबूत करने पर जोर
  • हाल के अग्निकांडों के बाद जिला प्रशासन सतर्क

धनबाद (Threesocieties.com Desk): देश के विभिन्न हिस्सों में लगातार सामने आ रही अग्निकांड की घटनाओं के बीच धनबाद जिला प्रशासन अब सतर्क मोड में आ गया है। संभावित दुर्घटनाओं को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जिला प्रशासन ने जिले की ऊंची इमारतों, अस्पतालों, मॉल और अन्य संवेदनशील स्थलों का फायर सेफ्टी ऑडिट कराने का फैसला लिया है।

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उपायुक्त-सह-अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार, धनबाद, श्री आदित्य रंजन ने संबंधित अधिकारियों को फायर सेफ्टी ऑडिट कराने का निर्देश जारी किया है। प्रशासन का मानना है कि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और कमियों की पहचान कर संभावित बड़े हादसों को रोका जा सकता है।

हालिया अग्निकांडों के बाद बढ़ी चिंता

उपायुक्त ने कहा कि हाल के दिनों में देश के विभिन्न स्थानों पर आग लगने की घटनाओं की सूचनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में धनबाद जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में सुरक्षा मानकों की जांच बेहद जरूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि ऊंची इमारतों, अस्पतालों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।

कई विभागों को सौंपी गई जिम्मेदारी

फायर सेफ्टी ऑडिट की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए नगर आयुक्त, उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन और जिला अग्निशमन पदाधिकारी को संयुक्त रूप से कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। सभी विभागों को अपने-अपने स्तर पर संभावित खतरों की पहचान कर रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।

ऑडिट में क्या-क्या होगा जांच?

फायर सेफ्टी ऑडिट के दौरान भवनों में मौजूद संभावित अग्नि खतरों की पहचान की जाएगी। साथ ही भवनों में लगे फायर फाइटिंग सिस्टम, आपातकालीन निकासी व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों की स्थिति और सुरक्षा मानकों के अनुपालन की समीक्षा की जाएगी।प्रशासन का मानना है कि इस प्रक्रिया से न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि भवन मालिकों और संस्थानों को भी सुरक्षा मानकों को लेकर जागरूक किया जा सकेगा।

संभावित हादसों को रोकना प्राथमिकता

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल औपचारिक जांच नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। फायर सेफ्टी ऑडिट के बाद यदि कहीं कमियां पाई जाती हैं तो उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे।धनबाद में बढ़ती आबादी, तेजी से बन रही ऊंची इमारतों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बीच यह कदम सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है।